Elephant Herd Attack छत्तीसगढ़ के जंगलों से सामने आया हाथियों का यह दृश्य बेहद मार्मिक है। खेतों की फसल बचाने के लिए लगाए गए करंट की चपेट में एक नन्हे हाथी की मौत हो गई। इसके बाद 27 हाथियों का झुंड घटनास्थल के आसपास पहुंचा और रातभर चिंघाड़ता रहा।
शावक की मौत के बाद झुंड की बेचैनी ने ग्रामीणों को भी दहशत में डाल दिया। सरगुजा के उदयपुर वन परिक्षेत्र में हुई इस घटना के बाद शावक की मौत के बाद हाथियों की बेचैनी (Elephant Herd Attack) ने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया। वन विभाग ने जंगल से लगे गांवों को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा।
शावक की मौत से तड़पा झुंड
फसल बचाने के लिए खेत के आसपास लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आकर नन्हे हाथी की मौत हुई। घटना के बाद करीब 27 हाथियों का दल वहां पहुंच गया। झुंड ने पूरी रात इलाके में डेरा डाले रखा और लगातार चिंघाड़ने की आवाजें सुनाई देती रहीं।
नन्हे शावक के शव के आसपास मंडराता झुंड और रातभर आती चिंघाड़ की आवाजें ग्रामीणों के लिए बेहद भावुक और डरावना अनुभव बनीं। मां की ममता और शावक की मौत से जुड़ा यह मार्मिक दृश्य (Elephant Herd Attack) इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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Elephant Herd Attack गांवों में पसरी दहशत
हाथियों का दल महेशपुर उपकापारा इलाके के आसपास मौजूद रहा। झुंड की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों के लोगों को बाहर निकाला। ग्रामीणों को हाथियों के नजदीक नहीं जाने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। वन विभाग की निगरानी के बीच 27 हाथियों के झुंड का उत्पात (Elephant Herd Attack) ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। विभाग की टीमें लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
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पांच दिन में तीन मौत
छत्तीसगढ़ में पिछले पांच दिनों के भीतर हाथियों की मौत की तीन घटनाएं सामने आई हैं। इनमें दो मामलों में बिजली के तार की चपेट में आने की बात सामने आई है। वहीं एक घटना में तालाब में हाथी के बच्चे का शव मिला था। रायगढ़ के तमनार वन परिक्षेत्र में बुधवार को एक नन्हे हाथी का शव तालाब में मिला था। प्रारंभिक जांच में उसके झुंड द्वारा धकेले या रौंदे जाने के बाद पानी में गिरने और डूबने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होनी है।
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जंगल-खेत सीमा पर तार
जशपुर के दुलदुला वन परिक्षेत्र में शनिवार को एक नर हाथी की मौत बिजली के तार की चपेट में आने से हुई। वन विभाग के अनुसार जंगल और खेत की सीमा के करीब करीब डेढ़ किलोमीटर तक बिजली का तार लगाए जाने की बात सामने आई है। विभाग ने इसे वन्यजीवों के शिकार से जोड़कर भी जांच शुरू की है।
इन घटनाओं ने खेतों की सुरक्षा के लिए अवैध तरीके से बिजली के तार लगाने के गंभीर खतरे को सामने ला दिया है। एक ओर फसल बचाने की कोशिश में वन्यजीवों की जान जा रही है, वहीं दूसरी ओर शावक की मौत के बाद झुंड का आक्रामक व्यवहार (Elephant Herd Attack) इंसानी बस्तियों के लिए भी खतरा बढ़ा रहा है।

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मां की ममता का दर्द Elephant Herd Attack
नन्हे शावक की मौत के बाद घंटों तक घटनास्थल के आसपास हाथियों का झुंड मौजूद रहा। रातभर आती चिंघाड़ ने उस दर्दनाक घटना को और भी मार्मिक बना दिया। जंगल में रहने वाले इन विशाल जीवों के बीच मां और बच्चे का रिश्ता कितना गहरा होता है, यह दृश्य उसी की तस्वीर पेश करता है।
वन विभाग के सामने अब चुनौती दोहरी है। हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर लौटाना और साथ ही गांवों को किसी संभावित घटना से बचाना। शावक की मौत के बाद झुंड का यह उत्पात (Elephant Herd Attack) मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर तस्वीर भी सामने लाता है।
अंबिकापुर
हाथी जब बौखलाता है तब कितना खतरनाक होता है, देखिए वीडियो में।
दरअसल उदयपुर इलाके में करंट के चपेट में आने से एक हाथी शावक की मौत हो गई, उसके बाद 27 हाथियों के दल ने ख़ूब उत्पात मचाया
बताया जा रहा, महेशपुर के उपकापारा इलाके के आसपास हाथियों का दल मौजूद है
वनविभाग की… pic.twitter.com/XNUHI1EUP7— Anshuman Sharma (@anshuman_sunona) October 1, 2026












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