छत्तीसगढ़

Panchayat Scam Case : 24.70 लाख का घोटाला उजागर, पूर्व सरपंच-सचिव समेत 4 पर FIR

Bilaspur News : बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत ढेका में शासकीय राशि के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों से प्राप्त राशि में भारी वित्तीय अनियमितता पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस पूरे मामले को प्रशासनिक स्तर पर गंभीर वित्तीय अनियमितता  माना गया है, जिससे पंचायत व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (1)

शिकायत के बाद गठित हुई जांच टीम

मामले की शुरुआत ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों से हुई, जिसमें पंचायत कार्यों में गड़बड़ी और राशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत बिलासपुर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बिल्हा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया। जांच टीम ने दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान कई तथ्यों में विरोधाभास सामने आया, जिससे जांच रिपोर्ट (Panchayat Scam Case) में वित्तीय गड़बड़ी की आशंका मजबूत हुई।

Panchayat Scam Case 24.70 लाख रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि

जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया 24,70,530 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। यह राशि 15वें वित्त आयोग और अन्य पंचायत मदों से संबंधित बताई गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि राशि का उपयोग निर्धारित कार्यों के अनुरूप नहीं किया गया, जिसे गंभीर घोटाला मामला (Panchayat Scam Case) माना गया है। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा है।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

Panchayat Scam Case चार आरोपियों पर FIR दर्ज

जांच में ग्राम पंचायत ढेका के पूर्व सरपंच दिनेश मौर्य, तत्कालीन सचिव सचिन कौशिक, तत्कालीन सचिव भानू विश्वकर्मा तथा पंचायत कोटवार कमल कश्यप को जिम्मेदार पाया गया। जिला पंचायत बिलासपुर के आदेश के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा ने 19 फरवरी 2026 को तोरवा थाना में एफआईआर दर्ज कराई। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 344, 316 एवं 318 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस अब मामले की पुलिस जांच (Panchayat Scam Case) के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

पंचायत क्षेत्र में मचा हड़कंप

एफआईआर दर्ज होने के बाद पंचायत क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता जरूरी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान यदि अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण को ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई (Panchayat Scam Case) पर सभी की नजर बनी हुई है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button