Tag: Breaking News

  • Fisheries Subsidy Chhattisgarh :  मछली पालन शुरू करना है तो ये योजना जानें, 60% खर्च सरकार देगी

    Fisheries Subsidy Chhattisgarh : मछली पालन शुरू करना है तो ये योजना जानें, 60% खर्च सरकार देगी

    Fisheries Subsidy Chhattisgarh मछली पालन का काम शुरू करने की इच्छा है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता पूंजी की है तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। सरकार की एक योजना के तहत मछली पालन शुरू करने वाले हितग्राहियों को परियोजना लागत का 60 प्रतिशत तक शासकीय अनुदान मिल सकता है।

    यानी जिस काम को शुरू करने के लिए पूरी रकम जुटाना मुश्किल लगती है, उसमें सरकार बड़ी हिस्सेदारी उठाकर ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार का रास्ता दे रही है। इसी योजना का लाभ लेकर एक महिला ने मछली पालन के अपने वर्षों पुराने सपने को हकीकत में बदलने की शुरुआत की है।

    बलरामपुर जिले के ग्राम करीचलगली की दुर्गावती सिरोटिया के लिए यह योजना उस समय उम्मीद बनकर आई, जब पूंजी की कमी के कारण उनका सपना आगे नहीं बढ़ पा रहा था। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने वर्ष 2025-26 में मछली पालन के लिए तालाब तैयार कराया। परियोजना लागत का 60 प्रतिशत हिस्सा उन्हें शासकीय अनुदान के रूप में मिला, जबकि शेष 40 प्रतिशत राशि उन्होंने स्वयं लगाई।

     

    यह भी पढ़ें…Triple Baby Birth Balrampur : पहाड़ी कोरवा महिला ने एक साथ तीन बच्चों को दिया जन्म

     

    क्या है यह योजना और कैसे मिली मदद

    प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Fisheries Subsidy Chhattisgarh) के माध्यम से दुर्गावती को मछली पालन शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मिली। योजना के तहत तैयार किए गए तालाब में मछली पालन की व्यवस्था की गई है। मत्स्य विभाग ने आर्थिक सहयोग के साथ उन्हें मछली पालन से जुड़ी जरूरी तकनीकी जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया, ताकि वह इसे केवल शौक नहीं बल्कि आय के साधन के रूप में आगे बढ़ा सकें।

     

    दुर्गावती की कहानी उन ग्रामीण परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन शुरुआती निवेश की कमी के कारण कदम नहीं उठा पाते। मछली पालन (Fisheries Subsidy Chhattisgarh) जैसे स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं में सरकार की आर्थिक भागीदारी शुरुआती बोझ को कम कर सकती है और ग्रामीण क्षेत्रों में आय का नया जरिया तैयार कर सकती है।

     

    यह भी पढ़ें…Raigarh Medical College Tumor Surgery : महिला के पेट से निकला 8 किलो का विशाल ट्यूमर, रायगढ़ मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने हाई रिस्क आपरेशन में बचाई जान

     

    5 से 6 क्विंटल मछली उत्पादन  Fisheries Subsidy Chhattisgarh

    तालाब तैयार होने के बाद अब दुर्गावती मछली पालन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। उन्हें इस तालाब से करीब 5 से 6 क्विंटल मछली उत्पादन की उम्मीद है। इससे लगभग एक लाख रुपये तक की आय होने की संभावना है। उत्पादन और अनुभव बढ़ने के साथ वह भविष्य में इस काम को और विस्तारित करने की योजना भी बना रही हैं।

    दुर्गावती बताती हैं कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण जिस काम को शुरू करने का सपना लंबे समय से अधूरा था, उसे सरकारी सहायता ने पूरा करने का रास्ता दिया। उनके लिए यह अनुदान (Fisheries Subsidy Chhattisgarh) सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में मिला एक महत्वपूर्ण अवसर है।

     

    यह भी पढ़ें…Fake Certificate Teacher Suspension : फर्जी प्रमाण पत्र से नियुक्ति, सहायक शिक्षक निलंबित

     

    कम पूंजी में स्वरोजगार की राह दिखा रही योजना

    दुर्गावती का कहना है कि जब सरकार की योजना के साथ आर्थिक सहयोग और विभागीय मार्गदर्शन मिलता है तो सीमित संसाधनों वाले परिवार भी अपना काम शुरू कर सकते हैं। मछली पालन (Fisheries Subsidy Chhattisgarh) के जरिए उन्होंने अपने लिए रोजगार का नया रास्ता तैयार किया है और अब उनकी नजर बेहतर उत्पादन और आमदनी पर है।

    करीचलगली में शुरू किया गया यह काम अब दुर्गावती के लिए आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत बन चुका है। उनकी पहल यह बताती है कि सरकारी योजनाओं की जानकारी और सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपनी रुचि को रोजगार में बदल सकती हैं। ऐसे में मछली पालन शुरू करने की योजना बना रहे लोगों के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (Fisheries Subsidy Chhattisgarh) आर्थिक मदद का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।

     

