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  • Ranchi Ormanjhi Farming Training : 47 कृषि सखियों ने झारखंड के ओरमांझी में सीखी आधुनिक खेती की तकनीकें

    Ranchi Ormanjhi Farming Training : 47 कृषि सखियों ने झारखंड के ओरमांझी में सीखी आधुनिक खेती की तकनीकें

    Jashpur News : जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड में कार्यरत 47 कृषि सखियों ने झारखंड राज्य के रांची जिले के ओरमांझी प्रखंड में सफल एवं प्रगतिशील किसानों (Ranchi Ormanjhi Farming Training) के खेतों का शैक्षणिक परिभ्रमण किया। यह भ्रमण कार्यक्रम 6 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें कृषि सखियों को आधुनिक खेती की उन्नत तकनीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ।

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    इस शैक्षणिक दौरे के दौरान कृषि सखियों ने झारखंड सरकार एवं भारत सरकार द्वारा सम्मानित कृषक गणशू महतो तथा प्रगतिशील (Ranchi Ormanjhi Farming Training) महिला किसान संगीता देवी के खेतों में किए जा रहे नवाचारों और आधुनिक कृषि पद्धतियों का गहन अवलोकन किया। इस भ्रमण का उद्देश्य कृषि सखियों को सफल किसानों के अनुभवों से जोड़ते हुए उन्हें नवीन तकनीकों से परिचित कराना था, ताकि वे अपने क्षेत्र में किसानों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान कर सकें।

    परिभ्रमण के दौरान गोभी, मटर, मूली, मिर्च सहित विभिन्न साग-सब्जियों की उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी दी गई। किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक कृषि (Ranchi Ormanjhi Farming Training) तकनीकों जैसे मल्चिंग का उपयोग, जैविक खेती की तैयारी, मृदा परीक्षण की आवश्यकता, उपयुक्त उर्वरकों का चयन, मचान खेती, ड्रिप इरीगेशन प्रणाली एवं फसल प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों को कृषि सखियों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा।

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    यह प्रेरणादायक पहल कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास के नेतृत्व में तथा जिला पंचायत जशपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत कृषि सखियों की क्षमता वृद्धि करना और उन्हें नवाचार आधारित खेती से जोड़ना है।

    झारखंड सरकार द्वारा सम्मानित कृषक गणशू महतो, ग्राम सदमा (ओरमांझी) ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की कहानी साझा (Ranchi Ormanjhi Farming Training) करते हुए बताया कि वे कभी मात्र 50 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी करते थे, लेकिन वैज्ञानिक खेती की जानकारी अपनाकर उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल दी। वर्तमान में वे आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता की कहानी सुनकर कृषि सखियाँ बेहद उत्साहित और प्रेरित हुईं।

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    इसी प्रकार प्रगतिशील (Ranchi Ormanjhi Farming Training) महिला किसान संगीता देवी, ग्राम कच्चू (ओरमांझी) ने बताया कि उन्होंने लीज पर भूमि लेकर सब्जी एवं अन्य फसलों की उन्नत खेती (Ranchi Ormanjhi Farming Training) प्रारंभ की। वर्तमान में वे 8 एकड़ भूमि पर खेती कर लाखों रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। उनके अनुभवों ने महिला कृषि सखियों में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की नई ऊर्जा का संचार किया।

    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल से जशपुर जिले में कृषि आधारित आजीविका को मजबूती मिलने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम महिला कृषकों को सशक्त बनाते हुए उन्हें “लखपति दीदी” के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

  • Jindal Foundation CSR : जिन्दल स्टील एंड पावर को कृषि प्रोत्साहन व बुजुर्ग कल्याण के लिए मिला ग्रीनटेक अवार्ड-2025

    Jindal Foundation CSR : जिन्दल स्टील एंड पावर को कृषि प्रोत्साहन व बुजुर्ग कल्याण के लिए मिला ग्रीनटेक अवार्ड-2025

    Raigarh News : प्रसिद्ध उद्योगपति एवं कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिन्दल (Jindal Foundation CSR) के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर (JSP) को सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ग्रीनटेक अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार कंपनी को “कृषि प्रोत्साहन” और “वरिष्ठ नागरिक कल्याण” जैसे दो अहम क्षेत्रों में प्रदान किया गया।

    14 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया, जो शालू जिन्दल के नेतृत्व वाले जिन्दल फाउंडेशन (Jindal Foundation CSR) द्वारा समाज में किए जा रहे सतत और समावेशी विकास के प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

     

    शालू जिन्दल का वक्तव्य

    जिन्दल फाउंडेशन (Jindal Foundation CSR) की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा –

    “इन दोनों ग्रीनटेक पुरस्कारों को पाकर हम गौरवान्वित हैं। यह सम्मान हमें पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के हमारे मिशन को और मजबूत करता है।
    चाहे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से लैस करना हो या बुजुर्गों के लिए गरिमा और सुरक्षा का माहौल बनाना — हमारे सभी कार्य सेवा और संवेदना से प्रेरित हैं।
    मैं यह पुरस्कार अपनी समर्पित टीम और उन जुझारू समुदायों को समर्पित करती हूं, जिनके साथ मिलकर हम कार्य कर रहे हैं।”

    कृषि प्रोत्साहन श्रेणी में पुरस्कार

    यह पुरस्कार जिन्दल फाउंडेशन (Jindal Foundation CSR) के ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में किसानों के जीवनस्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में किए गए उल्लेखनीय प्रयासों को मान्यता देता है:

    अब तक 25,000 से अधिक किसानों को जैविक खेती, जल-संरक्षण तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्र, और मिट्टी की गुणवत्ता सुधार जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

    इन पहलों से उत्पादन और किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।

    हाल ही में अंगुल जिले में किसानों के लिए मोबाइल सॉइल टेस्टिंग लैब की शुरुआत की गई, जो नवीन जिन्दल के दृष्टिकोण से प्रेरित प्राकृतिक खेती मिशन का हिस्सा है।

    वाटरशेड विकास परियोजना और बाड़ी कार्यक्रम (WADI) को भी राष्ट्रीय मंचों पर सराहना प्राप्त हो रही है।

    वरिष्ठ नागरिक कल्याण श्रेणी में पुरस्कार (Jindal Foundation CSR)

    JSP द्वारा बुजुर्गों के लिए चलाए जा रहे देखभाल कार्यक्रमों को भी यह पुरस्कार मिला है:

    जिन्दल फाउंडेशन की पहल के तहत मोबाइल हेल्थ क्लिनिक, डे-केयर सेंटर, घरों में स्वास्थ्य सेवा, तथा मानसिक परामर्श सेवाएं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में हज़ारों बुजुर्गों को राहत दे रही हैं।

    इन कार्यक्रमों ने स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, और सामाजिक जुड़ाव में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाई है।

    फाउंडेशन जरूरतमंद बुजुर्गों के पोषण और देखभाल के लिए गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है।

    जल्द ही “जिन्दल अपनाघर” नाम से एक आधुनिक वृद्धाश्रम की स्थापना की जाएगी, जहां बुजुर्ग गरिमापूर्ण और स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकेंगे।