Sarangarh Bilaigarh News : सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र में ईंधन (Petrol Pump Sealed in Baramkela) की कालाबाजारी और घटतौली की मिल रही लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के कड़े निर्देश पर बरमकेला क्षेत्र के ग्राम डभरा में संचालित ‘यश देव किसान सेवा केंद्र’ (IOCL पेट्रोल पंप) पर प्रशासनिक अमले ने अचानक दबिश दी। संयुक्त टीम द्वारा की गई इस औचक जांच के दौरान डीजल की बिक्री में गंभीर स्तर की अनियमितता पाई गई।
इसके बाद तहसीलदार, सहायक खाद्य अधिकारी और नापतौल निरीक्षक की संयुक्त टीम ने बिना कोई मौका दिए पेट्रोल पंप (Petrol Pump Sealed in Baramkela) को आगामी आदेश तक के लिए पूरी तरह सील कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बाद जहां एक तरफ हड़कंप का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक टीम की जांच के तौर-तरीकों को लेकर अब स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल भी खड़े होने लगे हैं।
आखिर सच छुपाने की कोशिश कहां हुई
इस पूरी कार्रवाई का एक दूसरा और बेहद चौंकाने वाला पहलू भी सामने आया है, जिसने पूरी जांच को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। दरअसल, इस पेट्रोल पंप (Petrol Pump Sealed in Baramkela) के खिलाफ ग्राम पंचायत डभरा की सरपंच सावित्री सिदार, सुशील नायक सहित अन्य ग्रामीणों ने लिखित में तहसीलदार बरमकेला को शिकायत सौंपी थी। ग्रामीणों ने खुले तौर पर जांच की मांग की थी।

हैरानी की बात यह रही कि मंगलवार की देर शाम जब प्रशासनिक टीम जांच करने पेट्रोल पंप पहुंची, तो उन्होंने मुख्य शिकायतकर्ताओं (सरपंच और ग्रामीणों) को सूचना तक नहीं दी और न ही जांच के समय उन्हें वहां मौजूद रहने के लिए बुलाया गया। शिकायतकर्ताओं की अनुपस्थिति में आनन-फानन में की गई इस एकतरफा जांच (Petrol Pump Sealed in Baramkela) और सीलिंग की कार्रवाई को लेकर अब क्षेत्र के लोग सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों का पूछना है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी जो शिकायत करने वालों को ही पूरी प्रक्रिया से दूर रखा गया?
किसानों के लिए एक भी सुविधा नहीं
कहने को तो इस पेट्रोल पंप का नाम ‘यशदेव किसान सेवा केंद्र’ रखा गया है, जिसे मुख्य मार्ग के किनारे इसलिए मंजूरी दी गई थी ताकि क्षेत्र के अन्नदाताओं को डीजल-पेट्रोल के लिए भटकना न पड़े और उन्हें विशेष सुविधाएं मिल सकें। लेकिन धरातल की हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पंप पर किसानों के बैठने, शुद्ध पेयजल या अन्य किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधा का नामोनिशान तक नहीं है।
इतना ही नहीं, इस केंद्र के संचालकों पर स्थानीय नियमों की धज्जियां उड़ाने का भी गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप की स्थापना के पहले वर्ष को अगर छोड़ दिया जाए, तो उसके बाद से लेकर आज पर्यन्त तक पंप प्रबंधन द्वारा ग्राम पंचायत डभरा को एक रुपये का भी संपत्ति कर (Property Tax) अदा नहीं किया गया है। इतने वर्षों से संपत्ति कर न मिलने के कारण स्थानीय ग्राम पंचायत को भारी वित्तीय और राजस्व की क्षति उठानी पड़ रही है। अब पंचायत के पदाधिकारी इस दिशा में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई (Petrol Pump Sealed in Baramkela) कराने की मांग पर अड़ गए हैं।
जिले भर में सघन जांच अभियान जारी
इस बड़ी कार्रवाई के बीच जिला प्रशासन ने आम जनता को आश्वस्त किया है कि क्षेत्र में घबराने या पैनिक होने की कोई आवश्यकता नहीं है। जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। ईंधन की सुचारु और पारदर्शी उपलब्धता बनाए रखने के लिए खाद्य अधिकारी गणेश कुर्रे, एसडीएम वर्षा बंसल और तहसीलदार नंदकिशोर सिन्हा की मौजूदगी में विगत दिनों सारंगढ़ शहर के 6 प्रमुख पेट्रोल पंपों का भी सघन निरीक्षण किया गया था।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर के सख्त रवैये को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सरसीवा, सरिया, भटगांव सहित जिले के तमाम ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान (Petrol Pump Sealed in Baramkela) चलाया जा रहा है ताकि आम उपभोक्ताओं और किसानों के अधिकारों का हनन न हो सके।
Discover more from RAJDHANI TIMES
Subscribe to get the latest posts sent to your email.