    यह भी पढ़ें…Korba Hostel Warden Suspension : छात्राओं की शिकायत पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित

     

     

  • Triple Baby Birth Balrampur :  पहाड़ी कोरवा महिला ने एक साथ तीन बच्चों को दिया जन्म

    Triple Baby Birth Balrampur : पहाड़ी कोरवा महिला ने एक साथ तीन बच्चों को दिया जन्म

    तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) होने से स्वास्थ्य विभाग में खुशी का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और मैदानी अमले के बेहतर समन्वय से अति-जोखिम वाली गर्भवती महिला ने एक साथ तीन स्वस्थ नवजात शिशुओं को जन्म दिया। फिलहाल मां और तीनों बच्चे स्वस्थ हैं और चिकित्सकों की निगरानी में रखे गए हैं।

     

    यह भी पढ़ें…Irrigation Projects Chhattisgarh : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 30.74 करोड़ मंजूर, हजारों हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी

     

    दूरस्थ इलाके की गर्भवती महिला तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधा

    बलरामपुर जिले के राजपुर विकासखंड की रहने वाली पहाड़ी कोरवा महिला बसंती किसी कारणवश जिला अस्पताल अंबिकापुर से बिना उपचार कराए अपने गांव लौट आई थीं। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अमले को मिलते ही तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। महिला की स्थिति को देखते हुए उसे समय पर चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी तैयारियां की गईं।

     

    यह भी पढ़ें…Fake Certificate Teacher Suspension : फर्जी प्रमाण पत्र से नियुक्ति, सहायक शिक्षक निलंबित

     

    मितानिन और एंबुलेंस टीम ने निभाई अहम भूमिका

    तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम और अस्पताल के चिकित्सकों के समन्वित प्रयास से संभव हो सका। महिला को समय पर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। अति-जोखिम वाली गर्भावस्था को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों ने लगातार जरूरी तैयारियां कीं और सुरक्षित प्रसव के लिए चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित की।

     

    यह भी पढ़ें…Korba Hostel Warden Suspension : छात्राओं की शिकायत पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित

     

    एक साथ तीन स्वस्थ बच्चों को दिया जन्म

    स्वास्थ्य विभाग की त्वरित पहल के बाद बसंती ने तीन बच्चों को जन्म दिया। तीनों नवजात शिशु स्वस्थ हैं और जन्म के बाद से चिकित्सकों की निगरानी में हैं। मां की हालत भी स्थिर बताई गई है। तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

     

    यह भी पढ़ें… Kate Sharma Viral Video : केट शर्मा का बोल्ड अंदाज वायरल, येलो ड्रेस में डांस ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान

     

    अति-जोखिम वाली गर्भावस्था में समय पर पहचान जरूरी

    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि अति-जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित निगरानी और तत्काल रेफरल बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाली प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व की सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) यह दिखाता है कि समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से जटिल परिस्थितियों में भी सुरक्षित प्रसव की दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

     

    यह भी पढ़ें…Disha Patani Bikini Look : बिकनी में दिशा पाटनी का हॉट लुक, समुद्र किनारे बढ़ाया तापमान

     

    Triple Baby Birth Balrampur स्वास्थ्य अमले की सराहना

    सीएमएचओ ने स्वास्थ्य अमले, मितानिन, 102 एंबुलेंस टीम और चिकित्सकों के बीच हुए बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मैदानी स्तर पर लगातार सक्रियता जरूरी है। समय पर सूचना मिलने के बाद की गई कार्रवाई और चिकित्सकीय निगरानी के चलते मां और तीनों नवजात सुरक्षित हैं। तीन बच्चों का जन्म (Triple Baby Birth Balrampur) स्वास्थ्य विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया और सामूहिक प्रयास का अहम उदाहरण बनकर सामने आया है।

     

    यह भी पढ़ें : Gariaband Rojgar Mela : 354 पदों पर भर्ती का मौका, 11 सितंबर को लगेगा रोजगार

     

  • Raigarh Medical College Tumor Surgery  :  महिला के पेट से निकला 8 किलो का विशाल ट्यूमर, रायगढ़ मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने हाई रिस्क आपरेशन में बचाई जान

    Raigarh Medical College Tumor Surgery : महिला के पेट से निकला 8 किलो का विशाल ट्यूमर, रायगढ़ मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने हाई रिस्क आपरेशन में बचाई जान

    विशाल ट्यूमर का सफल आपरेशन (Raigarh Medical College Tumor Surgery) कर डाक्टरों ने 46 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है। महिला के पेट से करीब 8 किलोग्राम वजनी विशालकाय ट्यूमर निकाला गया, जिसका आकार एक बड़े फुटबॉल के बराबर बताया गया है। बेहद जटिल और जोखिम भरी सर्जरी में स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

     

    यह भी पढ़ें…Irrigation Projects Chhattisgarh : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 30.74 करोड़ मंजूर, हजारों हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी

     

