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  • PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation : खबर का असर! किसानों की आईडी लॉक मामले में जांच टीम गठित, वेंडर पर कार्रवाई की तैयारी

    PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation : खबर का असर! किसानों की आईडी लॉक मामले में जांच टीम गठित, वेंडर पर कार्रवाई की तैयारी

    Baramkela News : छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र में (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) पीएम सूर्य घर योजना को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक कार्रवाई का रूप ले लिया है। किसानों से दस्तावेज और ओटीपी लेकर रजिस्ट्रेशन करने और बाद में उनकी आईडी लॉक करने के आरोपों के बाद बिजली विभाग ने पूरे मामले में जांच शुरू कर दी है।

    मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि किसानों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच टीम गठित की गई है।

     

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    खबर के बाद हरकत में आया विभाग

    बरमकेला क्षेत्र के किसानों ने आरोप लगाया था कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत उन्हें सोलर किट दिलाने के नाम पर दस्तावेज और ओटीपी लेकर पंजीयन कराया गया। बाद में उन्हें मनचाही कंपनी की जगह दूसरी कंपनी का सोलर पैनल देने की बात कही गई और जब उन्होंने वेंडर बदलने की कोशिश की तो उनकी आईडी लॉक कर दी गई।

    किसानों की शिकायत पर राजधानी टाइम्स लगातार इस पर खबरें प्रकाशित की। इसके बाद बिजली विभाग ने मामले की जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) को आगे बढ़ाते हुए तत्काल संज्ञान लिया। विभाग का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

     

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    PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation जांच दल का गठन

    बिजली विभाग के डीई प्रकाश महानंदा के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इस टीम में एई जी.पी. सिदार और जेई अभिजीत सोनी को शामिल किया गया है। यह टीम बरमकेला क्षेत्र के गांवों में जाकर किसानों से बातचीत कर रही है और उनसे जुड़े दस्तावेजों तथा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि किसानों की आईडी किस परिस्थिति में लॉक हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    वेंडर और ग्राम सेवक की भूमिका पर सवाल

    किसानों ने आरोप लगाया है कि योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया। आरोप है कि वेंडर और ग्राम सेवक मिलकर किसानों से आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य दस्तावेज लेकर उनका रजिस्ट्रेशन कर रहे थे। इसके बाद जब किसानों ने दूसरी कंपनी का सोलर किट लगाने से इनकार किया तो उनकी आईडी लॉक कर दी गई। अब विभाग पूरे घटनाक्रम की जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) के तहत यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या वास्तव में किसानों को किसी प्रकार से फंसाया गया।

    PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation किसानों की शिकायतें दर्ज

    जांच टीम ने प्रभावित किसानों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। कई किसानों ने दावा किया कि उन्होंने योजना के तहत सोलर किट लगवाने की उम्मीद में अपने दस्तावेज और ओटीपी साझा किए थे। लेकिन बाद में जब उन्हें पता चला कि मनचाही कंपनी की जगह दूसरी कंपनी का पैनल लगाया जाएगा, तो उन्होंने वेंडर बदलने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी आईडी लॉक हो गई। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की शिकायतों के आधार पर जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) आगे बढ़ाई जा रही है।

    कार्रवाई की तैयारी

    बिजली विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित वेंडर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या किसी सरकारी कर्मचारी या स्थानीय स्तर के कर्मचारी की भूमिका इस मामले में रही है।

    अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जांच प्रक्रिया (PM Surya Ghar Yojana Scam Investigation) के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    किसानों को उम्मीद

    इस मामले में जांच शुरू होने के बाद किसानों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों का समाधान होगा। कई किसानों ने कहा कि वे केवल योजना का सही लाभ चाहते हैं और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अच्छी गुणवत्ता का सोलर किट लगवाना चाहते हैं। कमलापानी निवासी राजकुमार पटेल ने बताया कि उनके द्वारा टाटा कंपनी का सौर पैनल कराने के लिए पंजीयन कराया गया था, लेकिन वेंडर ने विक्रम कंपनी का कोटेशन भेज दिया। ऐसी स्थिति में उन्होंने वेंडर बदलनी चाही तो उनका रजिस्ट्रेशन आईडी लॉक कर दिया गया। अब वे योजना का लाभ लेने से वंचित हो गए।

