Forest Committee Salesman Commission : ‘राजधानी टाइम्स’ की सुर्खियां बनते ही पसीजा DFO का दिल, 3 साल से दबाया कमीशन आधा हुआ रिलीज

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Forest Committee Salesman Commission

Sarangarh News : ‘राजधानी टाइम्स छत्तीसगढ़’ ने जब सारंगढ़ वन मंडल (Forest Committee Salesman Commission) की संवेदनहीनता की कलई खोली, तो विभाग में हड़कंप मच गया। जिस सेल्समैन को 20 बार ऑफिस से दुत्कार कर भगाया गया था, खबर छपने के मात्र 2 दिन के भीतर उसी सेल्समैन के लिए सरकारी खजाना खुल गया।

खम्हरिया राशन दुकान के सेल्समैन सुरेंद्र पांडे का साल 2023 से अटका 1,60,294 रुपये का कमीशन डकार कर बैठे वन विभाग ने तत्काल 80,323 रुपये जारी करने का आदेश थमा दिया है।

जो साहब और बाबू कल तक ‘बजट नहीं है’ का बहाना बना रहे थे, खबर के वायरल होते ही उनके पास फंड भी आ गया और फाइल भी दौड़ने लगी। यह जीत केवल एक सेल्समैन की नहीं, बल्कि उन 250 आदिवासी परिवारों की है जिनके चूल्हे अब बुझने से बच जाएंगे। हालांकि, सवाल अब भी खड़ा है बाकी का आधा पैसा कब मिलेगा? क्या उसके लिए फिर से किसी बड़े आंदोलन का इंतजार है?

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Forest Committee Salesman Commission क्या था मामला

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम खम्हरिया (Forest Committee Salesman Commission)  स्थित वन समिति की उचित मूल्य दुकान (क्रमांक-412004076) का संचालन वन विभाग के अधीन है। सेल्समैन सुरेंद्र पांडे साल 2023 से अपने हक के कमीशन के लिए DFO कार्यालय की चौखट घिस रहे थे। कर्ज के बोझ तले दबे पांडे के पास अगली खेप उठाने के लिए पैसे नहीं थे, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों आदिवासियों के सामने खाद्यान्न संकट खड़ा हो गया था। ‘राजधानी टाइम्स’ ने इस भ्रष्टाचार और लापरवाही को उजागर करते हुए बताया था कि कैसे अफसर एक गरीब संचालक का हक मारकर बैठे हैं।

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Forest Committee Salesman Commission आधी राशि स्वीकृत

कुल लंबित 1,60,294 रुपये में से 80,323 रुपये आहरण करने का आदेश DFO कार्यालय द्वारा जारी कर दिया गया है। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग की संवेदनहीनता पर सवाल उठे, जिसके बाद अधिकारियों ने फाइल पर जमे धूल को झाड़कर भुगतान की फाइल आगे बढ़ाई। राशन दुकान संचालक को राशि मिलने से अब 250 आदिवासी परिवारों को अगले महीने का राशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

 

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