    24 सेंटीमीटर से ज्यादा बड़ा था ट्यूमर

    यह मामला रायगढ़ जिले के झलमला निवासी चंपा यादव का है। चंपा पिछले करीब एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से परेशान थीं। 22 अगस्त 2026 को गंभीर हालत में उन्हें लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय (Raigarh Medical College Tumor Surgery) के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में लाया गया। जांच में उनके शरीर में खून की भी भारी कमी मिली और हीमोग्लोबिन का स्तर केवल 7.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर था।

    रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की उपलब्धि : महिला के पेट से निकाला गया 8 किलोग्राम वजनी विशालकाय ट्यूमर

    यह भी पढ़ें…Fake Certificate Teacher Suspension : फर्जी प्रमाण पत्र से नियुक्ति, सहायक शिक्षक निलंबित

     

    गर्भाशय और मूत्रवाहिनी पर पड़ रहा था दबाव

    जांच में सामने आया कि महिला के पेट में मौजूद विशाल ट्यूमर (Raigarh Medical College Tumor Surgery) का आकार लगभग 24.2 x 23.1 x 17 सेंटीमीटर था और इसका वजन करीब 8 किलोग्राम था। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में पता चला कि गांठ के भारी दबाव के कारण गर्भाशय अपनी सामान्य स्थिति से विस्थापित हो गया था। बायीं मूत्रवाहिनी पर भी दबाव पड़ रहा था, जिसका असर किडनी पर पड़ रहा था। इसके साथ ही लिवर से जुड़े जांच परिणाम भी प्रभावित पाए गए।

     

    यह भी पढ़ें…Korba Hostel Warden Suspension : छात्राओं की शिकायत पर छात्रावास अधीक्षिका निलंबित

    रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की उपलब्धि : महिला के पेट से निकाला गया 8 किलोग्राम वजनी विशालकाय ट्यूमर

    पहले मरीज को किया गया सर्जरी के लिए तैयार

    महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डाक्टरों ने तत्काल आपरेशन (Raigarh Medical College Tumor Surgery) करने के बजाय पहले उनकी स्थिति को स्थिर करने का फैसला लिया। शरीर में खून की भारी कमी को पूरा करने के लिए उन्हें कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल चढ़ाए गए। संक्रमण से बचाव और शरीर के अंगों की कार्यक्षमता को सर्जरी के अनुकूल बनाने के लिए एंटीबायोटिक्स भी दिए गए। मरीज की स्थिति स्थिर होने के बाद डॉक्टरों ने हाई रिस्क ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

     

    यह भी पढ़ें…Gariaband Rojgar Mela : 354 पदों पर भर्ती का मौका, 11 सितंबर को लगेगा रोजगार

     

    आंतों से गहराई से चिपका था विशाल ट्यूमर

    1 सितंबर 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत महिला की हाई रिस्क सर्जरी (Raigarh Medical College Tumor Surgery) की गई। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि विशाल ट्यूमर आंतों से बेहद गहराई से चिपका हुआ था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनरल सर्जरी विभाग की टीम को भी ऑपरेशन में विशेष सहायता के लिए बुलाया गया। स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने बेहद सावधानी के साथ सर्जरी को आगे बढ़ाया।

     

    यह भी पढ़ें…Sarangarh Bilaigarh Collector School Visit : कलेक्टर बनीं शिक्षक, बच्चों से पढ़वाया अंग्रेजी पाठ और पूछे पहाड़े

     

    दोनों मूत्रवाहिनियों को सुरक्षित बचाया

    सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने आंतों के जटिल जुड़ाव को सावधानीपूर्वक अलग किया। इसके साथ ही दोनों मूत्रवाहिनियों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित अलग किया गया। इसके बाद गर्भाशय सहित विशाल ट्यूमर को शरीर से बाहर निकाला गया। करीब 8 किलोग्राम वजनी इस विशाल गांठ को सफलतापूर्वक निकालना डॉक्टरों (Raigarh Medical College Tumor Surgery) के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

     

    यह भी पढ़ें…Akanksha Puri : बिकिनी में आकांक्षा पुरी का ग्लैमरस अंदाज, टोंड फिगर पर फिदा हुए फैंस

     

    अब स्थिर है महिला की हालत Raigarh Medical College Tumor Surgery

    विशाल ट्यूमर का ऑपरेशन (Raigarh Medical College Tumor Surgery) सफल होने के बाद चंपा यादव को रिकवरी रूम में रखा गया है। उन्हें आईवी फ्लूइड्स और दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार उनकी वर्तमान स्थिति स्थिर है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। इस जटिल सर्जरी की सफलता से रायगढ़ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की चिकित्सा टीम की विशेषज्ञता भी सामने आई है।

     

    यह भी पढ़ें :  8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग में चपरासी की 46 हजार, टीचर की 91 हजार और अफसर की 1.44 लाख होगी सैलरी

  • Irrigation Projects Chhattisgarh : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 30.74 करोड़ मंजूर, हजारों हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी

    Irrigation Projects Chhattisgarh : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 30.74 करोड़ मंजूर, हजारों हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी

    सिंचाई योजनाओं (Irrigation Projects Chhattisgarh) को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग ने राज्य में सात प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 30 करोड़ 74 लाख 39 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इस राशि से नहरों के जीर्णोद्धार, पुनर्गठन, सीसी लाइनिंग और भूमिगत पाइपलाइन निर्माण जैसे काम किए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

