क्राइमछत्तीसगढ़

Kotri Ki Maut News : प्यास से बेहाल जंगल से निकला कोटरी, गांव में कुत्तों का शिकार बना

Ambikapur News : चिलचिलाती गर्मी और जंगलों में सूखते जलस्रोत अब वन्यजीवों (Kotri Ki Maut News) के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। सरगुजा जिले के अंबिकापुर से लगे खैरबार गांव में एक कोटरी (हिरण प्रजाति) की कुत्तों के हमले से मौत हो गई। यह वन्यजीवों की मौत का मामला (Ambikapur Wildlife News) क्षेत्र में चिंता का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार, खैरबार गांव में पूर्व सरपंच धरमसाय के खेत के पास नहर किनारे एक कोटरी देखा गया। वह पहले से ही घायल अवस्था में था और उसके पीछे आवारा कुत्तों का झुंड पड़ा हुआ था। गांव के निवासी कुमार दास ने तत्परता दिखाते हुए कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल कोटरी की मौके पर ही मौत (Kotri Ki Maut News) हो गई।

ग्रामीणों का कहना है कि कोटरी (Kotri Ki Maut News) पहले से ही घायल था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसे किसी ने शिकार की मंशा से नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद कुत्तों के हमले ने उसकी जान ले ली। यह पूरा घटनाक्रम वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और इसे (Ambikapur Wildlife News) के रूप में देखा जा रहा है।

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चीतल भी पहुंचा था गांव Kotri Ki Maut News

गौरतलब है कि बीते सप्ताह भी इसी क्षेत्र में एक चीतल भटककर बस्ती में पहुंच गया था। ग्रामीणों ने उसे कुत्तों से बचा लिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी भी मौत हो गई। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन्यजीवों के संरक्षण पर चिंता बढ़ा दी है। इस तरह की घटनाएं अब (Ambikapur Wildlife News) में लगातार सामने आ रही हैं।

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ग्रामीणों के अनुसार, खैरबार और आसपास के क्षेत्रों में हिरण, चीतल और कोटरी जैसे वन्यजीव अक्सर चेन्द्रा और लालमाटी के जंगलों से भटककर गांवों में पहुंच जाते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में जब जंगलों में पानी और चारे की कमी हो जाती है, तब वे मजबूरी में आबादी क्षेत्रों की ओर रुख करते हैं। यह स्थिति (Ambikapur Wildlife News) का प्रमुख कारण बनती जा रही है।

तेजी से सिमट रहा जंगल Kotri Ki Maut News

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जंगलों में लगातार अवैध कटाई और वनभूमि पर अतिक्रमण के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास तेजी से सिमटता जा रहा है। इससे उनके सामने भोजन और पानी का संकट गहराता जा रहा है, जिसके चलते वे गांवों की ओर आ रहे हैं और असुरक्षित परिस्थितियों में अपनी जान गंवा रहे हैं।

घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग द्वारा न तो जंगलों में पर्याप्त जलस्रोतों की व्यवस्था की जा रही है और न ही अवैध कटाई पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। हर साल गर्मी के मौसम में इस तरह के वन्यजीव मौत के मामले (Ambikapur Wildlife News) सामने आते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

 

 

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