छत्तीसगढ़

Principal Promotion Counseling : 845 प्राचार्यों का पदस्थापन तय, रायपुर में 20 अगस्त से शुरू प्रक्रिया

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने हाल ही में प्राचार्य (टी-संवर्ग) के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए हैं। इन पदोन्नत प्राचार्यों के पदांकन हेतु (Principal Promotion Counseling) का आयोजन 20 अगस्त से 23 अगस्त 2025 तक शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर रायपुर में किया जाएगा। इस प्रक्रिया में कुल 845 नव पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे।

काउंसिलिंग का समय प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से निर्धारित है। प्रत्येक दिन दो पालियों में काउंसिलिंग होगी—प्रथम पाली में 150 और द्वितीय पाली में 150, इस प्रकार प्रतिदिन 300 अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा। काउंसिलिंग की तिथि एवं समय की जानकारी पदोन्नत प्राचार्यों की सूची तथा रिक्त पदों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://eduportal-cg-nic-in/ पर उपलब्ध कराई गई है।

काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्राथमिकता का निर्धारण वरिष्ठता और नियमावली के आधार पर होगा। व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) और प्रधानपाठक (पूर्व माध्यमिक शाला) के पदोन्नति आदेश हेतु अनुपातिक सूची तैयार की गई है, जिसमें क्रम 2:1:1 रखा गया है। भर्ती और पदोन्नति नियमों के अनुसार व्याख्याता वर्ग को 65% (व्याख्याता 70% और व्याख्याता एल.बी. 30%) तथा प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला) को 25% आरक्षण दिया गया है। विशेष प्रावधान के तहत एक वर्ष से कम अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं दिव्यांग अभ्यर्थियों को सबसे पहले अवसर दिया जाएगा, उसके बाद महिला और फिर पुरुष वर्ग को वरिष्ठता के आधार पर मौका मिलेगा।

सभी प्राचार्यों को काउंसिलिंग में अपने वर्तमान संस्था प्रमुख से प्रमाणित सेवा प्रमाण पत्र, मूल पदस्थापना संबंधी जानकारी और शासन द्वारा मान्य फोटोयुक्त पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

काउंसिलिंग हेतु वेटिंग हॉल सेमिनार कक्ष क्रमांक 01 और काउंसिलिंग कक्ष क्रमांक 02 निर्धारित किए गए हैं। प्रवेश केवल अभ्यर्थियों को मिलेगा। जो प्राचार्य निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें अंतिम दिन 23 अगस्त को अवसर दिया जाएगा। काउंसिलिंग पूर्ण होने के बाद शासन द्वारा पदस्थापना आदेश जारी किए जाएंगे और आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर पदग्रहण करना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया (Principal Promotion Counseling) का अहम हिस्सा होगी।

 

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