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  • India vs England Test : 311 रन पीछे, 0 पर 2 विकेट,  फिर गिल, जडेजा और सुंदर ने इंग्लैंड को चटाई धूल!

    India vs England Test : 311 रन पीछे, 0 पर 2 विकेट, फिर गिल, जडेजा और सुंदर ने इंग्लैंड को चटाई धूल!

    India vs England 4th Test :  मैनचेस्टर में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया चौथा टेस्ट मैच (India vs England Test) ड्रॉ पर समाप्त हुआ, लेकिन यह मैच भारतीय टीम के लिए कई मायनों में खास और यादगार बन गया। इंग्लैंड ने पहली पारी में 669 रन ठोककर भारत के सामने 311 रन की भारी बढ़त रखी थी।

    जवाब में भारतीय टीम (India vs England Test) को पहले ही ओवर में दो बड़े झटके लगे थे, जिससे पारी हारने का खतरा मंडराने लगा था। लेकिन केएल राहुल और शुभमन गिल की 188 रन की जबरदस्त साझेदारी ने टीम को संभाला और फिर जडेजा और वाशिंगटन सुंदर की जुझारू और आक्रामक पारियों ने इंग्लैंड को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। दोनों बल्लेबाजों ने नाबाद शतक जड़े और 203 रनों की साझेदारी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला।

    पांचवें और अंतिम दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 4 विकेट के नुकसान पर 425 रन बना लिए थे। रवींद्र जडेजा ने 107 रन पर नाबाद रहते हुए शानदार पारी खेली, वहीं वाशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 101 रन बनाए।

    गौरतलब है कि इंग्लैंड (India vs England Test) ने अपनी पहली पारी में 669 रन बनाए थे, जिससे उसे भारत पर 311 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई। भारत ने पहली पारी में 358 रन बनाए थे। हालांकि इस मुकाबले के ड्रॉ रहने के बाद भी भारत पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-2 से पीछे है। ऐसे में भारत का इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज जीतने का सपना अब भी अधूरा ही रहेगा, क्योंकि अगर भारत अंतिम मैच जीत भी जाता है तो सीरीज केवल बराबरी पर खत्म होगी।

    भारत की दूसरी पारी का पूरा हाल

    भारतीय पारी की शुरुआत बेहद खराब रही, जब सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। दोनों को पहले ही ओवर में क्रिस वोक्स ने आउट कर दिया। शुरुआती दो झटकों के बाद केएल राहुल और कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला। शुभमन गिल ने बेहतरीन शतक जड़ा, जबकि केएल राहुल दुर्भाग्यवश शतक से चूक गए। इनके आउट होने के बाद रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने मोर्चा संभाला और शानदार साझेदारी की।

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    (India vs England Test)  इंग्लैंड की पहली पारी

    इंग्लैंड की ओर से पहली पारी में जो रूट ने शानदार 150 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 248 गेंदों का सामना करते हुए 14 चौके लगाए। वहीं कप्तान बेन स्टोक्स ने 198 गेंदों में 141 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल थे। जैक क्राउली (84 रन), बेन डकेट (94 रन) और ओली पोप ने भी उपयोगी अर्धशतक जमाए।

    भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो रवींद्र जडेजा ने सर्वाधिक 4 विकेट झटके। वहीं वाशिंगटन सुंदर और जसप्रीत बुमराह को 2-2 सफलताएं मिलीं। अंशुल कम्बोज और मोहम्मद सिराज ने भी एक-एक विकेट हासिल किया।

     

  • ENG vs IND Test 1 : लीड्स में टीम इंडिया 2.0 का धमाका, पंत-गिल-जायसवाल ने अंग्रेजों का खोल दिया धागा

    ENG vs IND Test 1 : लीड्स में टीम इंडिया 2.0 का धमाका, पंत-गिल-जायसवाल ने अंग्रेजों का खोल दिया धागा

    Eng Vs Ind leeds Test : लीड्स टेस्ट (ENG vs IND Test 1) का पहला दिन  भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गया। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद यह भारत की पहली टेस्ट सीरीज़ है और टीम इंडिया 2.0 ने नए युग की धमाकेदार शुरुआत की।

