PM Awas Yojana Delay : 1.5 साल से पक्के मकान की किस्त को तरस रही 68 वर्षीय गरीब विधवा, सुशासन तिहार मंच से न्याय की गुहार

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PM Awas Yojana Delay

Baramkela News : दावों और विज्ञापनों में चमकता ‘सुशासन’ (PM Awas Yojana Delay) धरातल पर आते ही किस तरह दम तोड़ देता है, इसका जीता-जागता और झकझोर देने वाला उदाहरण सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से सामने आया है। यहां ग्राम दुलमपुर (पोस्ट- बोन्दा, तहसील- बरमकेला) की रहने वाली एक 68 वर्षीय बेबस और अत्यंत गरीब विधवा महिला, तिरिथ कुंवर पटेल, पिछले डेढ़ साल से अपने आशियाने की बकाया राशि के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। भ्रष्टाचार और लालफीताशाही के दलदल में फंसी इस बुजुर्ग महिला ने अब थक-हारकर ‘सुशासन तिहार 2026’ के मंच से सीधे उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है और 7 दिनों के भीतर अपने हक के पैसे की मांग की है।

पहली किस्त मिली, मकान भी बना, भुगतान फिर भी रूका

जानकारी के अनुसार, तिरिथ कुंवर पटेल (पति स्व. रामचंद्र पटेल) का नाम बीपीएल सूची में शामिल है। उन्हें वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G ID – CH2482724) के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। योजना (PM Awas Yojana Delay) के नियमानुसार, 17 सितंबर 2024 को उनके छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक (शाखा बड़े नवापारा) के खाते में पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपये जारी किए गए थे। इस राशि का ईमानदारी से उपयोग करते हुए बुजुर्ग महिला ने जैसे-तैसे अपना मकान निर्माण पूर्ण कर लिया। इसके बाद 28 अक्टूबर 2024 को ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और आवासमित्र द्वारा मकान की बाकायदा ‘जियो-टैगिंग’ भी संपन्न कर दी गई।

(PM Awas Yojana Delay) 15 से अधिक बार भगाया

नियमतः जियो-टैगिंग के तुरंत बाद द्वितीय और तृतीय किस्त का भुगतान हो जाना चाहिए था, लेकिन विडंबना देखिए कि मकान पूरी तरह तैयार होने और जियो-टैगिंग के डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी आज तक इस गरीब महिला को एक ढेला नसीब नहीं हुआ। लाचार वृद्धा ने बताया कि वह अब तक जनपद पंचायत और जिला पंचायत कार्यालय के 15 से अधिक चक्कर काट चुकी है। हर बार साहब लोग “ऊपर से पैसा नहीं आया है” जैसा घिसा-पिटा और गैर-जिम्मेदाराना बहाना बनाकर उन्हें बैरंग लौटा देते हैं।

कर्ज के बोझ तले दबी बुजुर्ग महिला

पीड़ित महिला (PM Awas Yojana Delay) ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि वह एक विधवा हैं, उम्र के इस पड़ाव में शरीर साथ नहीं देता, जिसके कारण वह मजदूरी करने में भी पूरी तरह असमर्थ हैं। पहली किस्त मिलने के बाद सिर छुपाने की चाह में उन्होंने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर जैसे-तैसे मकान का काम पूरा करवाया था। अब कर्जदार लगातार पैसों का दबाव बना रहे हैं, और इधर सरकारी तंत्र कान में तेल डाले सोया हुआ है।

7 दिनों का दिया अल्टीमेटम PM Awas Yojana Delay

सरकारी तंत्र की इस संवेदनहीनता से तंग आकर तिरिथ कुंवर पटेल ने ‘सुशासन तिहार 2026’ (PM Awas Yojana Delay) के मंच पर अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए मांग की है कि उनके इस गंभीर प्रकरण को तत्काल निराकरण की श्रेणी में रखा जाए। उन्होंने हाथ जोड़कर करबद्ध प्रार्थना की है कि उनके खाते में रुकी हुई लंबित राशि का भुगतान अगले 7 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए। अब देखना यह है कि बड़ी-बड़ी बातें करने वाला प्रशासन इस बेबस मां को उसका हक दिला पाता है या सुशासन का यह नारा सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाता है।

 

 

 

 

 


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