     

    यह भी पढ़ें…Akanksha Puri : बिकिनी में आकांक्षा पुरी का ग्लैमरस अंदाज, टोंड फिगर पर फिदा हुए फैंस

     

    बलौदाबाजार-भाटापारा के किसानों को मिलेगा फायदा

    सिंचाई योजनाओं (Irrigation Projects Chhattisgarh) के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में दो प्रमुख कार्यों को मंजूरी मिली है। बलौदा शाखा नहर के वितरक 11 और 12 में पुनर्गठन, सीसी लाइनिंग और पक्के निर्माण कार्य के लिए 4.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस काम से करीब 339.05 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी। वहीं सोंढूर परियोजना के अंतर्गत भाटापारा शाखा नहर की बेन्द्री वितरक नहर के पुनर्गठन और सीसी लाइनिंग के लिए 4.82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे लगभग 355 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का पानी मिल सकेगा।

     

    यह भी पढ़ें…Chahat Khanna Bikini Look : 40 की उम्र में चाहत खन्ना का बोल्ड अंदाज, Beach पर बिखेरा जलवा

     

    रायपुर जिले में नहरों और सड़कों का होगा सुधार

    रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड में भी कई महत्वपूर्ण कार्यों (Irrigation Projects Chhattisgarh) को स्वीकृति दी गई है। महानदी परियोजना के अंतर्गत भाटापारा शाखा नहर में विभिन्न सुधार कार्यों के लिए 4.20 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा मांढ़र शाखा नहर के वितरक 14 में आरडी 2700 मीटर से 3500 मीटर तक नहर को ह्यूम पाइप के माध्यम से भूमिगत करने के लिए 4.90 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से नहर व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ पानी के प्रवाह को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

     

    यह भी पढ़ें…Neha Malik Black Dress  : ब्लैक ड्रेस में नेहा मलिक ने ढाया कहर, बोल्ड लुक देखकर फैंस के छूटे पसीने

     

    मांढ़र शाखा नहर के लिए कई कार्यों को मंजूरी

    सिंचाई योजनाओं (Irrigation Projects Chhattisgarh) के तहत मांढ़र शाखा नहर से जुड़े कई अन्य कार्य भी किए जाएंगे। मांढ़र ब्रांच केनाल सर्विस रोड के आरडी 31600 मीटर से 32900 मीटर तक डामर सड़क निर्माण के लिए 1.90 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

    वहीं मांढ़र शाखा नहर (Irrigation Projects Chhattisgarh)  के वितरक 8 और माइनर 1 में भूमिगत पाइपलाइन के साथ कंक्रीट एवं मुरमीकरण सड़क निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। मांढ़र शाखा नहर के वितरक 11, 13, 14 और माइनर्स में महानदी परियोजना समूह के अंतर्गत जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 4.97 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

     

    यह भी पढ़ें…Shruti Hasan Red Dress : श्रुति हासन ने बोल्ड रेड ड्रेस में हॉट तस्वीरें साझा की, फोटोशूट में नजर आया ग्लैमर और एटीट्यूड

     

     Irrigation Projects Chhattisgarh अंतिम छोर तक पहुंचेगा पानी

    इन सिंचाई योजनाओं (Irrigation Projects Chhattisgarh) के जरिए नहरों की क्षमता और जल प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है। भूमिगत पाइपलाइन, सीसी लाइनिंग और नहरों के जीर्णोद्धार से पानी के रिसाव को कम करने और सिंचाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। विभाग का उद्देश्य है कि नहरों के अंतिम छोर यानी टेल एरिया तक पर्याप्त पानी पहुंच सके, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर सुविधा मिले और कृषि क्षेत्र को इसका सीधा लाभ मिल सके।

  • Battery Businessman Suicide Case  :  बैटरी कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर खुद लगा ली फांसी 

    Battery Businessman Suicide Case  :  बैटरी कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर खुद लगा ली फांसी 

    राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में  (Battery Businessman Suicide Case) शुक्रवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बैटरी कारोबारी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने कथित तौर पर पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दिया, फिर खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में कमरे से कीटनाशक का डिब्बा और खाने-पीने का सामान बरामद हुआ है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद मकान को सील कर दिया है।

    आठ महीने से किराये के मकान में रह रहा था परिवार

    पुलिस के मुताबिक, संजय नगर निवासी सय्यद उमेर अली के मकान में सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू पिछले करीब आठ महीने से किराये पर रह रहा था। उसके साथ पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा (17) और इरशाबा बेगम (16) रहती थीं। शाहिद पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का कारोबार करता था, जबकि उसका बेटा एक निजी कंपनी में कार्यरत था।

    परिवार 8 महीने पहले किराए के मकान में रहने आया था।

    घर से बदबू आने पर हुआ खुलासा

    गुरुवार शाम के बाद से परिवार का कोई सदस्य बाहर दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को भी पूरे दिन घर का दरवाजा बंद रहा। पड़ोसियों ने कई बार आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। रात करीब 10 बजे घर के भीतर से सड़न की बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई।

