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ASP Suspension : स्पा सेंटर वालों से वसूली, एडिशनल एसपी निलंबित

Chhattisgarh Police Action : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक अहम कार्रवाई (ASP Suspension) सामने आई है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पदस्थ एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को बिलासपुर में पोस्टिंग के दौरान स्पा सेंटर संचालकों से अवैध वसूली के आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर की गई है, जिसे पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लेते हुए निलंबन आदेश जारी किया है।

जानकारी के अनुसार, एएसपी राजेंद्र जायसवाल (ASP Suspension) दिसंबर माह में बिलासपुर में पदस्थ रहे थे। उस दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा अलग-अलग स्पा सेंटरों में दबिश देकर जांच और कार्रवाई की गई थी। इसी कार्रवाई के कुछ दिनों बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें स्पा सेंटर संचालक और एएसपी राजेंद्र जायसवाल के बीच बातचीत सुनी जा सकती है। वीडियो में नियमों के पालन को लेकर चेतावनी देने की बात सामने आती है, लेकिन इसी बातचीत को आधार बनाकर वसूली के आरोप लगाए गए हैं।

स्पा संचालक लोकेश सेन ने पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई कि वे दो स्थानों पर स्पा सेंटर संचालित करते हैं और पुलिस की ओर से हर महीने वसूली का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कारण के बार-बार जांच के नाम पर स्पा सेंटर में दबिश दी जाती है, जिससे उनके ग्राहक और व्यवसाय दोनों प्रभावित होते हैं। इस शिकायत और वायरल वीडियो के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासनिक कार्रवाई (ASP Suspension) की प्रक्रिया तेज हुई।

वीडियो वायरल होने के बाद आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने एसएसपी रजनेश सिंह को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए थे। जांच प्रक्रिया अभी चल ही रही थी कि इसी बीच पुलिस मुख्यालय से एडिशनल एसपी राजेंद्र जायसवाल को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया गया। यह फैसला विभागीय छवि और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया बताया जा रहा है।

ASP Suspension गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा

वहीं, एएसपी राजेंद्र जायसवाल का कहना है कि वायरल वीडियो दिसंबर महीने का है और स्पा संचालक किसी मामले को लेकर उनसे मिलने आए थे। बातचीत के दौरान केवल नियमों के तहत काम करने की चेतावनी दी गई थी, जिसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि सच्चाई सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस महकमे में अनुशासनात्मक संदेश (ASP Suspension) को और मजबूत किया है।

 

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