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  • Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    Surajpur River Accident : रेण नदी में नहाने उतरे 4 लोगों की मौत, किसी ने खोया पति-बेटा तो किसी ने दोनों बेटे

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में रेण नदी हादसे (Surajpur River Accident) ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दीं। शनिवार सुबह बिश्रामपुर थाना क्षेत्र के सरस्वतीपुर स्थित कोन्हाखार के पास ढोघट घाट पर नदी में नहाने उतरे चार लोगों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में पिता-पुत्र विवेक सिंह और अभिजीत सिंह के साथ दो सगे भाई गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल शामिल हैं। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चारों के शव नदी से बाहर निकाले। दशहरा मनाने के बाद शनिवार को सभी को बिहार स्थित अपने घर लौटना था, लेकिन इससे पहले ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    जिस घर में दशहरा की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। एक महिला ने अपना पति और इकलौता बेटा खो दिया, तो दूसरे परिवार के दोनों बेटे हमेशा के लिए बिछड़ गए। हादसे की खबर मिलते ही स्वजन और परिचितों में शोक छा गया।

     

     

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    मंदिर में दर्शन के बाद नदी पहुंचे थे चारों

    यह घटना (Surajpur River Accident)  सूरजपुर क्षेत्र के चंदरपुर में रहने वाली नेहा सिंह के परिवार के साथ हुई। नेहा ब्यूटी पार्लर और श्रृंगार की दुकान चलाती हैं और अपने बेटे अभिजीत के साथ यहां रहती थीं। दशहरा पर्व मनाने के लिए उनके पति विवेक सिंह, नेहा के माता-पिता और उनकी बहन के दोनों बेटे बिहार के कटिहार जिले से चंदरपुर आए थे।

    शनिवार को सभी को वापस बिहार लौटना था। इससे पहले सुबह विवेक सिंह स्कूटी से पंपापुर स्थित महामाया मंदिर में दर्शन करने गए। वहां से उन्होंने अपने बेटे अभिजीत और साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटों गोपाल कृष्ण व कृष्ण गोपाल को फोन कर कोन्हाखार स्थित रेण नदी के घाट पर बुलाया। चारों ने नदी में स्नान करने की योजना बनाई थी, लेकिन गहरे पानी में उतरना जानलेवा साबित हुआ।

     

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    कपड़े, चप्पल और स्कूटी देखकर हुआ संदेह

    काफी देर तक चारों के वापस नहीं लौटने पर नदी किनारे (Surajpur River Accident)  मौजूद ग्रामीणों की नजर वहां रखे कपड़े, चप्पल, मोबाइल फोन और दो स्कूटी पर पड़ी। आसपास कोई नजर नहीं आने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। ग्रामीणों की सूचना पर बिश्रामपुर पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस ने स्कूटी के पंजीयन नंबर के आधार पर उनके मालिकों की जानकारी जुटाई। दोनों स्कूटी नेहा सिंह और विवेक सिंह के नाम पर दर्ज थीं। पंजीयन रिकॉर्ड से मिले मोबाइल नंबर के जरिए स्वजन को घटना की जानकारी दी गई।

     

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    ग्रामीण युवकों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद निकाले शव

    पुलिस ने नगर सेना की जिला आपदा प्रतिक्रिया बल (डीडीआरएफ) की टीम को सूचना दी। टीम के रमकोला में होने के कारण अंबिकापुर से राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) को बुलाया गया। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीण युवक मनीष सिंह, कमल सिंह और गणेश सिंह नदी में तलाश के लिए उतर गए।

    करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सबसे पहले गोपाल कृष्ण का शव पत्थर के पास फंसा मिला। इसके बाद कृष्ण गोपाल और विवेक सिंह के शव बरामद किए गए। कुछ दूरी पर विवेक के पुत्र अभिजीत का शव भी मिल गया। ग्रामीण युवकों के प्रयास से चारों शवों को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शवों को मर्च्युरी में सुरक्षित रखवाया। बिहार के कटिहार से स्वजन के रवाना होने के कारण पुलिस उनके पहुंचने का इंतजार कर रही थी।

     

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    किसी ने खोया पति और इकलौता बेटा

