Pulses and Oilseeds MSP : दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा समर्थन मूल्य, बाजार में भाव गिरने पर मिलेगी राहत
Pulses and Oilseeds MSP दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को बाजार में कीमतें गिरने पर होने वाले नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी की व्यवस्था की गई है। निर्धारित फसलों और पात्रता शर्तों के अनुसार होने वाली यह खरीदी किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने में मदद करती है। दलहन-तिलहन का समर्थन मूल्य (Pulses and Oilseeds MSP) किसानों को फसल बेचने के लिए बाजार के अलावा एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराता है।

धान के साथ दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलें अपनाने से किसानों को खेती में विविधता लाने और आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। इसके लिए फसल उत्पादन के साथ उपज बेचने की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी जरूरी है। सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत कृषि विभाग गांव-गांव तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीदी की प्रक्रिया से अवगत कराने का प्रयास कर रहा है।
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सरगुजा में कृषक मित्रों और किसानों को दी जानकारी
सरगुजा जिले के अंबिकापुर में मंगलवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कृषक मित्रों और किसानों को प्राइस सपोर्ट स्कीम के उद्देश्य, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी और सहकारी समितियों के माध्यम से उपज बेचने की प्रक्रिया समझाई गई। अधिकारियों ने पात्र किसानों तक दलहन-तिलहन समर्थन मूल्य योजना (Pulses and Oilseeds MSP) की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इसका लाभ ले सकें।
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बाजार में भाव गिरने पर मिलेगी राहत
प्राइस सपोर्ट स्कीम का उद्देश्य अधिसूचित दलहन और तिलहन फसलों की कीमतों में गिरावट आने पर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद करना है। इसके तहत निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज खरीदी की जाती है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलता है।
कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि दलहन-तिलहन की एमएसपी खरीदी (Pulses and Oilseeds MSP) का लाभ लेने के लिए संबंधित फसल, पंजीयन, पात्रता और खरीदी प्रक्रिया से जुड़े नियमों की जानकारी रखना जरूरी है। आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से उपज विक्रय की निर्धारित व्यवस्था के बारे में भी बताया गया। खरीदी का लाभ संबंधित फसल और लागू नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
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कृषक मित्र गांवों तक पहुंचाएंगे योजना की जानकारी
कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी जे. आलम ने कृषक मित्रों और किसानों को योजना के प्रावधानों, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कृषक मित्रों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को समर्थन मूल्य आधारित खरीदी व्यवस्था और उपज बेचने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक करें। इससे पात्र किसानों को समय पर जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
कृषक मित्रों को दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी (Pulses and Oilseeds MSP) से संबंधित जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने पात्रता, आवश्यक प्रक्रिया और सहकारी समितियों के माध्यम से उपज विक्रय के संबंध में भी जानकारी दी।
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दलहन-तिलहन की खेती से बढ़ेंगे विकल्प
कृषि विभाग किसानों को धान के साथ दलहन और तिलहन जैसी फसलें अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। फसल विविधीकरण से किसान अपनी जमीन, स्थानीय जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप फसलों का चयन कर सकते हैं। इससे एक ही फसल पर निर्भरता कम करने और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने की संभावनाएं बनती हैं।
पात्र फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था दलहन-तिलहन उत्पादकों (Pulses and Oilseeds MSP) को विपणन संबंधी जोखिम से राहत देने में मदद कर सकती है। हालांकि, किसानों को फसल का चयन करते समय उत्पादन लागत, स्थानीय बाजार और उपलब्ध संसाधनों का भी आकलन करना चाहिए।
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सेवा संकल्प अभियान से किसानों को जोड़ने की पहल
सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में कृषक मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। वे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और कृषि विभाग के बीच समन्वय स्थापित करते हैं और सरकारी योजनाओं, उन्नत कृषि पद्धतियों तथा नई तकनीकों की जानकारी पहुंचाने में सहयोग करते हैं।
कृषि विभाग की इस पहल के माध्यम से दलहन-तिलहन समर्थन मूल्य (Pulses and Oilseeds MSP) की जानकारी अधिक किसानों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पात्र किसान उपज विक्रय की निर्धारित प्रक्रिया समझ सकेंगे और फसल विविधीकरण के साथ अपनी कृषि आय को मजबूत बनाने के विकल्पों पर विचार कर सकेंगे।
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