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Sariya 100 Bed Hospital : मंत्रियों ने चमकाया चेहरा, अगले ही दिन कचरे के ढेर में मिला विकास का पत्थर

Sariya News : सरकारी नुमाइंदों और नेताओं के लिए जनता की भावनाएं और विकास कार्य (Sariya 100 Bed Hospital) सिर्फ फोटो खिंचवाने का जरिया बनकर रह गए हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया नगर पंचायत में विकास के दावों की जो धज्जियां उड़ी हैं, उसने पूरे प्रशासन को शर्मसार कर दिया है। रविवार को तामझाम के साथ जिस सिविल अस्पताल का शिलान्यास किया गया, चौबीस घंटे बीतते-बीतते उसी सम्मान की पट्टिका को कचरे के ढेर में फेंक दिया गया। यह घटना न केवल घोर लापरवाही है, बल्कि उस जनता के भरोसे पर तमाचा है जिसके टैक्स के पैसे से ये आयोजन किए जाते हैं।

मंत्रियों की मौजूदगी, फिर भी ऐसी बेकद्री

रविवार का दिन था, मंच सजा था और स्वास्थ्य मंत्री से लेकर वित्त मंत्री तक जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के हसीन सपने दिखा रहे थे। 100 बिस्तर (Sariya 100 Bed Hospital) के इस अस्पताल को लेकर बड़े-बड़े भाषण दिए गए। लेकिन जैसे ही मंत्रियों की गाड़ियां रवाना हुईं और कैमरों की लाइट बंद हुई, वैसे ही असलियत सामने आ गई। जिस शिलापट्ट का अनावरण बड़े ही गर्व के साथ किया गया था, वह सोमवार को कूड़े-करकट के बीच लावारिस हालत में पड़ा मिला। आखिर विभाग के अधिकारी इतने अंधे कैसे हो सकते हैं कि उन्हें मंत्रियों के नाम वाला पत्थर ही कचरा लगने लगा?

फोटो खिंचवाई और भूल गए जिम्मेदार

इस घटना ने साफ कर दिया है कि शासन और प्रशासन के लिए शिलान्यास केवल प्रचार का एक स्टंट मात्र है। अगर जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि विकास को लेकर रत्ती भर भी गंभीर होते, तो कम से कम उस पत्थर की सुरक्षा का इंतजाम तो करते। यह लापरवाही बता रही है कि सरिया में अस्पताल (Sariya 100 Bed Hospital) का निर्माण किस नियत से होगा। जब काम शुरू होने से पहले ही सम्मान का यह हाल है, तो आने वाले समय में निर्माण की गुणवत्ता क्या होगी, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

जनता के विश्वास का सरेआम कत्ल

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक पत्थर नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र की उम्मीदों का अपमान है। नेताओं ने मंच से वाहवाही लूट ली, लेकिन अगले ही दिन उसी पत्थर को धूल और कचरे में झोंक (Sariya 100 Bed Hospital) दिया गया। क्या अफसरों की नजर में जनता इतनी मूर्ख है कि वह यह सब देखकर चुप रहेगी?

Sariya 100 Bed Hospital ठंडे बस्ते में जाएगी लापरवाही

सवाल खड़ा होता है कि इस बड़ी चूक के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है? क्या नगर पंचायत के अधिकारियों या लोक निर्माण विभाग पर कोई गाज गिरेगी या फिर हमेशा की तरह मामले को दबा दिया जाएगा? शिलापट्ट का कचरे में मिलना यह साबित करता है कि यहां विकास केवल कागजों और फोटो तक सीमित है। अगर प्रशासन ने तुरंत इस पर स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो जनता का यह गुस्सा सड़कों पर भी नजर आ सकता है।

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