    टिकरापारा पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। कमरे के अंदर का दृश्य (Battery Businessman Suicide Case)  देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

    घटना की जानकारी होने पर मोहल्ले के लोग बडी संख्या में इकट्‌ठा हो गए।

    पत्नी और बच्चों के शव जमीन पर, कारोबारी फंदे पर लटका मिला

    पुलिस ने देखा कि शाहिद का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी, बेटा और दोनों बेटियों के शव जमीन पर पड़े थे। सभी के मुंह से झाग निकल रहा था। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस को आशंका है कि परिवार को पहले जहर दिया गया और उसके बाद शाहिद ने आत्महत्या कर ली।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

    कमरे से मिला कीटनाशक का डिब्बा

    घटनास्थल (Battery Businessman Suicide Case)  की जांच के दौरान पुलिस को कमरे से खाने-पीने का सामान और एक कीटनाशक का डिब्बा मिला है। इसी आधार पर आशंका जताई जा रही है कि खाने में जहर मिलाकर पत्नी और बच्चों को खिलाया गया। इसके बाद आरोपी ने खुद फांसी लगा ली।

    फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।

    Battery Businessman Suicide Case बिहार का रहने वाला था परिवार

    पुलिस (Battery Businessman Suicide Case)  के अनुसार, मृतक शाहिद मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। उसका भाई जहीर अली रायपुर के कुकरीपारा क्षेत्र में रहता है। उसी ने पांचों शवों की पहचान की। पुलिस मकान मालिक और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।

    बेटियों के नहीं दिखने पर पड़ोसियों को हुआ शक

    स्थानीय लोगों ने बताया कि शाहिद की दोनों बेटियां पहली मंजिल पर रहने वाले दूसरे किरायेदारों के यहां अक्सर आती-जाती थीं। गुरुवार रात के बाद जब वे दिखाई नहीं दीं और शुक्रवार को भी घर का दरवाजा नहीं खुला, तब लोगों को संदेह हुआ। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो मकान मालिक को बुलाया गया और पुलिस (Battery Businessman Suicide Case)  को सूचना दी गई।

    सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों को खाने में जहर दे दिया। खुद भी फांसी लगा ली।

    पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

    पुलिस ने पांचों शवों (Battery Businessman Suicide Case)  को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या, हत्या और पारिवारिक परिस्थितियों समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।

  • Fake Matrimonial Sites  : फर्जी शादी के नाम पर ठगी का साम्राज्य ध्वस्त, 26 गिरफ्तार!

    Fake Matrimonial Sites  : फर्जी शादी के नाम पर ठगी का साम्राज्य ध्वस्त, 26 गिरफ्तार!

    RAIGARH News : रायगढ़ जिले की साइबर पुलिस (Fake Matrimonial Sites) ने अब तक के सबसे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए ‘शादी के नाम पर लूट’ मचाने वाले एक संगठित गिरोह को जड़ से उखाड़ फेंका है। दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र और शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र की आड़ में चल रहे इस काले धंधे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मुख्य सरगनाओं समेत 26 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

    दिखावा आरटीओ का, धंधा ठगी का

     रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक (Fake Matrimonial Sites) में पता चला कि ये केंद्र बाहर से तो लाइसेंस और आरटीओ संबंधी दस्तावेज बनाने का काम करते थे, लेकिन इनके भीतर का सच दहला देने वाला था।

    अंदर अलग-अलग कमरों में हाई-टेक कॉल सेंटर संचालित थे, जहां युवतियों के माध्यम से देशभर के पुरुषों को फर्जी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल (शादी के विज्ञापनों) के जाल में फंसाया जाता था। वीडियो एडिटिंग और फोटोशॉप के जरिए फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती थी और फिर रजिस्ट्रेशन व मीटिंग के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।

    करोड़ों की वसूली, हजारों शिकार Fake Matrimonial Sites

    पुलिस की जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

    कुल शिकार : वर्ष 2022 से अब तक 7,693 निर्दोष लोग इस ठगी के जाल में फंसे।

    ठगी की राशि : आरोपियों ने अब तक करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली की।

    जब्ती : मौके से 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और कई शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहरें बरामद हुई हैं।

    मास्टरमाइंड का काला चिट्ठा

    ठगी (Fake Matrimonial Sites) के इस साम्राज्य का मुख्य आरोपी कपिल गर्ग है, जो पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ का काम करता था। आईडी निरस्त होने के बाद उसने हिमांशु मेहर और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। ये लोग फर्जी जीमेल आईडी और यूट्यूब चैनलों का सहारा लेकर लोगों को शिकार बनाते थे।

    पुलिस की चौतरफा घेराबंदी

    एसएसपी शशि मोहन सिंह के साथ एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जब छापेमारी की, तो मौके पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के पुख्ता सबूत मिले।

    प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए सभी 26 आरोपियों के विरुद्ध संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना (जालसाजी) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

     

