दूसरे राज्यों का उर्वरक, चोरी से पहुंच रहा जिले तक

रायगढ़। दूसरे राज्यों का उर्वरक चोरी से जिले में दाखिल हो रहा है।इसी तारतम्य में कापू में नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी का यूरिया पकड़ा गया। गाड़ी बिहार की है। फिलहाल इस मामले में गाड़ी मालिक से पूछताछ की जा रही है। दूसरे राज्य का उर्वरक मिलने की इस घटना से कृषि विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। उक्त उर्वरक अन्य जगह से आई ह या मार्कफेड के डबल लॉक सेंटर से खाद गायब हुई। इसकी पूरी जांच करने में अब तक अफसर नाकाम रहे हैं।

कहां से कापू तक पहुंचा उर्वरक, जांच से क्यों कतरा रहे अधिकारी

कापू में समुद्री कृषि सेवा केंद्र में एक ट्रक यूरिया पकड़ा गया। खाद की हेराफेरी और ज्यादा कीमत में बेचने का यह मामला बेहद संदेहास्पद है।समुद्री कृषि सेवा केंद्र के संचालक विजय गुप्ता ने एनएफएल कंपनी (NFL) का यूरिया कहां से खरीदा, इसकी कोई जानकारी जांच अधिकारी नहीं दे रहे हैं। 266 रुपए की एक बोरी यूरिया 750 रुपए में बेची जा रही थी।गाड़ी क्रमांक बीआर 02 जीए 8002 से 580 बोरा नीम कोटेड यूरिया खाली हो रहा था। यह गाड़ी बिहार के पाकरडीह, जिला गया की है। गाड़ी मालिक सरफराज खान पिता निसार खान है। सवाल यह है कि एनएफएल (NFL)को सरकार की डिमांड के अनुरूप ही प्राइवेट और सरकारी समितियों के लिए खाद सप्लाई करने की अनुमति है।

बॉर्डर पर सेटिंग से पहुंच रही जिले तक

बिहार की गाड़ी से पत्थलगांव होकर गाड़ी कापू पहुंची। इस दौरान अंतरराज्यीय सीमा (Inter state border)में कोई चेकिंग नहीं हुई। दूसरे राज्य का खाद छग में लाकर तीन गुना ज्यादा कीमत में बेचा जा रहा था। खाद की किल्लत के कारण पहली बार इसकी तस्करी हो रही है। इस मामले में अभी भी खाद के स्रोत को छिपाने के लिए तैयारी की जा रही है। बहुत बड़े गिरोह के तार इससे जुड़े हुए हैं।

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