    शुक्रवार से शुरू हुए लीड्स टेस्ट (ENG vs IND Test 1) में सवाल यही था कि क्या ये नई भारतीय टीम इंग्लैंड की अनुभवी बॉलिंग अटैक का सामना कर पाएगी। लेकिन पहले दिन टीम इंडिया के युवा बल्लेबाजों ने शानदार बल्लेबाजी कर यह साबित कर दिया कि भविष्य भी उज्जवल है। यशस्वी जायसवाल (101), शुभमन गिल (127 नाबाद) और ऋषभ पंत (65 नाबाद) की पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।

    बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, जिससे भारतीय खेमे में थोड़ी मायूसी छा गई। कप्तान शुभमन गिल भी टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करना चाहते थे, क्योंकि यहां खेले गए पिछले छह टेस्ट में जो टीम पहले गेंदबाजी की, वही विजेता रही है। चौथी पारी में बड़े लक्ष्य भी सफलतापूर्वक चेज हुए हैं—322, 359, 296 और 251 रन तक।

    लेकिन इन सारे आँकड़ों को दरकिनार कर भारतीय टीम ने पहले दिन 85 ओवर में 322 रन ठोक डाले। रन रेट रहा 4.22 का। यशस्वी जायसवाल ने एक और शतक लगाकर इंग्लैंड के खिलाफ अपना रिकॉर्ड और पुख्ता किया। शुभमन गिल ने कप्तान के तौर पर अपने पहले टेस्ट की शुरुआत ही शतक से की। दोनों के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने भारत की पकड़ मजबूत की।

    सबसे बड़ी बात रही ऋषभ पंत की आक्रामक पारी। उन्होंने 65 रनों की नाबाद पारी खेली और गिल के साथ 138 रनों की साझेदारी कर डाली। यह साझेदारी दूसरे दिन मैच का रुख तय कर सकती है। अगर यह जोड़ी टिक गई, तो भारत 500 के पार भी स्कोर कर सकता है और इंग्लैंड को दबाव में ला सकता है।

    जायसवाल बोले – हर पल का आनंद लिया ENG vs IND Test 1

    खेल खत्म होने के बाद यशस्वी जायसवाल ने कहा, “हमने बहुत अच्छा खेला और मैदान में गर्मी का मजा लिया। हाल के अभ्यास मैचों ने काफी मदद की। मैं खुद पर भरोसा रखता हूं, गेंद को देखो और खेलो, बस यही सोचा। गिल ने समझदारी से बैटिंग की और हम एक-दूसरे को बैक करते रहे।”

     

     

     

     

  • Leeds Test 2025 : शुभमन की कप्तानी में युवाओं की पहली परीक्षा वहीं आज, जहां 2002 में दादा की टीम ने अंग्रेजों को सिखाया था क्रिकेट

    Leeds Test 2025 : शुभमन की कप्तानी में युवाओं की पहली परीक्षा वहीं आज, जहां 2002 में दादा की टीम ने अंग्रेजों को सिखाया था क्रिकेट

    Leeds Test 2002 : 22 अगस्त 2002, हेडिंग्ले, लीड्स और अब 20 जून 2025 (Leeds Test 2025), फिर वही जगह, फिर वही टीम इंडिया, पर इस बार नए चेहरे, नया कप्तान, और एक नई शुरुआत। विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास के बाद टीम इंडिया पहली बार टेस्ट मैदान में उतरेगी, और वो भी उसी मैदान पर जहां 2002 में सौरभ गांगुली की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट की विदेशी ज़मीन पर सबसे बड़ी जीत लिखी गई थी।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के सन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। शुभमन गिल की अगुवाई में पहली बार भारत की युवा टेस्ट टीम मैदान में उतरेगी — और वो भी उसी ऐतिहासिक लीड्स (Leeds Test 2025) के हेडिंग्ले मैदान में, जहां आज से 23 साल पहले सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने न केवल इंग्लैंड को हराया था, बल्कि विदेशी धरती पर खुद को साबित करने की शुरुआत की थी। यह सिर्फ एक संयोग नहीं, एक प्रतीक है — एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को नेतृत्व सौंपे जाने का।