  • Naxal Surrender Bastar : नक्सलियों से पहली बार 3.61 करोड़ रुपये नगद, एक किलो सोना बरामद

    Naxal Surrender Bastar : नक्सलियों से पहली बार 3.61 करोड़ रुपये नगद, एक किलो सोना बरामद

    Chhattisgarh Naxal News : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों को माओवाद (Naxal Surrender Bastar) के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार माओवादियों के ठिकानों से पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में नकदी, सोना और हथियार बरामद किए गए हैं। साथ ही 108 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इस पूरी कार्रवाई को माओवादी कार्रवाई के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार माओवादियों के डंप से 3 करोड़ 61 लाख रुपये नकद, लगभग एक किलो सोना और 101 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं। बरामद हथियारों में एके-47, इंसास राइफल, बीजीएल लॉन्चर जैसे घातक हथियार शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस कार्रवाई से माओवादी संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है और माओवादी गतिविधियों (Naxal Surrender Bastar) की कमर टूटने जैसी स्थिति बन रही है।

     

    ये भी पढ़े : Jamboree Tender Controversy : जंबूरी विवाद! उमेश पटेल के तीखे सवालों से बैकफुट पर मंत्री, गोलमोल जवाब देते रहे मंत्री

    108 नक्सली दंडकारण्य क्षेत्र में थे सक्रिय

    जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी 108 नक्सली दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय थे और लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बने हुए थे। इन पर कुल मिलाकर लगभग 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सभी नक्सलियों ने जगदलपुर में चल रही ‘पूना मारगेम’ पहल के तहत हथियार डाल दिए। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान नक्सलियों को हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है और माओवादी समर्पण अभियान (Naxal Surrender Bastar) में यह एक बड़ी सफलता है।

    कई बड़े रैंक के नक्सली शामिल (Naxal Surrender Bastar)

    पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में कई बड़े रैंक के नक्सली शामिल हैं। इनमें बीजापुर जिले से 37, दंतेवाड़ा से 30, सुकमा से 18, बस्तर से 16, नारायणपुर से 4 और कांकेर जिले से 3 माओवादी शामिल हैं। इनमें कई महिला माओवादी भी हैं। खास बात यह है कि आत्मसमर्पण करने वालों में 6 मंडल कमांडर भी शामिल हैं, जिन पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर नक्सली आत्मसमर्पण (Naxal Surrender Bastar) का मामला पहले बहुत कम देखने को मिला है।

    पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 6 डिवीजन कमेटी सदस्य, 3 कंपनी पार्टी कमेटी सदस्य, 18 पीपीसीएम रैंक और 23 एरिया कमेटी रैंक के माओवादी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार यह अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण है, जिसने नक्सल संगठन की रणनीतिक क्षमता को कमजोर कर दिया है।

    नक्सलवाद का दायरा तेजी से सिमट रहा

    इस बीच राज्य सरकार का दावा है कि लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सलवाद का दायरा तेजी से सिमट रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पिछले कुछ समय में राज्य में 532 नक्सली मारे गए, 2,004 गिरफ्तार किए गए और 2,700 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरकार का कहना है कि लगातार हो रही कार्रवाई से माओवादी नेटवर्क (Naxal Surrender Bastar) को बड़ा झटका लगा है।

    सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियानों में माओवादी संगठन के कई बड़े नेता भी मारे गए हैं। इनमें पोलित ब्यूरो और केंद्रीय कमेटी के छह सदस्य तथा स्पेशल जोनल कमेटी के 17 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा माओवादी महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू, कई हमलों के मास्टरमाइंड माडवी हिडमा, ओडिशा प्रमुख गणेश उइके और मोडेम बालकृष्ण जैसे बड़े नाम भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में ढेर किए जा चुके हैं।

    31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की गई है। ऐसे में बस्तर में 108 नक्सलियों का आत्मसमर्पण और करोड़ों रुपये की बरामदगी को इस दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह माओवादी समर्पण और कार्रवाई (Naxal Surrender Bastar) जारी रही तो आने वाले समय में बस्तर क्षेत्र पूरी तरह नक्सल प्रभाव से मुक्त हो सकता है।

     

    ये भी पढ़े : PMMVY Ranking 2026 : मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, राष्ट्रीय रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान

     

  • PMMVY Ranking 2026 : मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, राष्ट्रीय रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान

    PMMVY Ranking 2026 : मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, राष्ट्रीय रैंकिंग में हासिल किया पहला स्थान

    Chhattisgarh Breaking News : महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित मातृत्व (PMMVY Ranking 2026) को सुनिश्चित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि राज्य के प्रशासनिक समन्वय, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

    जारी राष्ट्रीय रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। राज्य में कुल 93.37 प्रतिशत नामांकन दर्ज किया गया, जबकि स्वीकृति दर 83.87 प्रतिशत रही। इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित समाधान की दर 93.95 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY Ranking 2026) में छत्तीसगढ़ ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है।

    ये भी पढ़े : PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation : खबर का असर! किसानों की आईडी लॉक मामले में जांच टीम गठित, वेंडर पर कार्रवाई की तैयारी

