छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Vehicle Insurance : छत्तीसगढ़ में बिना बीमा दौड़ रही 40 लाख गाड़ियां

Chhattisgarh Vehicle Insurance छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में वाहन मालिक अब भी बिना बीमा के वाहन सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। प्रदेश में पंजीकृत लगभग 95.75 लाख वाहनों में से 40 लाख से अधिक वाहनों का बीमा नहीं है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इनमें 10 लाख से ज्यादा दोपहिया वाहन शामिल हैं।

WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 16.26.10
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.09
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07 (2)
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.07
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.06
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.35.08

परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों को समय रहते बीमा नवीनीकरण कराने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि दुर्घटना की स्थिति में बिना बीमा वाले वाहन मालिकों को न केवल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी भी उन्हें स्वयं वहन करनी पड़ेगी।

राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस के अनुसार देशभर में करीब 16.5 करोड़ वाहन बिना बीमा के संचालित हो रहे हैं, जो कुल पंजीकृत वाहनों का लगभग 44 से 54 प्रतिशत है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने नई गाड़ियों की बिक्री के समय चार वर्ष का बीमा पैकेज अनिवार्य किया है, जिसमें पहले वर्ष फर्स्ट पार्टी और अगले तीन वर्षों का थर्ड पार्टी बीमा शामिल रहता है।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16

समय पर बीमा नहीं कराया तो बढ़ सकती है मुश्किल

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अधिकांश वाहन मालिक वाहन खरीदते समय बीमा तो कराते हैं, लेकिन उसकी अवधि समाप्त होने के बाद नवीनीकरण नहीं कराते। यही लापरवाही भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बनती है। छत्तीसगढ़ वाहन बीमा (Chhattisgarh Vehicle Insurance) समय पर नहीं होने पर सड़क दुर्घटना, चोरी, आग या प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति में किसी भी प्रकार का बीमा लाभ नहीं मिलता।

WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.05
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (1)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.08
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.06 (2)
WhatsApp Image 2026-08-16 at 21.13.07 (2)

वाहन बीमा (Vehicle Insurance) समाप्त होने पर वाहन की मरम्मत और अन्य नुकसान का पूरा खर्च वाहन मालिक को स्वयं उठाना पड़ता है। वहीं मोटर बीमा (Motor Insurance) नहीं होने से कानूनी कार्रवाई का खतरा भी बना रहता है। इसी तरह थर्ड पार्टी बीमा (Third Party Insurance) नहीं होने पर किसी अन्य व्यक्ति को हुए नुकसान का मुआवजा भी वाहन मालिक को अपनी जेब से देना पड़ सकता है।

थर्ड पार्टी बीमा कराना कानूनन अनिवार्य

मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क पर चलने वाले प्रत्येक वाहन के लिए कम से कम थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। यदि किसी वाहन से दुर्घटना में दूसरे व्यक्ति की मृत्यु, चोट या संपत्ति का नुकसान होता है तो सामान्य स्थिति में मुआवजे की जिम्मेदारी बीमा कंपनी निभाती है। लेकिन यदि वाहन का थर्ड पार्टी बीमा नहीं है तो यह पूरा वित्तीय दायित्व सीधे वाहन मालिक पर आ जाता है। वहीं फर्स्ट पार्टी बीमा वाहन को हुए नुकसान की भरपाई में मदद करता है।

जुर्माना और सजा का प्रावधान Chhattisgarh Vehicle Insurance

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना बीमा वाहन चलाना मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है। पहली बार पकड़े जाने पर दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति बार-बार नियम तोड़ता है तो उस पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या तीन महीने तक की सजा का प्रावधान भी है।

विभाग ने बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान के लिए निगरानी बढ़ा दी है। शहरों में विशेष मोबाइल एप के माध्यम से वाहनों के बीमा, फिटनेस, पंजीयन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों में कमी मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश में वाहनों की स्थिति Chhattisgarh Vehicle Insurance

दोपहिया वाहन : 74.80 लाख
तीनपहिया वाहन : 1.26 लाख
कार : 4.42 लाख
कमर्शियल वाहन : 6.15 लाख
अन्य वाहन : 5.13 लाख
कुल पंजीकृत वाहन : 95,75,343
बिना बीमा वाले वाहन : 40 लाख से अधिक

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button