Raigarh Airport Land Acquisition : रायगढ़ में एयरपोर्ट का रास्ता साफ! 477 करोड़ का प्रस्ताव भेजा, 4 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
रायगढ़ में नए एयरपोर्ट (Raigarh Airport Land Acquisition) की तैयारी फिर तेज हो गई है। लंबे समय से हवाई सेवा का इंतजार कर रहे लोगों के लिए यह बड़ी खबर है। एयरपोर्ट के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और भू-अर्जन, पुनर्वास तथा परिसंपत्तियों के मुआवजे के लिए 477 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। हालांकि किसानों की पुनर्वास संबंधी मांग के कारण परियोजना के सामने नया पेंच भी खड़ा हो गया है।
जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए आवश्यक जमीन का सर्वे और प्रभावित परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया पूरी की है। इसके बाद प्रभावित जमीन के लिए धारा 11 का प्रकाशन किया गया। चार गांवों में सामाजिक समाघात की प्रक्रिया भी पूरी की गई है। अब आपत्तियों के निराकरण के बाद भू-अर्जन की अगली कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। रायगढ़ एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण (Raigarh Airport Land Acquisition) को लेकर प्रशासन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
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477 करोड़ का भेजा प्रस्ताव
एयरपोर्ट के लिए प्रभावित निजी भूमि के भू-अर्जन और पुनर्वास पर करीब 477 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। इसी अनुमान के आधार पर जिला प्रशासन ने विमानन विभाग को राशि की मांग भेजी है। प्रस्ताव भेजने के साथ ही जमीन लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन की ओर से चारों प्रभावित गांवों की जमीन का सर्वे कर किसानों और परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी जुटाई गई है। इसके आधार पर मुआवजे और पुनर्वास की राशि का आकलन किया गया है। एयरपोर्ट निर्माण के लिए 477 करोड़ का प्रस्ताव (Raigarh Airport Land Acquisition) अब परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चार गांवों की जमीन प्रभावित
एयरपोर्ट के लिए कोड़ातराई, औरदा, बेलपाली और जकेला गांव की जमीन प्रभावित होगी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कोड़ातराई में 184 किसान और 53.90 हेक्टेयर जमीन, औरदा में 75 किसान और 26.54 हेक्टेयर जमीन प्रभावित है।
इसी तरह बेलपाली में 44 किसानों की 50.83 हेक्टेयर तथा जकेला में 132 किसानों की 86.82 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हो रही है। इस तरह चारों गांवों में बड़ी संख्या में किसान भू-अर्जन की प्रक्रिया से प्रभावित होंगे। चार गांवों में जमीन अधिग्रहण (Raigarh Airport Land Acquisition) की प्रक्रिया के कारण किसानों की नजर अब मुआवजे और पुनर्वास के प्रावधानों पर है।
रोजगार की मांग से बढ़ा पेंच
सामाजिक समाघात के दौरान प्रभावित किसानों ने पुनर्वास को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। किसानों की मांग है कि पुनर्वास के तहत केवल एकमुश्त राशि देने के बजाय प्रभावित परिवारों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जाए। हालांकि संबंधित अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि इस परियोजना में पुनर्वास के तहत रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान संभव नहीं है।
सामाजिक समाघात के दौरान सामने आई आपत्तियों से शासन को भी अवगत कराया गया है। अब इन आपत्तियों के निराकरण पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी। किसानों की पुनर्वास मांग और भू-अर्जन (Raigarh Airport Land Acquisition) के बीच प्रशासन को रास्ता निकालना होगा।
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अब आपत्तियों का होगा निराकरण
एसडीएम महेश शर्मा के अनुसार एयरपोर्ट के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सामाजिक समाघात के दौरान प्राप्त आपत्तियों का निराकरण किया जा रहा है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
रायगढ़ में लंबे समय से एयरपोर्ट की मांग और हवाई सेवा शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। अब 477 करोड़ रुपए के प्रस्ताव और जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू होने से उम्मीद बढ़ी है। हालांकि परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए भू-अर्जन और पुनर्वास की प्रक्रिया (Raigarh Airport Land Acquisition) को जल्द पूरा करना बड़ी चुनौती होगी।












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