Ek Din Ka Collector : एक दिन के लिए शिक्षक बने कलेक्टर, एसपी समेत जिलेभर के अधिकारियों ने बच्चों को पढ़ाया
Ek Din Ka Collector सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में अनूठी पहल देखने को मिली, जब सारंगढ़-बिलाईगढ़ कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एक दिन के लिए शिक्षक बनीं। एक दिन के कलेक्टर (Ek Din Ka Collector) की इस पहल के तहत पुलिस अधीक्षक से लेकर जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारी भी स्कूलों में पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों को पढ़ाया, उनके सवालों के जवाब दिए और सफलता के मंत्र साझा किए। पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और भविष्य निर्माण के साथ विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और अच्छे संस्कारों की सीख भी दी गई।

स्कूलों की कक्षाओं में पहुंचे अधिकारी
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा दान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋषिकेश तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी एनएल पटेल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, डिप्टी कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाया। एक दिन के लिए कलेक्टर (Ek Din Ka Collector) की इस पहल में प्रशासनिक अधिकारियों ने बच्चों के साथ सीधा संवाद किया।
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संघर्ष और सफलता के अनुभव किए साझा
अधिकारियों ने अपने विद्यार्थी जीवन, पढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों और सफलता के लिए किए गए प्रयासों के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर मेहनत से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। बच्चों को पढ़ाई के उपयोगी सुझाव देने के साथ उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कलेक्टर की शिक्षक वाली पहल (Ek Din Ka Collector) से विद्यार्थियों को अधिकारियों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिला।
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बड़े सपने देखने और लक्ष्य तय करने की सीख
हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बच्चों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय करने तथा योजनाबद्ध तरीके से उसकी तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्कूली जीवन से ही भविष्य की दिशा तय कर नियमित अध्ययन किया जाए तो सपनों को साकार किया जा सकता है। एक दिन के कलेक्टर अभियान (Ek Din Ka Collector) के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी आकांक्षाएं साझा कीं और मार्गदर्शन प्राप्त किया।
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शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन पर जोर
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने समझाया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, अनुशासित, संवेदनशील और संस्कारवान नागरिक बनना भी है। बच्चों को माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने, अच्छी आदतें अपनाने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियां समझने की सीख दी गई।
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खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की सलाह
विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद, योग, व्यायाम और रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ शरीर, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास जीवन में आगे बढ़ने के महत्वपूर्ण आधार हैं। बच्चों को मोबाइल और अन्य डिजिटल माध्यमों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा नियमित अध्ययन के साथ अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने की सलाह भी दी गई। एक दिन के कलेक्टर की पहल (Ek Din Ka Collector) का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ जीवन के व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना रहा।












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