बड़ी खबर

EVM Vote Recount Case : सुप्रीम कोर्ट में खुली ईवीएम से मिली जीत, सरपंच ने ली शपथ

EVM Vote Recount Case : लगभग दो वर्ष 10 महीने पहले हुए सरपंच चुनाव के नतीजों (EVM Vote Recount Case) को देश की सर्वोच्च अदालत ने बदल दिया। सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों वाली खंडपीठ ने ईवीएम की पुनर्गणना का आदेश दिया, जिसके बाद मोहित मलिक 51 वोट से विजयी घोषित हुए। इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पुनर्मतगणना की अनुमति देने से इन्कार कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप ने परिणाम बदल दिया। प्रशासन ने गुरुवार को उन्हें सरपंच पद की शपथ दिलाई।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08

देश में इस तरह का यह पहला मामला माना जा रहा है। 2 नवंबर 2022 को हुए हरियाणा में पानीपत जिले के ग्राम पंचायत चुनाव में एक प्रशासनिक त्रुटि के कारण कुछ समय के लिए बुआना लाखू गांव के दो सरपंच बन गए थे। चुनाव में सात उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला कुलदीप और मोहित के बीच था। गांव में बूथ नंबर 65, 66, 67, 68, 69 और 270 स्थापित किए गए थे। निर्वाचन अधिकारी से बूथ नंबर 69 पर नतीजों में गलती हो गई, जिसमें मोहित के वोट कुलदीप के खाते में और कुलदीप के वोट मोहित के खाते में दर्ज हो गए। सभी बूथों के कुल परिणाम के आधार पर कुलदीप को विजेता घोषित कर दिया गया।

जब गड़बड़ी का खुलासा हुआ तो रिटर्निंग अधिकारी ने संशोधित परिणाम जारी करते हुए मोहित को विजेता घोषित किया, लेकिन कुलदीप ने इसे मानने से इंकार कर दिया। चूंकि कुलदीप को पहले ही प्रमाणपत्र मिल चुका था, उसने 12 नवंबर 2022 को हाई कोर्ट से स्टे आदेश प्राप्त कर लिया। पहली जून 2025 को हाई कोर्ट ने पुनर्मतगणना की अनुमति देने से इन्कार करते हुए फैसला कुलदीप के पक्ष में सुनाया। इसके बाद 12 जून को मोहित ने हाई कोर्ट के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में पहली सुनवाई हुई और 7 जुलाई को अदालत ने अपनी निगरानी में दोबारा मतगणना का आदेश जारी किया।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

सुप्रीम कोर्ट में हुई मतगणना में कुलदीप को 1000 और मोहित को 1051 वोट मिले। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 11 अगस्त की तारीख तय की। 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत, दीपांकर दत्ता और एनके सिंह की पीठ ने मोहित को विजयी घोषित करते हुए जिला प्रशासन को दो दिन में शपथ दिलाने का आदेश दिया।

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

(EVM Vote Recount Case) नवनिर्वाचित सरपंच को शपथ दिलाई

न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि ओएसडी (रजिस्ट्रार) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है, विशेषकर तब जब पूरी पुनर्गणना की प्रक्रिया की उचित रूप से वीडियोग्राफी की गई हो। गुरुवार को बीडीपीओ कार्यालय में डीडीपीओ राजेश शर्मा ने नवनिर्वाचित सरपंच मोहित मलिक को शपथ दिलाई। इस अवसर पर ग्रामीणों ने फूलमाला पहनाकर और मिठाई बांटकर उन्हें बधाई दी, वहीं कई स्थानों पर महिलाओं ने तिलक कर स्वागत किया।

(EVM Vote Recount Case) ने न केवल एक गलत चुनाव परिणाम को सुधारा बल्कि यह संदेश भी दिया कि न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शिता और सच्चाई की रक्षा करती है। यह फैसला चुनावी इतिहास में मिसाल बनकर दर्ज हो गया है और लोकतंत्र के लिए एक मजबूत उदाहरण है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button