    PMMVY Ranking 2026 लंबित प्रकरणों की दर केवल 7.07 प्रतिशत

    रिपोर्ट के अनुसार 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर केवल 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाओं की मॉनिटरिंग, डिजिटल ट्रैकिंग और समयबद्ध कार्यप्रणाली के कारण राज्य यह उपलब्धि हासिल कर पाया है। उल्लेखनीय है कि पिछले माह की तुलना में छत्तीसगढ़ ने 6 स्थानों की छलांग लगाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है, जिससे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY Ranking 2026) के क्रियान्वयन में राज्य की दक्षता स्पष्ट होती है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

    इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY Ranking 2026) में छत्तीसगढ़ का पहला स्थान राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

    प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और विभागीय टीम के समन्वय के कारण ही छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों की मेहनत से प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY Ranking 2026) का लाभ तेजी से पात्र महिलाओं तक पहुंच रहा है।

    मंत्री राजवाड़े ने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

     

    ये भी पढ़े : Atal Vihar Housing Scheme : सारंगढ़ अटल विहार कॉलोनी में आवास खरीदने का मौका, हाउसिंग बोर्ड लगा रहा शिविर

     

  • PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation : खबर का असर! किसानों की आईडी लॉक मामले में जांच टीम गठित, वेंडर पर कार्रवाई की तैयारी

    PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation : खबर का असर! किसानों की आईडी लॉक मामले में जांच टीम गठित, वेंडर पर कार्रवाई की तैयारी

    Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र में (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) पीएम सूर्य घर योजना को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक कार्रवाई का रूप ले लिया है। किसानों से दस्तावेज और ओटीपी लेकर रजिस्ट्रेशन करने और बाद में उनकी आईडी लॉक करने के आरोपों के बाद बिजली विभाग ने पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है।

    मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसानों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच टीम गठित की गई है।

     

    ये भी पढ़े : PM Surya Ghar Yojana Scam : किसानों से कागज-ओटीपी लेकर सोलर किट में खेल! अब अन्नदाता खोलेंगे मोर्चा

    खबर के बाद हरकत में आया विभाग

    बरमकेला क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया था कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत उन्हें सोलर किट दिलाने के नाम पर दस्तावेज और ओटीपी लेकर पंजीयन कराया गया। बाद में उन्हें मनचाही कंपनी की जगह दूसरी कंपनी का सोलर पैनल देने की बात कही गई और जब उन्होंने वेंडर बदलने की कोशिश की तो उनकी आईडी लॉक कर दी गई।

    किसानों की शिकायत पर राजधानी टाइम्स लगातार इस पर खबरें प्रकाशित की। इसके बाद बिजली विभाग ने मामले की जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) को आगे बढ़ाते हुए तत्काल संज्ञान लिया। विभाग का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     

    ये भी पढ़े : Atal Vihar Housing Scheme : सारंगढ़ अटल विहार कॉलोनी में आवास खरीदने का मौका, हाउसिंग बोर्ड लगा रहा शिविर

    PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation जांच दल का गठन

    बिजली विभाग के डीई प्रकाश महानंदा के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इस टीम में एई जी.पी. सिदार और जेई अभिजीत सोनी को शामिल किया गया है। यह टीम बरमकेला क्षेत्र के गांवों में जाकर किसानों से बातचीत कर रही है और उनसे जुड़े दस्तावेजों तथा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किसानों की आईडी किस परिस्थिति में लॉक हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    वेंडर और ग्राम सेवक की भूमिका पर सवाल

    किसानों ने आरोप लगाया है कि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया। आरोप है कि वेंडर और ग्राम सेवक मिलकर किसानों से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य दस्तावेज लेकर उनका रजिस्ट्रेशन कर रहे थे। इसके बाद जब किसानों ने दूसरी कंपनी का सोलर किट लगाने से इनकार किया तो उनकी आईडी लॉक कर दी गई। अब विभाग पूरे घटनाक्रम की जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) के तहत यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या वास्तव में किसानों को किसी प्रकार से फंसाया गया।

    PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation किसानों की शिकायतें दर्ज

    जांच टीम ने प्रभावित किसानों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। कई किसानों ने दावा किया कि उन्होंने योजना के तहत सोलर किट लगवाने की उम्मीद में अपने दस्तावेज और ओटीपी साझा किए थे। लेकिन बाद में जब उन्हें पता चला कि मनचाही कंपनी की जगह दूसरी कंपनी का पैनल लगाया जाएगा, तो उन्होंने वेंडर बदलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी आईडी लॉक हो गई। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की शिकायतों के आधार पर जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) आगे बढ़ाई जा रही है।

    कार्रवाई की तैयारी

    बिजली विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित वेंडर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी सरकारी कर्मचारी या स्थानीय स्तर के कर्मचारी की भूमिका इस मामले में रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    किसानों को उम्मीद