    अब राजकुमार पटेल समेत अन्य किसानों का कहना है कि यदि इस तरह की गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी योजनाओं पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसलिए उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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    PM Surya Ghar Yojana Scam : किसानों से कागज-ओटीपी लेकर सोलर किट में खेल! अब अन्नदाता खोलेंगे मोर्चा

    छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला क्षेत्र में पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam)  को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। पहले किसानों ने योजना के नाम पर पंजीयन और वेंडर से जुड़ी गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे, वहीं अब मामला प्रशासन तक पहुंचने की तैयारी में है। किसानों का कहना है कि यह पूरा मामला पीएम सूर्य घर योजना के नाम पर उन्हें फंसाने और घटिया सोलर सामग्री थमाने से जुड़ा हुआ है।

    बरमकेला क्षेत्र के कई किसानों ने बताया कि वे सरकार की महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा योजना से जुड़कर अपने घर और खेतों के लिए बिजली की सुविधा पाना चाहते थे। इसी उम्मीद में उन्होंने योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) के नाम पर उनके साथ गलत तरीके से प्रक्रिया पूरी कराई गई।

    दस्तावेज और ओटीपी लेकर कराया गया पंजीयन

    किसानों के अनुसार कृषि विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों और संबंधित लोगों ने उनसे योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर सहित कई जरूरी दस्तावेज मांगे गए।

    किसानों का आरोप है कि इन दस्तावेजों के साथ-साथ मोबाइल पर आए ओटीपी भी उनसे ले लिए गए और उसी आधार पर उनका ऑनलाइन पंजीयन कर दिया गया। किसानों का कहना है कि उन्हें यह भरोसा दिलाया गया था कि योजना के तहत अच्छी कंपनी का सोलर पैनल लगाया जाएगा, लेकिन बाद में दूसरी कंपनी की सामग्री देने की बात कही गई। किसानों के मुताबिक यह पूरा मामला पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।

     

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    PM Surya Ghar Yojana Scam अधिकारियों ने नहीं सुनी किसानों की गुहार

    पीड़ित किसानों का कहना है कि जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि मनचाही कंपनी की जगह दूसरी कंपनी की सोलर किट दी जाएगी, तो उन्होंने कृषि विभाग से संपर्क करने की कोशिश की। किसानों ने बताया कि इस मामले को लेकर कृषि विभाग के एसएडीओ बसंत नायक को फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

    इसके बाद नाराज किसान कृषि विभाग के कार्यालय पहुंचे और मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराई। किसानों का आरोप है कि वहां भी उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि अधिकारी इस मामले की जिम्मेदारी जिला स्तर के अधिकारियों पर डाल रहे हैं। किसानों के अनुसार यह स्थिति पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) को लेकर संदेह और बढ़ा रही है।

    ब्रांडेड किट की जगह लोकल सामग्री देने का आरोप

    किसानों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि नामी कंपनी की सोलर किट लगाई जाएगी। लेकिन अब कथित रूप से स्थानीय और कम गुणवत्ता वाली सामग्री देने की तैयारी की जा रही है।

    किसानों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो यह उनके साथ आर्थिक और तकनीकी दोनों तरह से नुकसानदेह होगा। उनका आरोप है कि कुछ लोग मिलीभगत से ब्रांडेड किट की जगह लोकल और घटिया सोलर किट देकर लाभ कमाने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि यह सच है तो यह पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) का गंभीर मामला बन सकता है।

    PM Surya Ghar Yojana Scam की कलेक्टर से करेंगे शिकायत

    इस पूरे घटनाक्रम से किसानों में काफी नाराजगी है। अब बरमकेला क्षेत्र के किसान एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों ने कहा कि वे लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें अच्छी गुणवत्ता की सोलर किट और पारदर्शी प्रक्रिया नहीं दी गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए भी मजबूर हो सकते हैं।

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    किसानों का कहना है कि सरकार की योजना का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है, लेकिन यदि इस तरह के आरोप सामने आते रहे तो योजना पर लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है। इसलिए प्रशासन को जल्द से जल्द मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए, ताकि किसानों को न्याय मिल सके और पीएम सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar Yojana Scam) को लेकर फैल रही शंकाएं दूर हो सकें।