छत्तीसगढ़

Urban Bodies Salary Allocation : सरकार का होली का बड़ा तोहफा, शासकीय कर्मचारियों के लिए 62.85 करोड़ की राशि जारी

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस नगरीय निकाय वेतन आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) का मुख्य उद्देश्य निकायों के वित्तीय स्वास्थ्य को सुधारना और कर्मचारियों के लंबित देयकों का समय पर निपटारा करना है। राज्य में फरवरी-2026 की स्थिति में नगरीय निकायों में वेतन के लिए लंबित राशि के आधार पर ही इस राशि का वितरण किया गया है।

नगर निगमों का विस्तृत लेखा-जोखा

प्रदेश के प्रमुख 11 नगर निगमों के लिए कुल 25.05 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें सबसे अधिक राशि बिलासपुर और भिलाई जैसे बड़े निगमों को मिली है। बिलासपुर नगर निगम को 5 करोड़ रुपये और भिलाई नगर निगम को 4 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा दुर्ग को 1.65 करोड़, राजनांदगाँव को 3 करोड़, जगदलपुर को 1.50 करोड़, अंबिकापुर को 3 करोड़, चिरमिरी को 2 करोड़, रिसाली को 2 करोड़, बीरगांव को 54.55 लाख, धमतरी को 1.07 करोड़ एवं भिलाई-चरोदा को 1.27 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई है। यह निकाय वेतन आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) मुख्य रूप से उन सफाई मित्रों और नियमित कर्मचारियों के खातों में जाएगा, जो दिन-रात शहर की व्यवस्था सुचारू रखते हैं।

छोटे और मध्यम निकायों को बड़ा संबल

विभाग ने केवल बड़े शहरों पर ही नहीं, बल्कि प्रदेश की 38 नगर पालिका परिषदों और 85 नगर पंचायतों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है। नगर पालिका वेतन आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) के तहत परिषदों को 16.48 करोड़ रुपये और नगर पंचायतों को 10.17 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है। इन निकायों के पास अक्सर राजस्व के सीमित स्रोत होते हैं, ऐसे में शासन द्वारा त्यौहार के ऐन वक्त पर दी गई यह सहायता कर्मचारियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। प्रदेश की सभी 54 नगर पालिकाओं और 124 नगर पंचायतों को अलग से चुंगी क्षतिपूर्ति की किश्त भी दी गई है।

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चुंगी क्षतिपूर्ति, निकायों की वित्तीय रीढ़

ज्ञात हो कि राज्य में चुंगी कर (Octroi) समाप्त होने के बाद से ही नगरीय निकायों को अपने दैनिक खर्चे चलाने के लिए राजस्व की कमी महसूस होती रही है। इस गैप को भरने के लिए सरकार ‘चुंगी क्षतिपूर्ति मद’ का सहारा लेती है। आज जारी किए गए कुल 62.85 करोड़ रुपये में से 11.14 करोड़ रुपये शुद्ध रूप से मासिक आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) के नियमित भुगतान के अंतर्गत आते हैं।

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यह मद न केवल वेतन के लिए, बल्कि शहरों में जल प्रदाय (Water Supply), प्रकाश व्यवस्था (Street Lights) और स्वच्छता व्यवस्था के दैनिक संचालन के लिए भी अनिवार्य है। इस आबंटन से निकायों के प्रशासनिक कामकाज में भी स्थिरता आएगी। चुंगी क्षतिपूर्ति के तहत 14 नगर निगमों को 7.51 करोड़, 54 नगर पालिकाओं को 2.08 करोड़ और 124 नगर पंचायतों को 1.54 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

Urban Bodies Salary Allocation सरकार संवेदनशील

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा कि, “हमारी सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। त्यौहारों के समय किसी भी कर्मी को आर्थिक तंगी न हो, यह हमारी प्राथमिकता है। इस शासकीय राशि आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) से शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी और सेवा प्रदाता कर्मचारी और अधिक उत्साह के साथ काम कर सकेंगे। राज्य सरकार शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में प्रतिबद्ध है।”

अनुशासन और पारदर्शिता की सख्त शर्त

विभाग ने इस भारी-भरकम राशि को जारी करने के साथ ही कड़े निर्देश भी दिए हैं। स्पष्ट किया गया है कि इस वित्तीय आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) का उपयोग केवल और केवल निर्धारित मदों (विशेषकर वेतन और अनिवार्य सेवाओं) में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का सख्ती से पालन करना होगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) विभाग को सौंपना होगा। शासन ने हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

कर्मचारियों में हर्ष का माहौल

होली से पहले वेतन की घोषणा होने से पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों में उत्सव जैसा माहौल है। सफाई कर्मचारियों के संघों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय पर किए गए मद आबंटन (Urban Bodies Salary Allocation) से न केवल बाजार में तरलता बढ़ेगी, बल्कि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा। कर्मचारी अब बिना किसी आर्थिक चिंता के होली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे।

 

 

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