    इस मामले में जांच शुरू होने के बाद किसानों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों का समाधान होगा। कई किसानों ने कहा कि वे केवल योजना का सही लाभ चाहते हैं और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अच्छी गुणवत्ता का सोलर किट लगवाना चाहते हैं। कमलापानी निवासी राजकुमार पटेल ने बताया कि उनके द्वारा टाटा कंपनी का सौर पैनल कराने के लिए पंजीयन कराया गया था, लेकिन वेंडर ने विक्रम कंपनी का कोटेशन भेज दिया। ऐसी स्थिति में उन्होंने वेंडर बदलनी चाही तो उनका रजिस्ट्रेशन आईडी लॉक कर दिया गया। अब वे योजना का लाभ लेने से वंचित हो गए।

    अब राजकुमार पटेल समेत अन्य किसानों का कहना है कि यदि इस तरह की गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी योजनाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसलिए उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

    ये भी पढ़े : PM Surya Ghar Yojana Scam : किसानों से दस्तावेज लेकर घटिया सोलर किट देने का आरोप, आईडी लॉक कर फंसा रहे वेंडर

     

  • Mining Rule Violation : आर्यन मिनरल्स पर नियमों के उल्लंघन के आरोप, खनन और उत्पादन आंकड़ों पर उठे सवाल

    Mining Rule Violation : आर्यन मिनरल्स पर नियमों के उल्लंघन के आरोप, खनन और उत्पादन आंकड़ों पर उठे सवाल

    RAIGARH News : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के जोतपुर-बोंदा क्षेत्र में संचालित आर्यन मिनरल्स एंड मेटल्स क्रशर (Mining Rule Violation) को लेकर अब खनन नियमों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि क्रशर संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसी वजह से क्षेत्र में खनन नियम उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।

    ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2017 में इस क्रशर संस्थान को लगभग 5 हेक्टेयर भूमि पर डोलोमाइट खनन की लीज प्रदान की गई थी। इस लीज के तहत जोतपुर, दुलमपुर और मौहापाली क्षेत्र के विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि शामिल है। लेकिन लीज मिलने के बाद से अब तक इस क्षेत्र में कितना खनन किया गया और कितनी मात्रा में खनिज का उत्पादन हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसी कारण क्षेत्र में खनन नियम उल्लंघन (Mining Rule Violation) को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    ये भी पढ़े : Crusher Pollution Impact on Students : जम्बो क्रशर के पास स्कूल और छात्रावास, धूल से बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा

    उत्पादन आंकड़ों पर स्पष्टता नहीं

    ग्रामीणों का कहना है कि लीज मिलने के बाद क्रशर संस्थान लगातार संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक आधिकारिक रूप से यह जानकारी सामने नहीं आई है कि निर्धारित अवधि में कितनी मात्रा में डोलोमाइट का खनन किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खनन और उत्पादन से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है। लेकिन अब तक ऐसी कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इससे लोगों के बीच संदेह बढ़ रहा है और खनन नियम उल्लंघन (Mining Rule Violation) की चर्चा होने लगी है।

    CSR फंड के उपयोग पर भी सवाल

    ग्रामीणों का यह भी कहना है कि किसी भी खनन या औद्योगिक परियोजना के संचालन के दौरान कंपनी को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत आसपास के गांवों में विकास कार्य करना होता है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि अब तक यह जानकारी स्पष्ट नहीं है कि आर्यन मिनरल्स एंड मेटल्स द्वारा सीएसआर मद में कितना खर्च किया गया और किन विकास कार्यों में इसका उपयोग हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कंपनी द्वारा CSR के तहत कोई कार्य किए गए हैं तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। इसी वजह से खनन नियम उल्लंघन (Mining Rule Violation) को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    ये भी पढ़े : Crusher Dust Pollution : क्रशर की धूल से बर्बाद हो रही धान की फसल, किसान बोले-विस्तार से बढ़ेगा संकट

    अवैध खदानों से पत्थर खरीदने का आरोप

    क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि आसपास के कुछ अवैध डोलोमाइट खदानों से पत्थर खरीदकर क्रशर संचालन किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो इससे शासन को राजस्व की हानि हो सकती है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि अवैध खनन से पत्थर लाकर क्रशर में उपयोग किया जा रहा है तो यह गंभीर मामला हो सकता है। इसी कारण खनन नियम उल्लंघन (Mining Rule Violation) की आशंका को लेकर जांच की मांग उठने लगी है।

    Mining Rule Violation जांच की मांग तेज

    स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि खनन लीज, उत्पादन, सीएसआर फंड और कच्चे माल की आपूर्ति से जुड़े सभी पहलुओं की जांच होने से सच्चाई सामने आ सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नियमों का पालन किया जा रहा है तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, और यदि कहीं कोई अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। स्थानीय लोगों का मानना है कि पारदर्शिता से ही इस तरह के विवादों को समाप्त किया जा सकता है। इसलिए अब क्षेत्र में खनन नियम उल्लंघन (Mining Rule Violation) को लेकर जांच और जवाबदेही की मांग तेज होती जा रही है।

    ये भी पढ़े : Crusher Expansion Protest : क्रशर विस्तार की जनसुनवाई से पहले गांवों में उबाल, विरोध की तैयारी तेज