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  • Cyber Awareness Campaign : 11 राज्यों से आईं 162 फिल्में, रायगढ़ पुलिस के अभियान ने 2 लाख लोगों को जोड़ा

    Cyber Awareness Campaign : 11 राज्यों से आईं 162 फिल्में, रायगढ़ पुलिस के अभियान ने 2 लाख लोगों को जोड़ा

    Cyber Awareness Campaign डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच जागरूकता को लेकर रायगढ़ पुलिस की पहल को देशभर से अच्छा प्रतिसाद मिला है। साइबर जागरूकता अभियान के तहत आयोजित लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्म प्रविष्टियां पहुंचीं। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में रूस से भी एक फिल्म की एंट्री मिली। सात सप्ताह चले अभियान के दौरान रायगढ़ जिले में करीब 2 लाख लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

    प्रतियोगिता का समापन एवं सम्मान समारोह 3 अक्टूबर को रायगढ़ के पूज्य संत बाबा प्रियदर्शी रामजी ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम में विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार साइबर अवेयरनेस फिल्म “The Cyber Trap” की स्क्रीनिंग भी की गई।

    युवाओं को बनाया जाएगा साइबर दूत

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधों की चुनौती भी बढ़ रही है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता डिजिटल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल खुद साइबर अपराधों से बचने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें साइबर जागरूकता के दूत (Cyber Awareness Campaign) बनकर परिवार, मित्रों और समाज के दूसरे लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।

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    AI के इस्तेमाल की भी सराहना

    दुर्ग सांसद विजय बघेल ने साइबर जागरूकता अभियान और तकनीक आधारित जनजागरूकता पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक का उपयोग जनहित और सुरक्षा के लिए किया जाए तो यह समाज को साइबर अपराधों से बचाने में प्रभावी माध्यम बन सकता है।

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    7 सप्ताह में 2 लाख तक पहुंच

    एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान (Cyber Awareness Campaign) चलाया गया। रायगढ़ जिले में सात सप्ताह के दौरान विभिन्न माध्यमों से करीब 2 लाख लोगों को अभियान से जोड़ा गया। इसी अभियान के तहत “संकल्प : साइबर क्राइम मुक्त छत्तीसगढ़” थीम पर लघु फिल्म प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं की रचनात्मकता के जरिए साइबर सुरक्षा का संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना था।

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    रूस से भी पहुंची फिल्म

    प्रतियोगिता में देश के 11 राज्यों के 35 जिलों से कुल 162 फिल्म प्रविष्टियां मिलीं। छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। वहीं रूस से भी एक फिल्म की प्रविष्टि पहुंची। प्रतियोगिता में रोटरी क्लब रायगढ़ का सहयोग रहा, जबकि प्रबंधन की जिम्मेदारी Take 3 Studios ने संभाली।

     

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    राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक निर्णायक

    प्रतियोगिता के मूल्यांकन के लिए फिल्म और कला जगत से जुड़े अनुभवी लोगों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। इसमें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त “भूलन: द मेज़” के निर्देशक मनोज वर्मा, फिल्मकार योगेंद्र चौबे और रंगकर्मी एवं फिल्म अभिनेता सुनील चिपड़े शामिल रहे। निर्णायकों के मुताबिक फिल्मों में रचनात्मकता और साइबर जागरूकता का प्रभावी मेल देखने को मिला। शीर्ष तीन फिल्मों का चयन करना भी चुनौतीपूर्ण रहा।

     

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    छह फिल्मों ने जीते पुरस्कार

    3 से 6 मिनट की श्रेणी में स्वपनिल कोटरीवार की “दूसर छोर” प्रथम, होमेन्द्र कुमार की “जरूरत” द्वितीय और प्रकाश पटेल की “गुपचुप ठेला” तृतीय रही। वहीं 1 से 3 मिनट की श्रेणी में दीपक जायसवाल की “एक्सेस लिंक” प्रथम, तुषार सोलंकी की “Dial 1930” द्वितीय और समीर चन्द्रा की “Golden Hour” तृतीय रही। दोनों श्रेणियों में विजेताओं को कुल ₹5.25 लाख की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। श्रेणी अ में क्रमशः ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार, जबकि श्रेणी ब में ₹75 हजार, ₹50 हजार और ₹25 हजार दिए गए।

     

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    ‘The Cyber Trap’ से जागरूकता संदेश

    रायगढ़ पुलिस की ओर से तैयार साइबर सुरक्षा फिल्म (Cyber Awareness Campaign) “The Cyber Trap” को प्रतियोगिता से अलग आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से बनाया गया है। फिल्म में एसएसपी शशि मोहन सिंह समेत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी नजर आए हैं। फिल्म की कहानी और निर्देशन ऋभू समर्थ सिंह ने किया है। पुलिस का उद्देश्य साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों को सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाना है।

     

     

     

  • सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा साइबर ठगी से बचाव के लिए की जा रही अपील

    सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा साइबर ठगी से बचाव के लिए की जा रही अपील

    30/08/2026 सारंगढ़ बिलाईगढ़ :-  साइबर जागृति अभियान के तहत् डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल सुरक्षा से जुड़ी मामलों में दी गई जानकारी। सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा साइबर ठगी से बचाव के लिए की जा रही अपील।

    आज जिले के करीब 17 जगहों में कार्यक्रम आयोजित कर, 3100 लोगों को जागरूक किया गया।

    बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा 30 अगस्त से 05 सितंबर 2026 तक “डिजिटल अरेस्ट एवं फर्जी कॉल से सुरक्षा” विषय पर विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

    इस अभियान के अंतर्गत जिले के वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवादात्मक का आयोजन कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट, पुलिस/CBI/ED अथवा अन्य शासकीय अधिकारी बनकर की जाने वाली फर्जी कॉल, वीडियो कॉल के माध्यम से डराने-धमकाने तथा साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

    साथ ही, पुलिस द्वारा नागरिकों को समझाइश दी जाएगी कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM/डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी, PIN, CVV, बैंक खाता विवरण, UPI PIN अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप डाउनलोड करने से भी बचें।

    सारंगढ़ बिलाईगढ़ पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किया जा रहा है कि पुलिस अथवा कोई भी जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती। यदि किसी व्यक्ति को इस प्रकार की धमकी या संदिग्ध कॉल प्राप्त होती है, तो तत्काल कॉल काटें, किसी प्रकार का भुगतान न करें और घटना की सूचना पुलिस को दें।

    साइबर ठगी का शिकार होने की स्थिति में नागरिकों से अपील की गई है कि वे तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा नजदीकी पुलिस थाना/साइबर सेल से संपर्क करें। समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि को रोकने एवं वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।