आखिरकार टूटा सब्र का बांध! स्टार तेज गेंदबाज शमी ने कर दिया क्रिकेट से संन्यास का ऐलान

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपने करियर को लेकर बड़ा फैसला कर लिया है। लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर चल रहे शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 6 नवंबर को सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा कर उन्होंने अपनी 13 साल की टेस्ट यात्रा पर विराम लगा दिया।

 

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हालांकि, क्रिकेट के मैदान से उनकी विदाई नहीं हुई है। शमी वनडे और टी-20 क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे। ऐसे में उनके प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि सफेद जर्सी में नजर नहीं आने वाले शमी अब भी भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद बनाए हुए हैं। शमी का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब वह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए हैं। चोटों ने भी उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को कई बार प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी सक्रियता बनाए रखी और अब टेस्ट प्रारूप से अलग होने का फैसला किया है।

 

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डेब्यू की तारीख पर ही टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा

मोहम्मद शमी के लिए 6 नवंबर की तारीख बेहद खास रही। इसी दिन 2013 में उन्होंने कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। संयोग देखिए कि ठीक 13 साल बाद इसी तारीख को उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। शमी ने अपने भावुक संदेश में लिखा कि जब पहली बार भारत की टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका एक ही सपना था कि देश के लिए कुछ कर दिखाएं। इसके बाद हर विकेट, हर संघर्ष, हर चोट और हर वापसी ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अपनी जिंदगी का बेहद खास हिस्सा बताते हुए साथ देने वाले साथियों, कोच, परिवार, बीसीसीआई और प्रशंसकों का आभार जताया।

64 टेस्ट, 229 विकेट और यादगार प्रदर्शन

मोहम्मद शमी का टेस्ट करियर आंकड़ों के लिहाज से भी शानदार रहा। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मुकाबले खेले और 27.71 की औसत से 229 विकेट हासिल किए। इस दौरान उन्होंने छह बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6 विकेट पर 56 रन रहा। नई गेंद से स्विंग और पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग हासिल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। विदेशी पिचों पर भी शमी ने कई बार अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया।

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दक्षिण अफ्रीका में गेंदबाजी से मचाया था तहलका

शमी के टेस्ट करियर के सबसे यादगार प्रदर्शनों में दक्षिण अफ्रीका का दौरा भी शामिल रहा। 2018 के जोहानिसबर्ग टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 28 रन देकर पांच विकेट झटके थे। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को मुकाबला जिताने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद अगले दक्षिण अफ्रीका दौरे पर सेंचुरियन में खेले गए पहले टेस्ट में भी उन्होंने आठ विकेट लेकर अपनी काबिलियत साबित की। तेज रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और मुश्किल परिस्थितियों में विकेट निकालने की क्षमता के कारण शमी विदेशी मैदानों पर भी भारतीय टीम के भरोसेमंद गेंदबाज रहे।

वनडे और टी-20 में जारी रहेगा सफर

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बावजूद मोहम्मद शमी ने क्रिकेट को पूरी तरह अलविदा नहीं कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह वनडे और टी-20 प्रारूप में खेलना जारी रखेंगे। उनका ध्यान अब सीमित ओवरों के क्रिकेट पर रहेगा और वह भारतीय टीम में दोबारा जगह बनाने का प्रयास करेंगे। शमी आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में भी खेलते रहेंगे। उन्होंने फिटनेस बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर घरेलू रेड बॉल क्रिकेट खेलने की संभावना भी जताई है। यानी टेस्ट क्रिकेट का अध्याय जरूर बंद हुआ है, लेकिन भारतीय जर्सी में वापसी की उनकी उम्मीद अभी बाकी है।

13 साल की यादों के साथ विदाई

मोहम्मद शमी का टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का अंत है। चोटों से जूझने, वापसी करने और विदेशी मैदानों पर शानदार प्रदर्शन करने तक उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 64 टेस्ट में 229 विकेट लेकर विदा हो रहे शमी के सामने अब सीमित ओवरों के क्रिकेट में खुद को फिर साबित करने की चुनौती होगी।

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