खेल

Para Taekwondo : जिंदल आशा के विशेष खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते तीन पदक

पैरा ताइक्वांडो (Para Taekwondo) में जिंदल आशा (Jindal Asha) के विशेष खिलाड़ियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित पांचवीं पैरा इंडिया ताइक्वांडो राष्ट्रीय प्रतियोगिता (Para India Taekwondo National Championship) में खिलाड़ियों ने एक रजत और दो कांस्य पदक जीतकर रायगढ़ और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन अब विश्व पैरा ताइक्वांडो प्रतियोगिता (World Para Taekwondo Championship) में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाएगा।

एक रजत और दो कांस्य पदक पर किया कब्जा

देशभर के विभिन्न राज्यों के लगभग 80 पैरा खिलाड़ियों (Para Taekwondo)  की मौजूदगी वाली इस प्रतियोगिता में जिंदल आशा के खिलाड़ियों ने लगातार तीसरी बार शानदार प्रदर्शन किया। अफरोज खान ने रजत पदक, जबकि सीतेश चौहान और दीपक चौहान ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया कि उचित प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर विशेष बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

विश्व प्रतियोगिता में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व Para Taekwondo

पैरा ताइक्वांडो (Para Taekwondo)   रायगढ़ के कोच मोहन आदित्य ने बताया कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन आगामी विश्व पैरा ताइक्वांडो प्रतियोगिता (World Para Taekwondo Championship) के लिए किया जाएगा। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत और जिंदल आशा द्वारा दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण का परिणाम है।

खेल, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस

शालू जिंदल के मार्गदर्शन में संचालित जिंदल आशा (Jindal Asha) विशेष बच्चों के समग्र विकास के लिए कार्य कर रहा है। यहां बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं की पहचान कर उन्हें खेल, शिक्षा, कला और कौशल विकास के क्षेत्र में विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान का उद्देश्य विशेष बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

अधिकारियों ने दी खिलाड़ियों को बधाई

जिंदल स्टील लिमिटेड (Jindal Steel Limited) रायगढ़ के कार्यकारी निदेशक देबोज्योति रॉय ने खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि जिंदल आशा विशेष बच्चों की प्रतिभा निखारने का सशक्त मंच बन चुका है। वहीं सीएसआर प्रमुख अपूर्व चौधरी ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि विशेष बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करना है। जिंदल आशा के प्रभारी गौरव कपूर ने विश्वास जताया कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करते रहेंगे।

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