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Kuno National Park : कुनो नेशनल पार्क में फिर गूंजी खुशखबरी, मादा चीता आशा ने 5 शावकों को दिया जन्म

कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। पार्क में मादा चीता आशा ने पाँच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस खुशखबरी के बाद कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 35 हो गई है। यह घटना न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।

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वन विभाग के अनुसार, यह भारत में जन्मे चीता शावकों की संख्या को 24 तक ले जाने वाली महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) का प्राकृतिक वातावरण, घास के मैदान, पर्याप्त शिकार और वैज्ञानिक निगरानी प्रणाली चीतों के अनुकूल सिद्ध हो रही है, जिसका सीधा असर उनके सुरक्षित प्रजनन पर दिखाई दे रहा है।

इस महत्वपूर्ण जानकारी को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से साझा किया। उन्होंने इसे राज्य के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए वन विभाग, फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों के निरंतर प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में चीता पुनर्स्थापना परियोजना अब स्थिरता की ओर बढ़ रही है, जो आने वाले वर्षों में भारत में चीतों की मजबूत आबादी का आधार बनेगी।

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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावकों और मादा चीता पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञ टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण, मूवमेंट मॉनिटरिंग और शिकार व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि शावकों का सुरक्षित विकास सुनिश्चित किया जा सके। कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में पहले से मौजूद 27 चीतों के बीच नए शावकों का सुरक्षित जन्म यह साबित करता है कि संरक्षण रणनीति सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

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विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पुनर्स्थापना परियोजना की सबसे बड़ी कसौटी प्राकृतिक प्रजनन होती है। कूनो में बार-बार शावकों का जन्म होना इस बात का संकेत है कि यहां का पारिस्थितिकी तंत्र चीता जैसे संवेदनशील और तेज़ शिकारी के लिए अनुकूल बन चुका है। यह उपलब्धि कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) को वैश्विक स्तर पर भी एक सफल संरक्षण मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।

 

Kuno National Park आठ और चीतों के आने की तैयारी

उल्लेखनीय है कि आगामी 28 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से आठ और चीतों को भारत लाने की योजना प्रस्तावित है। इनके आगमन के बाद कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में चीता आबादी और अधिक मजबूत होगी। नए शावकों के जन्म से पहले यह खबर सामने आना विशेषज्ञों के अनुसार अत्यंत सकारात्मक संकेत है।

वन्यजीव संरक्षण से जुड़े जानकारों का कहना है कि कूनो में चीतों की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि न केवल जैव विविधता को समृद्ध कर रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में इको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी बढ़ा रही है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

कुल मिलाकर, कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से आई यह खबर भारत में चीता पुनर्स्थापना परियोजना की सफलता की दिशा में एक और मजबूत कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में कूनो न केवल चीतों का सुरक्षित घर बनेगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश की पहचान को भी नई ऊंचाई देगा।

 

 

 

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