कृषि समाचार

Fertilizer Token Online : खाद के लिए नहीं लगाना पड़ेगा लंबी कतारों में चक्कर, मोबाइल से टोकन लेकर खरीद सकेंगे किसान

Fertilizer Token Online खेती के सीजन में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बड़ी जरूरत होती है। उर्वरक खरीदने के दौरान होने वाली असुविधा कम करने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए अब डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल से टोकन लेकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद खरीद सकेंगे। इससे मोबाइल से खाद का टोकन (Fertilizer Token Online) प्राप्त करने और उर्वरक वितरण को व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क के तहत किसानों को आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों और अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेताओं से खाद खरीदने की सुविधा दी जाएगी। डिजिटल टोकन व्यवस्था के जरिए खरीदी की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत कृषि विभाग कृषक मित्रों और किसानों को नई प्रणाली की जानकारी दे रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसान ऑनलाइन खाद टोकन व्यवस्था (Fertilizer Token Online) को समझकर इसका उपयोग कर सकें।

 

यह भी पढ़ें :  Bilaspur School Girls Protest : कलेक्टर को गेट पर बुलाने की जिद पर अड़ी छात्राएं, कलेक्ट्रेट में हंगामा

 

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16
Apex-hospital

सरगुजा में कृषक मित्रों को दी गई जानकारी

सरगुजा जिले के अंबिकापुर में मंगलवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में विकासखंड के कृषक मित्रों और किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली, सहकारी समितियों और अधिकृत निजी विक्रेताओं से खाद खरीदने की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने बताया कि मोबाइल से खाद खरीदने का टोकन (Fertilizer Token Online) लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

 

यह भी पढ़ें : Yuvraj Singh Delhi Capitals : IPL में सिक्सर किंग युवराज सिंह की धमाकेदार एंट्री, इस टीम की बदलेंगे किस्मत!

 

मोबाइल से टोकन लेकर खरीद सकेंगे खाद

फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क के तहत किसान मोबाइल के माध्यम से डिजिटल टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति या अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेता से खाद खरीद सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य वितरण को सुव्यवस्थित करना और खरीदी के दौरान किसानों को होने वाली असुविधाओं को कम करना है।

डिजिटल टोकन प्रणाली से उर्वरक वितरण संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने में सहायता मिलने की अपेक्षा है। किसानों को ऑनलाइन खाद टोकन (Fertilizer Token Online) प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे नई व्यवस्था के अनुसार खाद खरीदने के लिए तैयार रहें।

 

यह भी पढ़ें : Urvashi Rautela Ambikapur : अंबिकापुर में गरबा नाइट में शामिल होंगी बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला

 

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने समझाई प्रक्रिया

कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जे. आलम ने कृषक मित्रों और किसानों को फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क के उद्देश्य, महत्व और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने सहकारी समितियों और अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से खाद खरीदने की प्रक्रिया भी समझाई। किसानों को निर्धारित प्रणाली के अनुसार टोकन लेकर उर्वरक खरीदने के लिए जागरूक किया गया।

 

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Bus Fare Hike : प्रदेश में यात्री बसों का किराया बढ़ा, साधारण बस में पांच किमी के लिए 10 रुपये

 

गांव-गांव तक जानकारी पहुंचाएंगे कृषक मित्र

डिजिटल व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषक मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली की जानकारी देने और प्रक्रिया समझाने के लिए प्रेरित किया गया। खासकर उन किसानों को मदद देने पर जोर दिया गया, जिन्हें मोबाइल पर डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग करने में कठिनाई होती है।

कृषक मित्रों के माध्यम से मोबाइल से खाद का टोकन लेने की प्रक्रिया (Fertilizer Token Online) गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को नई व्यवस्था समझने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद खरीदने में मदद मिल सकेगी।

 

यह भी पढ़ें : CGPSC SI Main Exam : एसआइ भर्ती की मुख्य परीक्षा स्थगित, 341 पदों पर होनी है भर्ती

 

डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास

कृषि सेवाओं में डिजिटल तकनीक के उपयोग से वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने और किसानों तक सुविधाजनक सेवाएं पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम इसी दिशा में पहल है। कृषि विभाग का प्रयास है कि कृषक मित्रों और किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देकर डिजिटल टोकन प्रणाली के उपयोग के लिए जागरूक किया जाए।

 

यह भी पढ़ें :  Bishrampur Double Murder Case : मां-बेटे की हत्या, सड़क किनारे मिला 12वीं के छात्र का शव, किराए के मकान में शिक्षिका मृत मिलीं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button