कृषि समाचार

Baramkela Petrol-Diesel Crisis  : डीजल के लिए खेतों की जगह पेट्रोल पंपों पर किसानों की लग रही हाजिरी

Baramkela News : छत्तीसगढ़ में इस समय खेती-किसानी (Baramkela Petrol-Diesel Crisis) का सीजन चरम पर है, लेकिन रायगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ (बरमकेला) क्षेत्र के अन्नदाता इन दिनों खेतों में पसीना बहाने के बजाय पेट्रोल पंपों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। क्षेत्र के लोधिया, कटंगपाली, साल्हेओना, कुम्हारी और बरमकेला के पेट्रोल पंपों पर डीजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। सुबह होते ही किसान ट्रैक्टर और जरकिन (डब्बे) लेकर पंपों पर लाइन लगा रहे हैं, जिससे खेती का काम बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

खेतों को छोड़ पंप पर ‘हाजिरी’ दे रहे अन्नदाता

स्थानीय किसानों का कहना है कि इस समय फसलों की सिंचाई और जुताई के लिए डीजल (Baramkela Petrol-Diesel Crisis) की सबसे ज्यादा जरूरत है। लेकिन लोधिया, कटंगपाली, साल्हेओना, कुम्हारी और बरमकेला के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर डीजल की भारी किल्लत देखी जा रही है। कई बार घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में किसानों को अपने खेतों का काम बीच में ही रोककर, पूरा-पूरा दिन पेट्रोल पंपों पर हाजिरी देकर गुजारना पड़ रहा है।

ब्लैक मार्केटिंग और महंगे दामों की आशंका Baramkela Petrol-Diesel Crisis

पंपों पर डीजल (Baramkela Petrol-Diesel Crisis) की इस भारी किल्लत के कारण किसानों में भारी आक्रोश है। ग्रामीण इलाकों के किसानों का आरोप है कि डीजल की कमी के चलते कुछ जगहों पर ब्लैक मार्केटिंग (कालाबाजारी) का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे छोटे और गरीब किसानों को महंगे दामों पर डीजल खरीदने का डर सता रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इन क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर डीजल की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति तुरंत सुनिश्चित की जाए ताकि सीजन के समय उनकी फसलों को नुकसान न हो।

 

 

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