Dr.R.Patel’s urology & multispeciality Hospital Raigarh :- डॉ. आर. पटेल हॉस्पिटल के सर्जन्स का कमाल: एक ही मरीज में दो अलग-अलग हिस्सों में सिंक्रोनस कोलन कैंसर, जटिल सर्जरी से बचाई जान

Rajdhani times chhattisgarh Raigarh :-एक महीने से ‘कब्ज’ से परेशान मरीज की जांच में हुआ दुर्लभ खुलासा; डॉ. आर. पटेल हॉस्पिटल ने रचा इतिहास
रायगढ़ : चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अपनी सूक्ष्म दृष्टि और जटिल ऑपरेशनों के लिए विख्यात डॉ. आर. पटेल यूरोलॉजी एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने एक अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामले को सफलतापूर्वक सुलझाकर चिकित्सा जगत में अपनी छाप बनायी है। अब जटिल कैंसर सर्जरी और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बड़े मेट्रो शहरों के महंगे अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। गैस्ट्रो-सर्जन डॉ पुष्पेंद्र नायक एवं जनरल सर्जन डॉ अजय चौधरी और विशेषज्ञों की टीम ने एक ऐसे मरीज की सफल सर्जरी किया है, जिसकी बड़ी आंत में एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग स्थानों पर कैंसर की गांठें मौजूद थीं। जो बहुत ही दुर्लभ कैंसर होता है । जिसे Synchronous Colon Cancer के नाम से जाना जाता है ।
मरीज पिछले एक महीने से पेट दर्द और गंभीर कब्ज (Constipation) की समस्या से जूझ रहा था। पेट में मरोड़ और भोजन न पचने के कारण मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। प्राथमिक उपचार से राहत न मिलने पर जब परिजन उन्हें डॉ. आर. पटेल हॉस्पिटल लेकर आए, तो वहां के वरिष्ठ डॉक्टरों ने गहन जांच का निर्णय लिया। प्राथमिक जांच हुई तो मरीज की स्थिति को देखते हुए जब रेडियोलॉजी और गैस्ट्रो विभाग ने आधुनिक मशीनों के जरिए मरीज के कोलन (बड़ी आंत) की जांच की, तो परिणाम हैरान करने वाले थे। उसकी बड़ी आंत में दो अलग अलग जगहों पर गांठ थे और बायोप्सी के जरिये उन गाँठों में कैंसर की पुष्टि हुई । आमतौर पर कैंसर एक ही जगह विकसित होता है, लेकिन इस मामले में मरीज की आंत में दो अलग-अलग जगहों पर कैंसर के ट्यूमर विकसित हो चुके थे। चिकित्सा की भाषा में इसे अत्यंत दुर्लभ माना जाता है क्योंकि इसमें सर्जरी की जटिलता कई गुना बढ़ जाती है।
दो अलग-अलग कैंसर की गांठों को एक ही बार में सुरक्षित रूप से निकालना सर्जन्स के लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। मरीज का Hemicolectomy with sigmoidectomy सर्जरी करके दोनों ही कैंसर की गांठों को इस तरह निकाला गया कि स्वस्थ आंतों को कम से कम नुकसान हो।
एक महीने का संघर्ष समाप्त:
एक महीने से दर्द सह रहे मरीज को सर्जरी के बाद न केवल कैंसर से मुक्ति मिली, बल्कि उनकी पाचन प्रक्रिया भी सामान्य होने लगी है।
इस सफल ऑपरेशन पर अस्पताल के डॉ अजीत पटेल (संचालक) ने कहा: “यह केस हमारे लिए बहुत चुनौतीपूर्ण था क्योंकि दो अलग-अलग जगहों पर ट्यूमर होने के कारण सर्जरी का समय और रिस्क दोनों बढ़ जाता है । लेकिन हमारी टीम के सटीक समन्वय और आधुनिक सुविधाओं की वजह से हम इसे सफलतापूर्वक अंजाम दे सके। मरीज की रिकवरी बहुत अच्छी है।”
डॉ रूपेन्द्र पटेल (डायरेक्टर) ने कहा की मरीजों को बेहतर इलाज देना और उन्हें एक स्वस्थ कल देने का प्रयास हमेशा से हमारा रहा है । गैस्ट्रो सर्जन एवं टीम के विशेषज्ञ और सभी स्टाफ को सफल ऑपरेशन के लिए बधाई देता हूं ।