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Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers : छत्तीसगढ़ के गांवों में लगेंगे 5,000 नए मोबाइल टावर

Bastar Sarguja Digital Connectivity Project : छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में माओवादी हिंसा के उन्मूलन और विकास की मुख्यधारा को जोड़ने में संचार नेटवर्क ने एक गेम-चेंजर की भूमिका निभाई है। राज्य सरकार और केंद्र के समन्वय से अब छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर लगाने के वृहद प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो अब तक डिजिटल ब्लैकआउट का सामना कर रहे थे।

पिछले दो वर्षों के भीतर बस्तर के सबसे चुनौतीपूर्ण और दुर्गम क्षेत्रों में 3,500 से अधिक मोबाइल टावर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इस सफलता को देखते हुए प्रशासन ने अब बस्तर और सरगुजा संभाग के उन इलाकों के लिए छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) लगाने की योजना बनाई है।

सुरक्षा बलों के लिए ‘तीसरी आंख’ बना नेटवर्क

सुरक्षा बल से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि माओवाद के खिलाफ एक रणनीतिक हथियार है। फोर-जी नेटवर्क की उपलब्धता ने सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। पहले जिन क्षेत्रों में संचार का कोई साधन नहीं था, वहां अब हाई-स्पीड इंटरनेट सक्रिय है। इसके माध्यम से खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान और त्वरित समन्वय संभव हुआ है, जिससे सुरक्षा बल माओवादियों के विरुद्ध प्रभावी ऑपरेशन चलाकर उन्हें न्यूट्रलाइज करने में सफल हो रहे हैं।

कैंपों के इर्द-गिर्द ‘कनेक्टिविटी कवच’

बस्तर में सुरक्षा और विकास को समानांतर चलाने के लिए अब तक 150 से अधिक नए पुलिस कैंप स्थापित किए गए हैं। शासन की नई नीति के अनुसार, इन कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में मोबाइल छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है। ‘नियद नेल्ला नार’ (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत, इन कैंपों के आसपास के गांवों को प्राथमिकता पर रखा गया है। बीएसएनएल और जियो जैसी दूरसंचार कंपनियों के सहयोग से उन गांवों में भी इंटरनेट की किरण पहुंच चुकी है, जो दशकों से बाहरी दुनिया से कटे हुए थे।

आंकड़ों की बात करें तो, अकेले 848 गांवों में बीएसएनएल का फोर-जी नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जबकि निजी क्षेत्र की कंपनी जियो की पहुंच इससे भी अधिक व्यापक क्षेत्रों में दर्ज की गई है। छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) के साथ ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाने का कार्य अब अंतिम चरण में है, जो भविष्य की 5G सेवाओं के लिए आधार तैयार करेगा।

ई-गवर्नेंस और बैंकिंग से बदली आदिवासियों की जिंदगी

संचार क्रांति के इस दौर में छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) ने आदिवासी समाज के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है। अब अबूझमाड़ और दक्षिण बस्तर के ग्रामीण भी ई-गवर्नेंस और ऑनलाइन बैंकिंग जैसी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। पहले जिस काम के लिए उन्हें मीलों चलकर ब्लॉक मुख्यालय जाना पड़ता था, वह अब मोबाइल के एक क्लिक पर संभव है। नेटवर्क विस्तार से सरकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों (DBT) में पहुंच रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और पारदर्शिता बढ़ी है।

Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers दुर्गम रास्तों पर डिजिटल सफर

बस्तर के साथ-साथ अब सरगुजा संभाग के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में भी छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है। स्कूलों में स्मार्ट क्लास और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ‘टेली-मेडिसिन’ की सुविधा से ग्रामीणों को बड़े शहरों जैसे विशेषज्ञों की सलाह गांव में ही मिल सकेगी।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में 5,000 नए मोबाइल टावर (Chhattisgarh 5,000 New Mobile Towers) छत्तीसगढ़ के वनांचल की तस्वीर बदलने का संकल्प हैं। यह केवल टावर नहीं, बल्कि विश्वास और विकास के वे खंभे हैं, जिन पर छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम भविष्य की इमारत खड़ी की जा रही है।

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