कृषि समाचार

Beekeeping : शहद ने घोले मिठास, मधुमक्खी पालन बनी रोज़गार की कुंजी

किसानों की आय बढ़ाने एवं ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से खेती के साथ मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण अंचलों में किसानों के लिए कम लागत में अधिक लाभ देने वाला वैकल्पिक व्यवसाय बनकर उभरी है, जिससे अतिरिक्त आय के साथ स्वरोज़गार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08

इसे भी पढ़ें : Black-capped Kingfisher : बारनवापारा अभयारण्य में मिला दुर्लभ ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर

मधुमक्खी पालन (Beekeeping) एक कृषि आधारित लाभकारी व्यवसाय है, जिसमें शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली और प्रोपोलिस जैसे बहुमूल्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से मधुमक्खी पालन (Beekeeping) अपनाने के लिए किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और जागरूकता प्रदान की जा रही है, जिससे किसान पारंपरिक खेती के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर पा रहे हैं।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

प्रगतिशील किसान उदय राम बने प्रेरणास्रोत
गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बना मधुमक्खी पालन

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

बलरामपुर जिले के विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम मंगरहारा निवासी कृषक उदय राम ने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर खेती के साथ मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को अपनाया। प्रारंभ में उन्होंने मात्र दो मधुमक्खी बक्सों से इस व्यवसाय की शुरुआत की थी, जो आज बढ़कर 20 बक्सों तक पहुंच चुका है। उदय राम की सफलता से प्रेरित होकर ग्राम मंगरहारा के 10 से अधिक परिवारों ने भी मधुमक्खी पालन (Beekeeping) व्यवसाय शुरू किया है और इससे नियमित अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इस तरह यह व्यवसाय गांव स्तर पर रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Small Saving Scheme Interest Rate : स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरें घटेंगी या रहेंगी जस की तस? जल्द होगा फैसला

शहद बेचकर सालाना 2 से 2.5 लाख रुपये की आय

उदय राम वर्तमान में प्रतिवर्ष 400 से 500 किलोग्राम से अधिक गुणवत्तायुक्त शहद का उत्पादन कर रहे हैं। बाजार में उनके शहद की कीमत 500 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिल रही है। शहद के साथ-साथ मोम, रॉयल जेली और प्रोपोलिस जैसे उत्पाद भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं, जिनकी बाजार में अच्छी मांग बनी हुई है। मधुमक्खी पालन (Beekeeping) के माध्यम से उदय राम सालाना लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं, जिससे उनका आर्थिक स्तर सुदृढ़ हुआ है।

मधुमक्खी बक्सों पर मिल रही सब्सिडी

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार बलरामपुर–रामानुजगंज जिले की जलवायु और पर्यावरण मधुमक्खी पालन (Beekeeping) के लिए अत्यंत अनुकूल है। लघु, सीमांत और भूमिहीन किसान भी इस व्यवसाय को बिना अतिरिक्त भूमि के आसानी से शुरू कर सकते हैं। पांच से दस मधुमक्खी बक्सों से भी यह कार्य सफलतापूर्वक किया जा सकता है। कम श्रम और सरल प्रक्रिया के कारण महिलाएं और बेरोजगार युवा भी इस व्यवसाय को सहजता से अपना सकते हैं। शासन द्वारा मधुमक्खी बक्सों पर दी जा रही सब्सिडी से यह व्यवसाय और अधिक सुलभ तथा लाभकारी बनता जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button