छत्तीसगढ़

Fake Matrimonial Sites  : फर्जी शादी के नाम पर ठगी का साम्राज्य ध्वस्त, 26 गिरफ्तार!

RAIGARH News : रायगढ़ जिले की साइबर पुलिस (Fake Matrimonial Sites) ने अब तक के सबसे बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए ‘शादी के नाम पर लूट’ मचाने वाले एक संगठित गिरोह को जड़ से उखाड़ फेंका है। दरोगापारा स्थित निधि परिवहन केंद्र और शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र की आड़ में चल रहे इस काले धंधे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मुख्य सरगनाओं समेत 26 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

दिखावा आरटीओ का, धंधा ठगी का

 रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में हुई इस सर्जिकल स्ट्राइक (Fake Matrimonial Sites) में पता चला कि ये केंद्र बाहर से तो लाइसेंस और आरटीओ संबंधी दस्तावेज बनाने का काम करते थे, लेकिन इनके भीतर का सच दहला देने वाला था।

अंदर अलग-अलग कमरों में हाई-टेक कॉल सेंटर संचालित थे, जहां युवतियों के माध्यम से देशभर के पुरुषों को फर्जी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल (शादी के विज्ञापनों) के जाल में फंसाया जाता था। वीडियो एडिटिंग और फोटोशॉप के जरिए फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती थी और फिर रजिस्ट्रेशन व मीटिंग के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी।

करोड़ों की वसूली, हजारों शिकार Fake Matrimonial Sites

पुलिस की जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

कुल शिकार : वर्ष 2022 से अब तक 7,693 निर्दोष लोग इस ठगी के जाल में फंसे।

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ठगी की राशि : आरोपियों ने अब तक करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की अवैध वसूली की।

जब्ती : मौके से 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर और कई शासकीय विभागों की फर्जी सील-मुहरें बरामद हुई हैं।

मास्टरमाइंड का काला चिट्ठा

ठगी (Fake Matrimonial Sites) के इस साम्राज्य का मुख्य आरोपी कपिल गर्ग है, जो पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ का काम करता था। आईडी निरस्त होने के बाद उसने हिमांशु मेहर और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस फर्जी नेटवर्क को खड़ा किया। ये लोग फर्जी जीमेल आईडी और यूट्यूब चैनलों का सहारा लेकर लोगों को शिकार बनाते थे।

पुलिस की चौतरफा घेराबंदी

एसएसपी शशि मोहन सिंह के साथ एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जब छापेमारी की, तो मौके पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के पुख्ता सबूत मिले।

प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए सभी 26 आरोपियों के विरुद्ध संगठित अपराध, धोखाधड़ी, कूट रचना (जालसाजी) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

 

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