Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together : सियासी घमासान के बीच दिखी ‘जय-वीरू’ की जोड़ी, बाबा ने संभाली कार की स्टेयरिंग, बगल सीट पर बैठे कका

By admin
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Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together

Chhattisgarh Congress News : छत्तीसगढ़ की सियासत में हमेशा चर्चा का केंद्र रहने वाली भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) की जोड़ी ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। पीसीसी चीफ को लेकर चल रही अंदरूनी बयानबाजी और खींचतान की खबरों के बीच सूरजपुर के विश्रामपुर में एक बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला। यहाँ कांग्रेस के उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद, जब आंदोलन स्थल से नगर पंचायत शिवनंदपुर के चुनावी आमसभा स्थल की ओर रवानगी हुई, तो दोनों दिग्गज नेता एक ही गाड़ी में सवार नजर आए।

इस सफर की सबसे खास बात यह थी कि गाड़ी की स्टेयरिंग खुद पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने संभाल रखी थी और उनके बगल वाली फ्रंट सीट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) मुस्कुराते हुए बैठे थे। सोशल मीडिया पर इस वाकये का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए टीएस सिंहदेव ने दोटूक अंदाज में कहा, “हम और भूपेश हमेशा साथ हैं। समय और परिस्थिति हम लोगों को अलग-अलग कामों की जवाबदेहियों से जोड़कर रखती है, इसलिए हर समय एक साथ दिखना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं होता। हम मिलकर आपस में बात करते रहते हैं, बस वो बातें मीडिया में नहीं आतीं और सार्वजनिक नहीं होतीं।”

दो दिनों से जारी भूख हड़ताल और अनशन समाप्त Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together

दरअसल, सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाने के सामने कांग्रेस का यह कड़ा विरोध प्रदर्शन पिछले दो दिनों से चल रहा था। भाजपा जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ धमकी देने, गाली-गलौज करने और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। कांग्रेस इसे सत्ता के दबाव में की गई एकतरफा कार्रवाई बता रही थी। सोमवार से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में शुरू हुआ यह आंदोलन मंगलवार को तब और उग्र हो गया जब टीएस सिंहदेव भी अनशन पर बैठ गए और दीपक बैज ने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

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बुधवार को मामले की गंभीरता और दोनों बड़े नेताओं (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में एसडीएम और एएसपी खुद धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने सिंहदेव और दीपक बैज से लंबी बातचीत की। अंततः पुलिस अधिकारियों को बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने कांग्रेस की मांग के अनुरूप संबंधित टीआई के खिलाफ कार्रवाई करने तथा नरेंद्र जैन पर लगी आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं को हटाने का लिखित आश्वासन दिया। इस बड़ी जीत के बाद कांग्रेस ने अपना आंदोलन स्थगित करने का फैसला किया।

थानेदार याद रखें, हमारी भी सरकार आएगी : भूपेश

धरना स्थल पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) ने पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश के कांग्रेसजन हाथों में चूड़ी पहनकर नहीं बैठे हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “इस थानेदार का नाम हमेशा याद रखा जाएगा। सरकारें आती-जाती रहती हैं, किसी दिन हमारी भी सरकार वापस आएगी। एसपी और आईजी को भी इस जमीनी हकीकत को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।

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वहीं, कार चलाने से ठीक पहले टीएस सिंहदेव (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) ने भी आर्म्स एक्ट की एफआईआर पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा, अगर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है, तो क्या कोई हथियार चलाया गया? क्या कोई हथियार मौके से बरामद हुआ? चुनाव की इस पूरी प्रक्रिया में केवल कांग्रेस के साथियों को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए यह झूठी एफआईआर दर्ज की गई है, जिसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

हम गोलियों से नहीं डरते : दीपक बैज

प्रदर्शन के दौरान (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) जब आला पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो पीसीसी चीफ दीपक बैज का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस पर सत्ता के एजेंट के रूप में काम करने का खुला आरोप लगाया। बैज ने अधिकारियों की तरफ इशारा करते हुए कहा, “हम भी पांच साल सत्ता में रहे हैं और एक थानेदार की पावर को अच्छे से जानते हैं। हम वो कांग्रेसी हैं जिन्होंने झीरम घाटी में नक्सलियों की गोलियां खाई हैं। बिना किसी प्रारंभिक जांच के सीधे आर्म्स एक्ट जैसी धारा कैसे लगा दी गई, इसका जवाब आज पुलिस को देना ही होगा।

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दीपक बैज ने साफ किया कि कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता एनएसए (रासुका) जैसी धाराओं से भी डरने वाला नहीं है, लेकिन किसी भी नागरिक पर कार्रवाई करने से पहले निष्पक्ष जांच होना अनिवार्य है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव का एक साथ आना (Bhupesh Baghel and TS Singh Deo Together) और कार में सफर करना, कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भर गया है और इसने विरोधियों को भी एक कड़ा सियासी संदेश दे दिया है।

 


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