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Vedanta Power Plant Accident Sakti  : चीखें, लाशें और तबाही, वेदांता पावर प्लांट में फटा ‘मौत का बॉयलर’, 14 की मौत

Sakti Boiler Blast : छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में आज का दिन काले अक्षरों में दर्ज हो गया है। सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant Accident Sakti) ने एक ऐसी त्रासदी को जन्म दिया है, जिसने न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश को सुन्न कर दिया है। यहाँ एक विशालकाय बॉयलर के फटने से अब तक 14 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई श्रमिक अब भी जिंदगी के लिए वेंटिलेटर पर जंग लड़ रहे हैं। यह महज एक हादसा है या फिर नियमों की अनदेखी से की गई हत्या? इस सवाल ने अब तूल पकड़ लिया है।

धमाके से थर्राया इलाका Vedanta Power Plant Accident Sakti

घटना उस वक्त हुई जब प्लांट में शिफ्ट बदलने की तैयारी चल रही थी। अचानक हुए वेदांता पावर प्लांट (Vedanta Power Plant Accident Sakti) की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बॉयलर के लोहे के भारी-भरकम टुकड़े कई मीटर दूर जाकर गिरे। इस भीषण विस्फोट में 14 मजदूरों ने अपनी जान गंवा दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके के बाद वहां सिर्फ चीख-पुकार और धुएं का गुबार था। मलबे के नीचे दबे अपनों को खोजने के लिए परिजन घंटों भटकते रहे। इस (Vedanta Power Plant Accident Sakti) के बाद से ही क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है और आक्रोशित ग्रामीण प्रबंधन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख

इस भीषण हादसे (Vedanta Power Plant Accident Sakti) की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सक्ती के वेदांता पावर प्लांट में हुई जानमाल की हानि अत्यंत दुखद है। प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के त्वरित उपचार की कामना की। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया है। (Vedanta Power Plant Accident Sakti) के बाद प्रधानमंत्री की सक्रियता ने स्थानीय प्रशासन को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर ला दिया है।

35 लाख और सरकारी नौकरी

बढ़ते विरोध और परिजनों के गुस्से को शांत करने के लिए वेदांता प्रबंधन ने मुआवजे की घोषणा की है। कंपनी की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, प्रभावित परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने का वादा किया गया है। वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 15 लाख रुपये और मुफ्त उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। इस हादसे (Vedanta Power Plant Accident Sakti) की पीड़ितों के लिए राज्य सरकार ने भी 5 लाख रुपये के अतिरिक्त मुआवजे का ऐलान किया है। हालांकि, परिजनों का कहना है कि कोई भी कीमत उनके अपनों की जान वापस नहीं ला सकती।

औद्योगिक सुरक्षा और तकनीकी चूक पर बड़े सवाल

किसी भी पावर प्लांट में बॉयलर का फटना सुरक्षा मानकों की सबसे बड़ी विफलता मानी जाती है। (Vedanta Power Plant Accident Sakti) के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या बॉयलर का नियमित रखरखाव (Maintenance) किया जा रहा था? क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ? विशेषज्ञों के अनुसार, बॉयलर के भीतर दबाव का असंतुलन और तापमान का अनियंत्रित होना ही इस भयावह (Vedanta Power Plant Accident Sakti) का कारण बना है। प्रशासन ने अब टेक्निकल ऑडिट के आदेश दिए हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।

राजनीतिक सरगर्मी और कांग्रेस की जांच समिति

इस दुर्घटना (Vedanta Power Plant Accident Sakti) ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया है। यह दल मौके पर जाकर (Vedanta Power Plant Accident Sakti) के कारणों की पड़ताल करेगा और अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेगा। विपक्ष का आरोप है कि रसूख के दम पर सुरक्षा नियमों को ताक पर रखा गया, जिसकी कीमत गरीब मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।

 

 

 

 

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