    दादा के फैसले से अंग्रेज, भारतीय खिलाड़ी भी चौक गए 

    22 अगस्त 2002 को लीड्स का आसमान बादलों से घिरा था, विकेट हरा-भरा और हवा में नमी — यानी हर पेसर का सपना। टॉस हुआ, गांगुली जीते, और सबको लगा कि भारत पहले गेंदबाज़ी करेगा। लेकिन दादा ने सभी को चौंका दिया — “We would love to bat first.” इयान बॉथम तक चौंक गए। उन्होंने दोबारा पूछा, “Are you sure you’re batting first?” जवाब आया — “Yes, we’re playing two spinners and want to bowl last.” इस फैसले को सुन हर कोई हैरान था, लेकिन यही वो साहस था, जिसने भारतीय क्रिकेट की दिशा बदल दी।

    संजय बांगड़ ने रख दी थी जीत की नींव 

    इस मैच (Leeds Test 2025) में वीरेंद्र सहवाग और संजय बांगर ने ओपनिंग की। सहवाग जल्दी आउट हुए, लेकिन बांगर ने 236 गेंदों तक टिककर 68 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली। उनके साथ राहुल द्रविड़ की चट्टान जैसी मौजूदगी थी। इन दोनों की 170 रनों की साझेदारी ने इंग्लैंड की बॉलिंग की धार कुंद कर दी। बांगर का यह योगदान भले ही आंकड़ों में छोटा लगे, लेकिन उस दिन वह टीम इंडिया के लिए दीवार साबित हुए। फिर आए सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने उसी लय को जारी रखते हुए ताबड़तोड़ रन बनाए और दिन के अंत तक द्रविड़ के साथ भारत को मज़बूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    त्रिमूर्ति ने जड़ दिया था शतक

    द्रविड़ ने 148 और सचिन ने शानदार 193 रन बनाए। फिर आए कप्तान गांगुली, जिन्होंने 128 रनों की आक्रामक पारी खेली। भारत ने पहली पारी में 8 विकेट पर 628 रन बनाकर पारी घोषित की। जवाब में इंग्लैंड पहली पारी में 273 पर और दूसरी पारी में 309 पर सिमट गया। कुंबले ने दोनों पारियों में मिलाकर 7 विकेट झटके, हरभजन ने 4, जहीर और आगरकर ने भी योगदान दिया। भारत ने ये टेस्ट एक पारी और 46 रन से जीता।

    आने वाले दशक का भारतीय क्रिकेट खड़ा हुआ

    यह सिर्फ एक जीत नहीं थी। यह वो पल था, जब भारत ने खुद को ‘घर के शेर’ से ‘विदेशी बाघ’ में बदलना शुरू किया। इस टीम में अनुभव था, आत्मविश्वास था और एक ऐसा कप्तान था जो डर को आंख दिखाना जानता था। द्रविड़ की दीवार, सचिन की क्लास, गांगुली की ठसक और कुंबले-भज्जी की स्पिन ने वह नींव रखी जिस पर आने वाले दशक का भारतीय क्रिकेट (Leeds Test 2025) खड़ा हुआ।

    अब युवा कप्तान की बारी Leeds Test 2025

    अब 2025 में वही ज़मीन, वही इंग्लैंड, और एक नई टीम इंडिया — जो विराट और रोहित जैसे किंवदंतियों के युग के बाद पहली बार मैदान पर उतरेगी। शुभमन गिल पहली बार टेस्ट (Leeds Test 2025) कप्तान होंगे, उनके साथ होंगे यशस्वी जायसवाल, सांई सुदर्शन, ऋषभ पंत, अभिमन्यु ईश्वरन, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्‌डी   जैसे युवा। यह वही मैदान है जहां गांगुली ने बोला था — “We want to bowl last” और अब गिल से पूछा जाएगा — “Are you ready to take the legacy forward?”

    लीड्स टेस्ट 2025 (Leeds Test 2025) सिर्फ एक मैच नहीं है — यह उस आत्मा का पुनर्जन्म है जो 2002 में पैदा हुई थी। क्या यह युवा टीम उस इतिहास को दोहराएगी? क्या बांगर की तरह कोई बल्लेबाज फिर दीवार बनेगा? क्या कुंबले की तरह कोई स्पिनर फिर जाल बिछाएगा? जवाब उसी मैदान पर मिलेगा — जहां दादा ने क्रिकेट को हिम्मत का नाम दिया था।