8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग में चपरासी की 46 हजार, टीचर की 91 हजार और अफसर की 1.44 लाख होगी सैलरी
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच सैलरी बढ़ोतरी की चर्चा तेज है। सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। अगर सरकार 7वें वेतन आयोग की तरह 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो चपरासी से लेकर शिक्षक और क्लास-1 अधिकारी तक की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौजूदा वेतन (8th Pay Commission) को 2.57 से गुणा करने पर Level-1 कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 से बढ़कर 46,260, Level-6 शिक्षक की 35,400 से बढ़कर 90,978 और Level-10 अधिकारी की 56,100 से बढ़कर 1,44,177 हो सकती है। हालांकि, ये आंकड़े केवल अनुमानित गणना हैं, क्योंकि 8वें वेतन आयोग ने अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है।
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फिटमेंट फैक्टर से कैसे तय होगी नई सैलरी
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर पुराने वेतन को संशोधित करके नए वेतन का अनुमान लगाया जाता है। आसान भाषा में समझें तो मौजूदा बेसिक सैलरी को तय फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाता है। अगर 2.57 को उदाहरण के तौर पर लिया जाए, तो नई बेसिक सैलरी निकालने का फार्मूला होगा मौजूदा बेसिक सैलरी × 2.57। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। अब 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कर्मचारी संगठन अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। इसलिए 2.57 के आधार पर नीचे दिया गया पूरा हिसाब केवल संभावित तस्वीर समझने के लिए है।
चपरासी की 18 हजार वाली बेसिक सैलरी हो सकती है 46,260
पे मैट्रिक्स के Level-1 में आने वाले चपरासी या ग्रुप-डी कर्मचारी की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 है। अगर 8वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो इसका सीधा हिसाब 18,000 × 2.57 = 46,260 होगा। यानी इस उदाहरण में चपरासी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 से बढ़कर 46,260 हो सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी के खाते में हर महीने 46,260 ही आएगा, क्योंकि हाथ में मिलने वाला वेतन अलग-अलग भत्तों, कटौती और नए वेतन आयोग के नियमों पर निर्भर करेगा।
टीचर की बेसिक सैलरी करीब 91 हजार तक पहुंच सकती है
Level-6 में आने वाले शिक्षक की 7वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत शुरुआती बेसिक सैलरी 35,400 है। अगर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लगाया जाए तो 35,400 × 2.57 = 90,978 होता है। यानी इस अनुमान के मुताबिक शिक्षक की शुरुआती बेसिक सैलरी करीब 91 हजार तक पहुंच सकती है। यहां भी यह केवल बेसिक सैलरी का अनुमान है। वास्तविक वेतन कितना होगा, यह कर्मचारी के पद, वेतन स्तर, भत्तों और 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों के आधार पर तय होगा।
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क्लास-1 अधिकारी की शुरुआती बेसिक सैलरी 1.44 लाख से ज्यादा
Level-10 में आने वाले क्लास-1 अधिकारी की 7वें वेतन आयोग के तहत शुरुआती बेसिक सैलरी 56,100 है। यदि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में भी 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो 56,100 × 2.57 = 1,44,177 होता है। इस हिसाब से अधिकारी की शुरुआती बेसिक सैलरी 1.44 लाख से अधिक हो सकती है। यानी 2.57 के उदाहरण में तीनों स्तरों पर बेसिक सैलरी में काफी बड़ा अंतर दिखाई देता है।
चपरासी, शिक्षक और अधिकारी का पूरा हिसाब
| पद | वेतन स्तर | मौजूदा बेसिक सैलरी | 2.57 पर अनुमानित बेसिक सैलरी |
|---|---|---|---|
| चपरासी/ग्रुप-डी | Level-1 | 18,000 | 46,260 |
| शिक्षक | Level-6 | 35,400 | 90,978 |
| क्लास-1 अधिकारी | Level-10 | 56,100 | 1,44,177 |
ऊपर की गणना से साफ है कि अगर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो Level-1 से Level-10 तक बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लेकिन इसे अभी अंतिम वेतन नहीं माना जा सकता।
क्या हाथ में मिलने वाली सैलरी भी इतनी ही बढ़ेगी
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का असर केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा। बेसिक सैलरी में बदलाव के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और यात्रा भत्ते जैसे भुगतान भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद इन भत्तों की गणना किस तरीके से होगी, यह उसके नियमों पर निर्भर करेगा। इसलिए 46,260, 90,978 या 1,44,177 को सीधे हाथ में मिलने वाली मासिक सैलरी समझना सही नहीं होगा। इन आंकड़ों का इस्तेमाल केवल नई संभावित बेसिक सैलरी समझने के लिए किया जा रहा है।
8th Pay Commission पेंशनर्स को भी मिल सकता है फायदा
अगर 2.57 के फिटमेंट फैक्टर को उदाहरण के तौर पर लिया जाए तो न्यूनतम पेंशन में भी बड़ा बदलाव दिखाई दे सकता है। मौजूदा न्यूनतम पेंशन 9,000 मानें तो 9,000 × 2.57 = 23,130 होता है। यानी इस अनुमानित गणना में न्यूनतम पेंशन 9,000 से बढ़कर 23,130 हो सकती है। हालांकि कर्मचारियों की तरह पेंशनर्स के लिए भी वास्तविक बढ़ोतरी का फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
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अभी तय नहीं है 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अभी फिटमेंट फैक्टर को अंतिम रूप नहीं दिया है। 2.57 का आंकड़ा 7वें वेतन आयोग के आधार पर लिया गया उदाहरण है। कर्मचारी संगठन इससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अंतिम फिटमेंट फैक्टर 2.57 से कम या ज्यादा हो सकता है। इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होगी। इसलिए फिलहाल 46,260, 90,978 और 1,44,177 को संभावित आंकड़ों के तौर पर ही देखना चाहिए। अंतिम वेतन आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।












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