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Road Construction Quality : तीन दिन में सुधार नहीं तो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई तय

रायगढ़ जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर जिला प्रशासन ने अब पूरी तरह सख्त रुख अपना लिया है। (Road Construction Quality) को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने नगर पालिक निगम रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 42 सोनूमुड़ा में निर्माणाधीन बीटी सड़क का औचक निरीक्षण कर पूरे सिस्टम को चेतावनी दे दी है।

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लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर स्वयं मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य की बारीकी से जांच कराई। निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों ने ठेकेदार से लेकर विभागीय इंजीनियरों तक की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मौके पर उखड़ती दिखी नई सड़क, गुणवत्ता पर सवाल

राज्य शासन द्वारा 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से बन रही इस बीटी सड़क में (Road Construction Quality) की अनदेखी साफ नजर आई। निरीक्षण के दौरान यह प्रत्यक्ष रूप से देखा गया कि नई बनी सड़क की ऊपरी परत कई स्थानों पर उखड़ने लगी है। यह स्थिति उस सड़क की है, जिसे हाल ही में तैयार किया गया था। जांच में यह बात सामने आई कि ठेकेदार संजय केडिया की फर्म द्वारा निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। सड़क की सतह पर दरारें, उखड़ती परत और असमान लेयरिंग ने तकनीकी मानकों की खुली धज्जियां उड़ा दीं।

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पीडब्ल्यूडी और नगर निगम इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी और नगर निगम अधिकारियों की मौजूदगी में तकनीकी जांच कराई। जांच में (Road Construction Quality) से जुड़ी गंभीर कमियां प्रमाणित हुईं। कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया कि केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि निर्माण की निगरानी करने वाले इंजीनियर और अधिकारी भी इस लापरवाही के लिए समान रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने नगर निगम के कार्यपालन अभियंता को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि इतनी बड़ी खामी होने के बावजूद समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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तीन दिन का अल्टीमेटम, नहीं सुधरा काम तो ब्लैकलिस्ट

कलेक्टर ने स्पष्ट और दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि ठेकेदार को तीन दिवस के भीतर सड़क की सभी तकनीकी खामियों को दूर कर (Road Construction Quality) के अनुरूप कार्य को दुरुस्त करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय-सीमा में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। इसके साथ ही दोषी इंजीनियरों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो विभागीय जांच के साथ-साथ वित्तीय दंड की कार्रवाई भी होगी।

पीडब्ल्यूडी से अनिवार्य गुणवत्ता जांच के निर्देश

कलेक्टर ने निर्देशित किया कि बीटी सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच अनिवार्य रूप से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से कराई जाए। उन्होंने कहा कि (Road Construction Quality) से किसी भी प्रकार का समझौता अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में जिले में होने वाले सभी सड़क और निर्माण कार्यों की सतत निगरानी की जाएगी। जहां भी लापरवाही या घटिया कार्य सामने आएगा, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि विकास कार्य जनता के पैसों से होते हैं और इनमें गुणवत्ता सर्वोपरि है। (Road Construction Quality) से खिलवाड़ सीधे जनता के विश्वास से धोखा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि ठेकेदारों के दबाव में आकर या मिलीभगत कर घटिया काम को पास किया गया तो संबंधित अधिकारी भी कार्रवाई से नहीं बचेंगे।

Road Construction Quality प्रशासन का सख्त संदेश

इस निरीक्षण और सख्त चेतावनी के जरिए जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब रायगढ़ में कागजी प्रगति नहीं, बल्कि जमीन पर गुणवत्तापूर्ण काम ही स्वीकार होगा। (Road Construction Quality) को लेकर अपनाई गई यह सख्ती आने वाले समय में अन्य निर्माण एजेंसियों के लिए भी चेतावनी मानी जा रही है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

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