Sarangarh Heritage Conservation : सारंगढ़-बिलाईगढ़ की ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत के संरक्षण की मांग, सरिता मल्होत्रा ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
Sarangarh Heritage Conservation छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव तथा सारंगढ़ नगर पालिका परिषद की पूर्व एल्डरमेन एवं पार्षद प्रत्याशी सरिता मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंचल की धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा समग्र विकास की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से अमलीपाली स्थित ऐतिहासिक श्रीराम शंकर मंदिर समेत क्षेत्र के प्रमुख स्थलों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने क्षेत्र की विरासत (Sarangarh Heritage Conservation) को पर्यटन विकास से जोड़ने की मांग भी रखी है।
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रियासतकालीन इतिहास और समृद्ध परंपरा
सरिता मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ का क्षेत्र इतिहास, आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं की दृष्टि से समृद्ध है। उन्होंने क्षेत्र के रियासतकालीन इतिहास का उल्लेख करते हुए गिरिविलास पैलेस जैसी ऐतिहासिक धरोहरों की ओर ध्यान आकर्षित किया। पत्र में स्वतंत्रता आंदोलन, किसान आंदोलन और जंगल सत्याग्रह में क्षेत्र के योगदान का भी उल्लेख किया गया है।
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अमलीपाली श्रीराम शंकर मंदिर पर विशेष जोर
पत्र में अमलीपाली के श्रीराम शंकर मंदिर को स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र बताते हुए इसके संरक्षण और रखरखाव की जरूरत बताई गई है। सरिता मल्होत्रा ने कहा कि उचित संरक्षण के अभाव में मंदिर अपनी पहचान खो रहा है। उन्होंने मंदिर के इतिहास और स्थापत्य के संरक्षण को लेकर (Sarangarh Heritage Conservation) के तहत विशेषज्ञों से अध्ययन कराने की मांग की है।
अंचल के अन्य धार्मिक स्थलों में करीब 800 वर्ष पुराना समलेश्वरी मंदिर, त्रिपुर सुंदरी काली मंदिर, नाथलदाई मंदिर, कौशलेश्वरी मंदिर, जेवरा दाई, गोपाल जी मंदिर, राम-जानकी झांकी मंदिर और खड़ेश्वर महादेव मंदिर का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा गोमर्डा अभ्यारण्य को भी क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
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पर्यटन सुविधाओं की कमी पर जताई चिंता
कांग्रेस प्रदेश सचिव ने पत्र में कहा कि इतनी समृद्ध ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत होने के बावजूद सारंगढ़ अंचल को राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पर्यटन मानचित्र पर अपेक्षित स्थान नहीं मिल पाया है। उन्होंने पर्यटन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी उल्लेख किया और क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की जरूरत बताई।
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Sarangarh Heritage Conservation विशेषज्ञों से सर्वे और दस्तावेजीकरण की मांग
सरिता मल्होत्रा ने अमलीपाली के श्रीराम शंकर मंदिर का विशेषज्ञों से स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने मंदिर के इतिहास, स्थापत्य और धार्मिक परंपराओं का दस्तावेजीकरण कराने का सुझाव दिया है, ताकि इसकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखा जा सके। यह पहल (Sarangarh Heritage Conservation) के तहत क्षेत्र की विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
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Sarangarh Heritage Conservation मंदिर परिसर में सुविधाएं विकसित करने का आग्रह
पत्र में मंदिर परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा, पहुंच मार्ग और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के बैठने के लिए समुचित व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है।
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धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए विशेष योजना
सरिता मल्होत्रा ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से विशेष समग्र योजना तैयार करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत (Sarangarh Heritage Conservation) को संरक्षित करने के साथ पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाए, जिससे क्षेत्र की पहचान और मजबूत हो सके।
सरिता मल्होत्रा ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार सारंगढ़-बिलाईगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए संरक्षण और विकास की दिशा में सकारात्मक पहल करेगी। उन्होंने पत्र के माध्यम से क्षेत्र की विरासत (Sarangarh Heritage Conservation) को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग रखी है।
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