सारंगढ़ बिलाईगढ़

CM Helpline Fake Panchnama : नाली साफ किए बिना सचिव ने बनाया पंचनामा, दूसरे गांव के लोगों से कराए हस्ताक्षर

CM Helpline Fake Panchnama मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के दावों के बीच सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सरायपाली के आश्रित ग्राम जामछापर से शिकायत के निपटारे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई महीनों से जाम नाली की सफाई कराए बिना ही पंचायत सचिव ने सफाई होने का पंचनामा तैयार कर दिया।

यह भी पढ़ें : Arun Sao Injured : धार्मिक कार्यक्रम में डिप्टी सीएम अरुण साव चोटिल, सारे कार्यक्रम किए गए निरस्त

इतना ही नहीं, पंचनामे पर गांव के प्रभावित लोगों के बजाय दूसरे गांव के पांच लोगों के हस्ताक्षर कराकर उसे पोर्टल पर अपलोड कर दिया। शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद शिकायत दोबारा खुली, लेकिन आरोप है कि सचिव ने वही पुराना पंचनामा फिर अपलोड कर दिया। ग्रामीणों ने मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के इस कथित फर्जीवाड़े (CM Helpline Fake Panchnama) ने पोर्टल पर शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं।

यह भी पढ़ें :  Maruti Brezza Sales : मारुति की इस SUV की धूम, 15 लाख गाड़ियां बिकीं, शुरुआती कीमत 7.49 लाख

CM Helpline Fake Panchnama शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

मामला जनपद पंचायत बरमकेला के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरायपाली के आश्रित ग्राम जामछापर का है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई महीनों से नालियां जाम थीं। गंदा पानी जमा होने और जल निकासी बंद होने से लोगों को परेशानी हो रही थी। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव से कई बार सफाई कराने की मांग की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कबीरदास पटेल सहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत (CM Helpline Fake Panchnama) पर समय रहते वास्तविक कार्रवाई नहीं की गई।

WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16 (1)
WhatsApp Image 2026-07-14 at 21.10.16
Apex-hospital
IMG-20260923-WA0051

 

यह भी पढ़ें : India New Zealand Squad : अनुभवहीन गेंदबाजों के भरोसे टीम इंडिया, विश्व कप से पहले बढ़ सकती है मुश्किल

 

सफाई का दावा, पंचनामे पर दूसरे गांव के लोगों के हस्ताक्षर

शिकायत के निराकरण के लिए तैयार पंचनामे में कथित तौर पर लिखा गया कि वर्तमान में गंदे पानी का जमाव नहीं है और नाली की साफ-सफाई कर दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह दावा मौके की वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता था। उनका कहना है कि पंचनामे पर जामछापर के किसी प्रभावित निवासी के हस्ताक्षर नहीं हैं, बल्कि दूसरे गांव के पांच लोगों से हस्ताक्षर कराए गए। इस कथित फर्जी दस्तावेज (CM Helpline Fake Panchnama) को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, इसी दस्तावेज को पोर्टल पर अपलोड कर शिकायत बंद करा दी गई। इस मामले में पंचायत सचिव की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित सचिव का पक्ष सामने आना बाकी है।

 

यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Administrative Transfers : छत्तीसगढ़ में 23 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले, अपर कलेक्टर से डिप्टी कलेक्टर तक नई जिम्मेदारी

 

शिकायतकर्ता के फोन पर असंतोष जताने से दोबारा खुला मामला

शिकायत बंद होने के बाद मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से शिकायतकर्ता को फीडबैक और पुष्टि के लिए फोन आया। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर बताया कि नाली की सफाई नहीं हुई है। इसके बाद शिकायत दोबारा खोली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दोबारा आपत्ति दर्ज कराने के बावजूद सचिव ने पुराने पंचनामे को फिर से पोर्टल पर अपलोड कर दिया। शिकायत के दोबारा बंद किए जाने की कोशिश (CM Helpline Fake Panchnama) को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।

दूसरी बार पुष्टि के लिए फोन आने पर भी शिकायतकर्ता ने काम नहीं होने की बात कही। इसके बाद मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के निपटारे में वास्तविक काम के बजाय दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई दिखाने की कोशिश की गई।

 

यह भी पढ़ें : Kharsia Navratri Dandiya : खरसिया में नवरात्रि का उल्लास, बच्चों की डांडिया प्रस्तुति ने मोहा मन

 

16 सितंबर को कराई गई नाली की सफाई

ग्रामीणों के अनुसार, लगातार शिकायत और दो बार फोन पर असंतोष जताने के बाद पंचायत प्रशासन ने 16 सितंबर 2026 को मजदूर लगाकर नाली की सफाई कराई। उनका आरोप है कि यदि शुरुआत में ही शिकायत पर कार्रवाई कर दी जाती तो उन्हें महीनों तक गंदगी और जलभराव की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती। सफाई में हुई देरी और शिकायत के कथित गलत निराकरण (CM Helpline Fake Panchnama) की जांच की मांग अब भी उठ रही है।

 

यह भी पढ़ें : Hyundai Creta Sales : 11 साल में 15 लाख बिक्री, इस SUV कार की बादशाहत बरकरार, जानें क्या है खास

 

सचिव और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग

मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ और जनपद पंचायत बरमकेला के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से लिखित शिकायत कर कथित फर्जी पंचनामा तैयार करने, दूसरे गांव के लोगों के हस्ताक्षर कराने और पोर्टल पर गलत जानकारी अपलोड करने की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने दोषी पाए जाने वाले पंचायत सचिव और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासनिक जांच से ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायत में कथित फर्जीवाड़े (CM Helpline Fake Panchnama) की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री जनशिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निराकरण केवल कागजों में नहीं, बल्कि मौके पर किए गए काम के आधार पर होना चाहिए। मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

यह भी पढ़ें : Renault Duster Hybrid : 29 किमी प्रति लीटर माइलेज वाली एसयूवी की कल होगी एंट्री, क्रेटा-सिएरा की उड़ेगी नींद

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button