    रेण नदी हादसे (Surajpur River Accident) में विवेक सिंह और उनके इकलौते पुत्र अभिजीत की मौत हो गई। वहीं, विवेक के साढ़ू जितेंद्र सिंह के दोनों बेटे गोपाल कृष्ण और कृष्ण गोपाल भी काल के गाल में समा गए। जितेंद्र सिंह के दो ही बच्चे थे। एक ही हादसे में पिता-पुत्र और दो सगे भाइयों की मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    जिस परिवार को शनिवार को दशहरा मनाने के बाद अपने घर लौटना था, वहां अब अपनों के अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ रही है। हादसे ने दोनों परिवारों को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।

     

    Surajpur River Accident  दुर्घटना में इनकी हुई मौत

    • विवेक कुमार सिंह (45): पिता विश्वनाथ सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
    • अभिजीत सिंह (20): पिता विवेक सिंह, वर्तमान निवासी चंद्रपुर, थाना सूरजपुर, जिला सूरजपुर; कुशवाहा के मकान में किराएदार।
    • गोपाल कृष्ण (13): पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।
    • कृष्ण गोपाल (14): पिता जितेंद्र सिंह, निवासी बीएमपी-7, जिला कटिहार, बिहार।

     

  • Arun Sao Review Meeting : त्योहारों से पहले सड़कें सुधारें, अक्टूबर तक पूरे करें पीएम आवास; अरुण साव ने अधिकारियों को दी चेतावनी

    Arun Sao Review Meeting : त्योहारों से पहले सड़कें सुधारें, अक्टूबर तक पूरे करें पीएम आवास; अरुण साव ने अधिकारियों को दी चेतावनी

    Arun Sao Review Meeting त्योहारों से पहले सड़कों की मरम्मत पूरी करनी होगी और अधूरे विकास कार्यों को गति देनी होगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए समय-सीमा का पालन करने के निर्देश दिए। अरुण साव की समीक्षा बैठक (Arun Sao Review Meeting) में उन्होंने कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता और सक्रियता से निभाएं। प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रगतिरत निर्माण कार्यों को अक्टूबर तक पूरा करने और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया।

     उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

    योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी बर्दाश्त नहीं

    सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में हुई बैठक में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर रेना जमील सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    उप मुख्यमंत्री ने स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने, गुणवत्ता बनाए रखने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना है। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय, पारदर्शिता और समयबद्धता जरूरी है। विकास कार्यों की समीक्षा (Arun Sao Review Meeting) के दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यालयों की व्यवस्था और साफ-सफाई सुधारने के लिए भी कहा।

     उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

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    अक्टूबर तक पूरे करने होंगे पीएम आवास के निर्माण

    नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा करते हुए अरुण साव ने नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रगतिरत कार्यों को तेजी से पूरा करने के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए।

    उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को प्राथमिकता का कार्य बताते हुए सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अक्टूबर तक प्रगतिरत आवासों का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), 15वें वित्त आयोग और वर्षा जल संचयन से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। पीएम आवास और नगरीय योजनाओं की समीक्षा (Arun Sao Review Meeting) में राजस्व संग्रहण की हर महीने समीक्षा करने को भी कहा गया।

     

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     उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

    त्योहारों से पहले सड़कों की मरम्मत पूरी करें

    लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों और अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क और अधोसंरचना से जुड़े कार्य सीधे आम लोगों के आवागमन को प्रभावित करते हैं, इसलिए इनमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

    आने वाले त्योहारों को देखते हुए उन्होंने समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने और लोगों को असुविधा से बचाने पर जोर दिया। सड़क मरम्मत के निर्देश (Arun Sao Review Meeting) के तहत अधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर नियमित निगरानी करने को कहा गया।

     

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    पेयजल व्यवस्था और जल जीवन मिशन की निगरानी के निर्देश

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने तथा पेयजल अधोसंरचना के रखरखाव और योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

     

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    प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल अधिकारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और शिक्षा विभाग को मिलकर कार्ययोजना बनाने को कहा। स्कूलों के संकुलवार एक-एक शारीरिक प्रशिक्षण अनुदेशक को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने के निर्देश भी दिए।

    उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के पंजीयन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और खेल संघों तथा खेल से जुड़े लोगों को अभियान में शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेल से स्वास्थ्य, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ता है। इसलिए युवाओं को बेहतर सुविधाएं देने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

    बैठक में सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।