सारंगढ़ बिलाईगढ़

Sarangarh Four Lane Corridor : बसना-सारंगढ़ और सारंगढ़-रायगढ़ फोरलेन का काम शुरू कराने गडकरी को पत्र

Sarangarh Four Lane Corridor रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र से सारंगढ़-बिलाईगढ़ और बसना क्षेत्र को सीधे बेहतर सड़क कनेक्टिविटी देने वाली दो बड़ी सड़क परियोजनाओं का इंतजार अब लंबा होता जा रहा है। करीब 89 किलोमीटर लंबे बसना-सारंगढ़ और सारंगढ़-रायगढ़ फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण से कृषि उपज, औद्योगिक सामग्री और व्यापारिक माल की आवाजाही आसान हो सकती है। सड़क बनने से आवागमन का समय और परिवहन लागत घटने के साथ क्षेत्र में कारोबार और रोजगार के नए अवसर भी बनने की उम्मीद है।

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भारतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित इन दोनों मार्गों को क्षेत्र की आर्थिक और यातायात जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के नया जिला बनने के बाद बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत और बढ़ी है। प्रस्तावित (Sarangarh Four Lane Corridor) से रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र को सारंगढ़-बिलाईगढ़ और आसपास के इलाकों से जोड़ने में मदद मिल सकती है। इससे मौजूदा सड़कों पर यातायात का दबाव कम होने और सड़क सुरक्षा बेहतर होने की भी उम्मीद है।

 

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छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव एवं नगर पालिका परिषद सारंगढ़ की पूर्व एल्डरमेन सरिता मल्होत्रा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर दोनों परियोजनाओं का निर्माण जल्द शुरू कराने का आग्रह किया है। उन्होंने पत्र में भारत सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए सारंगढ़ (मानिकपुर)-रायगढ़ 56 किलोमीटर और बसना-सारंगढ़ (मानिकपुर) 33 किलोमीटर फीडर रूट का उल्लेख किया है। इन दोनों मार्गों को भारतमाला परियोजना में शामिल किया गया है।

 

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DPR की स्वीकृति के बाद निर्माण का इंतजार

पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ की सड़क परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान दोनों मार्गों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की स्वीकृति मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद अब परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाकर निर्माण शुरू कराने की मांग की गई है। (Sarangarh Four Lane Corridor) के लिए DPR के साथ भूमि अधिग्रहण, सर्वे और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को भी गति देने का आग्रह किया गया है।

कृषि और व्यापार को मिलेगी रफ्तार

फोरलेन बनने से क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सहूलियत मिल सकती है। वहीं औद्योगिक सामग्री और व्यापारिक माल के परिवहन में लगने वाला समय और लागत कम होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से नए उद्योग, व्यवसाय और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। पत्र में (Sarangarh Four Lane Corridor) को क्षेत्र के आर्थिक विकास से जोड़ते हुए जल्द आगे बढ़ाने की मांग की गई है।

Sarangarh Four Lane Corridor सड़क सुरक्षा पर भी जोर

वर्तमान मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने से दुर्घटनाओं का जोखिम घटने की उम्मीद जताई गई है। विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिल सकती है। रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र से सारंगढ़-बिलाईगढ़ और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने पर यह पूरा क्षेत्र परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बन सकता है।

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भूमि अधिग्रहण और स्वीकृतियां जल्द पूरी करने की मांग

सरिता मल्होत्रा ने केंद्रीय मंत्री से दोनों परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कराने का आग्रह किया है। पत्र में DPR, भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण संबंधी आवश्यक स्वीकृतियों, सर्वे और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने की मांग की गई है। यदि किसी तकनीकी या विभागीय बाधा के कारण काम रुका है तो उसका शीघ्र निराकरण कर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने का आग्रह किया गया है।

उन्होंने कहा है कि (Sarangarh Four Lane Corridor) का निर्माण शुरू होने से सारंगढ़-बिलाईगढ़ क्षेत्र की रायगढ़ से सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही कृषि, व्यापार, उद्योग और आम लोगों के आवागमन को भी इसका लाभ मिल सकता है। दोनों परियोजनाओं की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग पत्र के माध्यम से की गई है।

 

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