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Iran Khamenei Death : अमेरिका-इजराइल हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत, बेटी-दामाद, बहू-पोती भी मारी गईं

Israel Attack News : मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Iran Khamenei Death) की मौत को लेकर बड़े दावे सामने आए हैं। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों में खामेनेई के मारे जाने की खबर दी गई है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से नहीं हो सकी है, लेकिन घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

how israel-us killed Khamenei

रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले में खामेनेई (Iran Khamenei Death) के परिवार के कई सदस्य उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती के भी मारे जाने की बात कही जा रही है। घटना के बाद ईरान में 40 दिनों के राजकीय शोक और सात दिन की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा किए जाने की जानकारी सामने आई है।

IRGC ने जताया शोक

ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने बयान जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के हवाले से कहा गया कि देश ने एक महत्वपूर्ण नेता (Iran Khamenei Death)  खो दिया है और पूरा राष्ट्र शोक में डूबा हुआ है। साथ ही ईरानी सेना ने एक बड़े सैन्य अभियान शुरू करने की चेतावनी दी है। सेना का कहना है कि जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र के “कब्जे वाले इलाकों” और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।

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ट्रम्प ने किया था दावा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए खामेनेई (Iran Khamenei Death)  की मौत का दावा किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे क्रूर नेताओं में से एक थे और उनकी मौत को न्याय बताया। बताया जा रहा है कि शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई शहरों पर हवाई हमले किए, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।

इजरायल ने ईरान पर मिसाइल हमला

Iran Khamenei Death अयातुल्ला अली खामेनेई : एक नजर में

अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में हुआ था। वे ईरान की इस्लामी क्रांति के प्रमुख नेता रूहोल्लाह खोमैनी के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे।

1963 में शाह विरोधी भाषण देने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया था। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद वे सत्ता संरचना में तेजी से उभरे और क्रांतिकारी परिषद में शामिल हुए।

1981 में एक बम हमले में घायल होने के बाद भी उनकी राजनीतिक भूमिका मजबूत होती गई और उसी वर्ष वे ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने। 1989 में खोमैनी के निधन के बाद संविधान संशोधन कर उन्हें देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ नियुक्त किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का संरक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उनके शासन को कठोर बताते रहे हैं।

 

ईरान में भारी जनहानि

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार तेहरान और आसपास के इलाकों में हुए हमलों में अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत और 740 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। यह आंकड़ा ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी द्वारा जारी किया गया बताया जा रहा है।

रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए। हमलों में ईरान के लगभग 10 बड़े शहरों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।

ईरान का पलटवार

हमलों के जवाब में ईरान (Iran Khamenei Death) ने इजराइल समेत मध्य-पूर्व के कई देशों की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। ईरान ने इजराइल पर सैकड़ों मिसाइलें दागने का दावा किया, जबकि कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार दुबई के प्रमुख इलाकों के आसपास ड्रोन गतिविधियां देखी गईं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संकेतकों में भारी तनाव दर्ज किया गया है।

वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

मध्य-पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल खामेनेई (Iran Khamenei Death) की मौत को लेकर आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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