Iran-Israel War : मध्य-पूर्व में तनाव तेजी से युद्ध (Iran-Israel War) जैसे हालात में बदलता नजर आ रहा है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद ईरान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। ताजा जानकारी के अनुसार ईरान ने इराक के इरबिल शहर स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाकर हवाई हमला किया है। हमले के बाद इलाके में धुएं का घना गुबार उठता देखा गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले (Iran-Israel War) के तुरंत बाद बेस के आसपास सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया और बचाव टीमें सक्रिय कर दी गईं। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में भी लगातार धमाकों जैसी आवाजें सुनाई देने की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।

खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा सैन्य तनाव
ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बयानों के अनुसार, अमेरिका के हवाई हमले में खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत होने का दावा किया गया है। इस घटना के बाद ईरान ने खुलकर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान भी सामने आए, जिनमें ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की पुष्टि जैसी बातें कही गईं। हालांकि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार कर रही हैं।

Iran-Israel War ईरान के ताबड़तोड़ मिसाइल हमले
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने पिछले 24 घंटों में मिडिल-ईस्ट क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सऊदी अरब और जॉर्डन में स्थित सैन्य प्रतिष्ठान भी निशाने पर बताए जा रहे हैं। ईरानी सेना ने इसे “जवाबी कार्रवाई” बताया है।
स्कूल पर हमले में छात्रों की मौत
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल (Iran-Israel War) द्वारा किए गए एक हमले में ईरान के एक स्कूल को निशाना बनाया गया, जिसमें 36 छात्रों की मौत की खबर सामने आई। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहरा गई है।

ट्रम्प का बयान
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि अमेरिका ने ईरान में “मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस” शुरू किए हैं। उनके अनुसार इन सैन्य अभियानों का उद्देश्य अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित खतरों को समाप्त करना है।

कैसे शुरू हुआ संघर्ष
मौजूदा संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इजराइल (Iran-Israel War) ने संयुक्त रूप से ईरान के कई शहरों पर सैन्य हमले किए। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए।
लगातार हो रही सैन्य गतिविधियों के कारण पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है और वैश्विक समुदाय हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास जल्द शुरू नहीं हुए तो यह संघर्ष बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है।

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