General Provident Fund : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, GPF पर मिलेगा 7.1% ब्याज

General Provident Fund : सरकार ने जनरल प्रॉविडेंट फंड (GPF) पर ब्याज दर (General Provident Fund) घोषित करते हुए बताया कि 1 अप्रैल से 30 जून 2026 की तिमाही के लिए 7.1 फीसदी का सालाना ब्याज दिया जाएगा। जीपीएफ पर मिलने वाला यह ब्याज पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) के बराबर है, जिस पर भी वर्तमान में 7.1 फीसदी की दर लागू है। यह नई दर जीपीएफ के साथ-साथ अन्य कई सरकारी प्रॉविडेंट फंड्स पर भी लागू होगी।
सरकार ने तय किया GPF पर ब्याज
वित्त मंत्रालय के अनुसार अप्रैल से जून 2026 तिमाही के लिए GPF पर 7.1% वार्षिक ब्याज (General Provident Fund) मिलेगा। यह दर 1 अप्रैल 2026 से लागू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी।
यह ब्याज दर सामान्य प्रॉविडेंट फंड, कॉन्ट्रीब्यूटरी प्रॉविडेंट फंड, ऑल इंडिया सर्विस प्रॉविडेंट फंड सहित अन्य सरकारी फंड्स पर लागू होगी। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि यह दर नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ प्रभाव में आ चुकी है।
GPF को विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित निवेश (General Provident Fund) विकल्प के रूप में देखा जाता है, जहां नियमित बचत के साथ निश्चित रिटर्न मिलता है।
GPF और PPF पर कितना मिलता है ब्याज
जनरल प्रॉविडेंट फंड पर ब्याज दर पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) के बराबर ही रखी गई है। वर्तमान में दोनों योजनाओं पर 7.1% ब्याज दिया जा रहा है। नीचे दिए गए सभी फंड्स पर भी यही दर लागू होगी
सामान्य प्रॉविडेंट फंड (सेंट्रल सर्विस)
अंशदायी प्रॉविडेंट फंड (भारत)
ऑल इंडिया सर्विस प्रॉविडेंट फंड
राज्य रेलवे प्रॉविडेंट फंड
सामान्य प्रॉविडेंट फंड (डिफेंस सर्विस)
इंडियन ऑर्डिनेंस डिपार्टमेंट प्रॉविडेंट फंड
इंडियन ऑर्डिनेंस डिपार्टमेंट फैक्टरीज प्रॉविडेंट फंड
भारतीय नौसेना डॉकयार्ड वर्कर्स प्रॉविडेंट फंड
रक्षा सेवा अधिकारी प्रॉविडेंट फंड
सशस्त्र बल कार्मिक प्रॉविडेंट फंड
क्या है सामान्य प्रॉविडेंट फंड General Provident Fund
सामान्य प्रॉविडेंट फंड (GPF) एक बचत योजना (General Provident Fund) है, जो विशेष रूप से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बनाई गई है। इसमें कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा नियमित रूप से जमा करते हैं।
सेवा अवधि पूरी होने या रिटायरमेंट के समय कर्मचारी को जमा की गई पूरी राशि के साथ ब्याज भी मिलता है। यह योजना सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली मानी जाती है, इसलिए इसे सरकारी कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है।
वित्त मंत्रालय हर तिमाही में GPF की ब्याज दर की समीक्षा करता है और नई दरों की घोषणा करता है, जिससे कर्मचारियों को समय-समय पर अपडेटेड रिटर्न मिलता रहे।