Chhattisgarh Foreign Tourists : एक हजार पर्यटन मित्र-दीदी तैयार, फिर भी विदेशी पर्यटकों की राह देख रहे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थल
Chhattisgarh Foreign Tourists छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करीब एक हजार स्थानीय लोगों को पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है, लेकिन विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना अब भी बड़ी चुनौती है। वर्ष 2025 में 75 देशों से 822 विदेशी पर्यटकों के प्रदेश पहुंचने का उल्लेख है। वहीं, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों में सितंबर 2026 तक विदेशी पर्यटकों की कुल संख्या 1,335 दर्ज की गई है।
बस्तर के जलप्रपात, प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का केंद्र बनने की क्षमता है, लेकिन प्रभावी ब्रांडिंग और पर्यटकों के अनुकूल सुविधाओं की कमी आड़े आ रही है। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने (Chhattisgarh Foreign Tourists) के लिए प्रचार-प्रसार और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
विदेशी पर्यटकों की संख्या में उतार-चढ़ाव
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 में प्रदेश में 14,399 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। वर्ष 2019 में यह संख्या घटकर 9,145 रह गई। कोरोना काल में वर्ष 2020 में 2,322 और 2021 में 3,485 विदेशी पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया।
वर्ष 2025 के आंकड़ों में विदेशी पर्यटकों की संख्या 1,514 बताई गई है, जबकि अलग से 75 देशों से 822 पर्यटकों के आने का उल्लेख भी है। दोनों आंकड़ों में अंतर है, इसलिए इनकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। पर्यटन क्षेत्र में विदेशी पर्यटकों के आगमन (Chhattisgarh Foreign Tourists) का सटीक आकलन करने के लिए आंकड़ों में स्पष्टता जरूरी है।
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पर्यटन इकाइयों से 8.99 करोड़ रुपये का राजस्व
पर्यटन इकाइयों से वर्ष 2024 में 8.16 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 8.99 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर 2026 तक पर्यटन इकाइयों से 3.75 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से पर्यटन इकाइयों की आय में उतार-चढ़ाव का पता चलता है। विदेशी पर्यटकों की संख्या और पर्यटन से होने वाली आय (Chhattisgarh Foreign Tourists) बढ़ाने के लिए पर्यटकों को आकर्षित करने वाली योजनाओं और सुविधाओं पर काम करना होगा।
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एक हजार स्थानीय लोगों को दिया गया प्रशिक्षण
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की पहल पर राज्य में नोडल केंद्र ने छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के सहयोग से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया है। इसके तहत स्थानीय टैक्सी चालकों, होटल कर्मियों, विक्रेताओं और गाइडों सहित करीब एक हजार लोगों को प्रशिक्षित किया गया है। इन्हें पर्यटन मित्र और पर्यटन दीदी के रूप में तैयार किया गया है।
ये प्रशिक्षित लोग पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, प्रमुख पर्यटन स्थलों और जरूरी सुविधाओं की जानकारी देने में मदद करेंगे। स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ने से पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने की उम्मीद है। प्रशिक्षित पर्यटन मित्रों और दीदियों की मदद से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने (Chhattisgarh Foreign Tourists) की कोशिशों को भी मजबूती मिल सकती है।
बस्तर की ब्रांडिंग और सुविधाओं पर जोर जरूरी
बस्तर के जलप्रपात, प्राकृतिक नजारे, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरें देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। हालांकि, इन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रचार-प्रसार की जरूरत है। विदेशी भाषाओं का ज्ञान रखने वाले गाइड, बेहतर आतिथ्य सेवाएं और सुगम परिवहन जैसी सुविधाएं विकसित करना भी जरूरी है।
पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, माओवाद के उन्मूलन के बाद प्रदेश में पर्यटन के लिए परिस्थितियां अधिक अनुकूल हुई हैं। हालांकि, विदेशी पर्यटक अपनी यात्रा की योजना काफी पहले बनाते हैं, इसलिए सुरक्षा की स्थिति में सुधार का असर पर्यटकों की संख्या में दिखाई देने में समय लग सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान बढ़ाना और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना (Chhattisgarh Foreign Tourists) बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।












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