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ACB Trap Action Principal : रिश्वत लेते रंगे हाथ धराया प्राचार्य, व्याख्याता से वेतन के नाम पर मांग रहा था ‘कमीशन’

Balodabazar ACB Trap News : बलौदाबाजार जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोपका में पदस्थ प्राचार्य आर.एन. बया (ACB Trap Action Principal) के खिलाफ एसीबी को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इस एसीबी ट्रैप कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी दिनेश्वर जांगड़े, निवासी मोपका ने रायपुर स्थित एसीबी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके पिता विजय कुमार जांगड़े, जो उसी विद्यालय में व्याख्याता हैं, उन्हें प्राचार्य द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

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सालों से चल रहा था कमीशन का खेल

शिकायत के अनुसार, व्याख्याता विजय कुमार जांगड़े का स्थानांतरण वर्ष 2017-18 में दुर्ग जिले से मोपका हुआ था। तब से ही प्राचार्य आर.एन. बया द्वारा हर महीने उनका वेतन निर्बाध रूप से निकालने और सर्विस रिकॉर्ड में कोई अड़चन न डालने के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। इस एसीबी ट्रैप कार्रवाई (ACB Trap Action Principal) के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी प्राचार्य शुरुआत में 10 हजार रुपये प्रतिमाह की मांग करता था, जिसे हाल ही के 6 महीनों में बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया गया था।

रेलवे स्टेशन पर बिछाया गया जाल

एसीबी रायपुर की टीम ने प्रार्थी की शिकायत का गोपनीय तरीके से सत्यापन किया। जब रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई, तब 25 फरवरी 2026 को एक विशेष रणनीति के तहत एसीबी ट्रैप कार्रवाई (ACB Trap Action Principal) को अंजाम दिया गया। तय योजना के मुताबिक, प्रार्थी ने आरोपी प्राचार्य को पैसे देने के लिए भाटापारा रेलवे स्टेशन के पास बुलाया। जैसे ही प्राचार्य ने 15 हजार रुपये के पाउडर लगे नोटों को हाथ में लिया, सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।

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रंगे हाथों पकड़े जाने पर उड़ा प्राचार्य का होश

जैसे ही एसीबी की टीम ने आरोपी प्राचार्य को दबोचा, उसके होश उड़ गए। टीम ने तत्काल आरोपी के हाथ धुलवाए, जिससे पानी का रंग गुलाबी हो गया, जो रिश्वत लेने का पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण है। इस एसीबी ट्रैप कार्रवाई (ACB Trap Action Principal) के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर भाटापारा के विश्राम गृह ले जाया गया, जहाँ घंटों तक पूछताछ और दस्तावेजों की छानबीन की गई। आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई है।

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ACB Trap Action Principal  शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा अपने ही स्टाफ से इस तरह की वसूली किए जाने की खबर जैसे ही फैली, पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। विभाग के अन्य कर्मचारियों का कहना है कि इस एसीबी ट्रैप कार्रवाई (ACB Trap Action Principal) से उन भ्रष्ट अधिकारियों को कड़ा संदेश मिलेगा जो छोटे कर्मचारियों का शोषण करते हैं। एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की जांच

एसीबी के डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में हुई इस एसीबी ट्रैप कार्रवाई (ACB Trap Action Principal) के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अब एसीबी की टीम आरोपी प्राचार्य के घर और अन्य ठिकानों की भी तलाशी ले सकती है ताकि उसकी आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके। प्रार्थी ने इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पिता पिछले कई वर्षों से इस प्रताड़ना को झेल रहे थे।

 

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