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Bhopal Bilaspur Express : बिलासपुर से भोपाल तक अब ‘ठंडी हवा का झोंका’, एसी-2 कोच से सफर होगा शानदार

Bhopal Bilaspur Express AC Coaches : बिलासपुर की सबसे पुरानी और लोकप्रिय ट्रेनों में से एक बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस (Bhopal Bilaspur Express) का सफर अब और अधिक आरामदायक होने जा रहा है। रेलवे ने पहली बार इस ट्रेन में एसी-2 कोच शामिल करने का निर्णय लिया है। यह नई सुविधा एक अगस्त से यात्रियों को उपलब्ध होगी, जिसकी आधिकारिक पुष्टि रेल प्रशासन द्वारा की जा चुकी है। साथ ही आरक्षण प्रणाली में भी आवश्यक अपडेट कर दिए गए हैं, जिससे यात्रियों को अग्रिम बुकिंग की सुविधा प्रदान की गई है।

यह ट्रेन बिलासपुर रेल मंडल के अंतर्गत संचालित होती है। अभी तक इस ट्रेन में केवल जनरल और स्लीपर कोच ही उपलब्ध थे, जिसके कारण वे यात्री जो एसी बोगी में सफर करना पसंद करते हैं, अक्सर इस ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं कराते थे। जबकि भोपाल सहित कटनी सेक्शन के कई प्रमुख स्टेशनों तक पहुंचने के लिए इस ट्रेन का समय काफी अनुकूल है।

यह ट्रेन (Bhopal Bilaspur Express) रात में बिलासपुर से रवाना होती है और अगली सुबह भोपाल पहुंचती है। इसी कारण अधिकतर यात्री ऐसी ट्रेनों को प्राथमिकता देते हैं जो रात के समय चलकर सुबह गंतव्य तक पहुंचा देती हैं। सामान्य दिनों में भी इस ट्रेन में भारी भीड़ देखी जाती है, लेकिन एसी कोच की गैरमौजूदगी के चलते एक बड़ा यात्री वर्ग इससे वंचित रह जाता था। एसी कोच की कमी के कारण रेलवे को राजस्व में भी नुकसान उठाना पड़ता था, जिसे अब दूर किया जा सकेगा।

दरअसल जनरल व स्लीपर के मुकाबले एसी कोच का किराया अधिक होता है। सुरक्षित व आरामदायक यात्रा करने वाले एसी कोच को पसंद करते हैं। कई बार रेल प्रशासन से इस ट्रेन में एसी कोच जोड़ने की मांग हो चुकी है। जिसे देखते हुए ही अब जाकर रेल प्रशासन ने यात्रियों की इस मांग पर स्वीकृति की मुहर लगाई है। इस एक्सप्रेस ट्रेन में पहली बार स्थायी रूप से एक वातानुकूलित एसी-2 श्रेणी के कोच जोड़े जा रहे हैं। यह सुविधा 18236 बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस में एक अगस्त व 18235 भोपाल-बिलासपुर एक्सप्रेस में तीन अगस्त से प्रभावी होगी।

(Bhopal Bilaspur Express) 10 साल पहले हटाई गई थी अंग्रेजों की बोगी

इस ट्रेन में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान अंग्रेज अफसरों की पसंदीदा और शाही सवारी रही प्रथम श्रेणी नॉन-एसी बोगी लगाई जाती थी। वर्ष 2015 में रेलवे ने इस डिब्बे को हटा दिया। इसके पीछे दो प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं एक, यह कोच समय के साथ प्रासंगिकता खो चुका था, और दूसरा, यात्री कम होने से रेलवे को राजस्व में घाटा हो रहा था।

कटनी सेक्शन में यह ट्रेन करीब 50 वर्षों से भी अधिक समय से चल रही है और इस कोच की अपनी एक अलग खासियत रही है। सफर के दौरान इसमें बैठने से ऐसा अनुभव होता था जैसे अंग्रेज अधिकारी किस तरह के ठाठ में यात्रा किया करते थे।

इस ट्रेन में जो प्रथम श्रेणी का कोच लगाया जाता था, वह भले ही एसी नहीं था, लेकिन उसका किराया एसी कोच से भी अधिक होता था। इसमें पुराने ढर्रे की वातानुकूलन प्रणाली थी। यह कोच भीड़ से दूर रहना पसंद करने वाले वीवीआईपी यात्रियों की पसंद था। 24 सीटों वाली इस बोगी में यात्रियों को केबिन की सुविधा दी जाती थी, जिससे यात्रा पूरी तरह निजी अनुभव देती थी।

(Bhopal Bilaspur Express) 11 कोच से चलती है ट्रेन

बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस वर्तमान में 11 कोच के साथ चलती है। जिनमें चार स्लीपर, पांच जनरल कोच और दो एसएलआर है। इस तरह यात्रियों के लिए केवल नौ कोच की सुविधा थी। एक अगस्त से इसमें 12 कोच हो जाएंगे। एसी कोच में 42 बर्थ होंगी।

थर्ड एसी की सुविधा भी मिलेगी

रेलवे का मानना है कि जैसे ही इस ट्रेन में एक एसी कोच जुड़ेंगे सफर करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। यात्रियों के बीच थर्ड एसी कोच की डिमांड भी आएगी। एसी-2 से एसी-3 का किराया कम होता है। इसे देखते हुए रेलवे ने अभी से इस ट्रेन में एक एसी-3 कोच जोड़ने का संकेत दे दिया है। हालांकि यह सुविधा कम से शुरू होगी, इस पर किसी तरह की घोषणा नहीं की गई है।

 

स्टेशन का नामएसी कोच किराया (₹)
भोपाल1,520
कटनी मुरवारा820
दमोह1,010
शहडोल720
अनूपपुर720
सागर1,195
बीना1,320

 

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