Jashpur Oil Palm Farming : जशपुर के खेतों में उगेगा कमाई का नया पेड़, ऑयल पाम पर सरकार दे रही कई तरह की मदद
Jashpur Oil Palm Farming जशपुर जिले में किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऑयल पाम की खेती (Jashpur Oil Palm Farming) को बढ़ावा दिया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम योजना के तहत जिले को 100 हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य मिला है। इसमें से 43 हेक्टेयर क्षेत्र में अब तक ऑयल पाम का रोपण हो चुका है। किसानों को खेती शुरू करने से लेकर पौधों के रखरखाव और सिंचाई तक विभिन्न मदों में अनुदान दिया जा रहा है।
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तीन विकासखंडों में आयोजित किए जा रहे मेगा प्लांटेशन कार्यक्रम
उद्यानिकी विभाग द्वारा अधिक से अधिक किसानों को ऑयल पाम की खेती (Jashpur Oil Palm Farming) से जोड़ने के लिए जिले में मेगा प्लांटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। घोलेंग विकासखंड जशपुर, भुरसाकोना विकासखंड बगीचा और टिकलीपारा विकासखंड फरसाबहार में आयोजित कार्यक्रमों में किसानों को ऑयल पाम की खेती की तकनीक, पौध रोपण, सिंचाई, रखरखाव और अंतर्वर्ती फसलों के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों के साथ उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे। विभाग का जोर जिले के शेष 57 हेक्टेयर लक्ष्य को पूरा करने पर है।
एक हेक्टेयर में लगाए जाएंगे 143 पौधे
योजना के तहत एक हेक्टेयर में 9×9 मीटर की दूरी पर 143 ऑयल पाम पौधे लगाए जाते हैं। उच्च गुणवत्तायुक्त आयातित पौध सामग्री की लागत की प्रतिपूर्ति के लिए किसानों को 29 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा।
इससे किसानों को शुरुआती चरण में पौध सामग्री पर होने वाले खर्च का बोझ कम करने में मदद मिलेगी। ऑयल पाम की खेती (Jashpur Oil Palm Farming) को जिले में लंबे समय के लिए आय का स्रोत बनाने के उद्देश्य से खेती के शुरुआती खर्चों में भी सहायता दी जा रही है।
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फेंसिंग और ड्रिप सिंचाई के लिए भी सहायता
ऑयल पाम के पौधों को सुरक्षित रखने के लिए फेंसिंग पर 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान का प्रावधान है। वहीं, खेत में बेहतर जल प्रबंधन के लिए ड्रिप सिंचाई पर 14,130 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिलेगी।

सफल बोरवेल के लिए भी किसानों को 50 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इससे ऑयल पाम की खेती (Jashpur Oil Palm Farming) के लिए सिंचाई व्यवस्था विकसित करने में किसानों को आर्थिक मदद मिलेगी।
Jashpur Oil Palm Farming पंप खरीदने पर भी मिलेगा अनुदान
दो हेक्टेयर या इससे अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम का रोपण करने वाले अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, लघु एवं सीमांत तथा महिला किसानों को डीजल या इलेक्ट्रिक पंप के लिए 10 हजार रुपये प्रति पंप अनुदान मिलेगा। अन्य हितग्राहियों के लिए यह सहायता आठ हजार रुपये प्रति पंप निर्धारित है।
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चार साल तक पौधों के रखरखाव में मिलेगी मदद
ऑयल पाम के पौधों के शुरुआती विकास के दौरान किसानों को रखरखाव के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी। पहले से चौथे वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है। इस राशि का उपयोग खाद, दवा, उर्वरक, गैप फिलिंग और सिंचाई जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। इससे पौधों की शुरुआती देखभाल का खर्च कम होगा और किसान फसल को बेहतर तरीके से विकसित कर सकेंगे।
पौधों के बीच अंतर्वर्ती फसल से अतिरिक्त कमाई
ऑयल पाम की खेती (Jashpur Oil Palm Farming) की खासियत यह है कि शुरुआती वर्षों में पौधों के बीच खाली जगह का उपयोग अंतर्वर्ती फसलों के लिए किया जा सकता है। इसके लिए भी पहले से चौथे वर्ष तक प्रत्येक वर्ष 5,250 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रावधान है। इस व्यवस्था से किसान ऑयल पाम के पौधों के साथ दूसरी फसल लेकर अतिरिक्त आय हासिल कर सकेंगे। यानी एक ही खेत से शुरुआती वर्षों में दोहरी आय का अवसर मिल सकता है।
100 हेक्टेयर लक्ष्य पूरा करने पर बढ़ेगा दायरा
जशपुर जिले में ऑयल पाम की खेती (Jashpur Oil Palm Farming) के लिए निर्धारित 100 हेक्टेयर लक्ष्य में से 43 हेक्टेयर में रोपण हो चुका है। अब उद्यानिकी विभाग शेष क्षेत्र में भी किसानों को योजना से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। पौध सामग्री, फेंसिंग, ड्रिप सिंचाई, बोरवेल, पंप, रखरखाव और अंतर्वर्ती खेती के लिए मिल रही सहायता को देखते हुए विभाग इसे किसानों के लिए दीर्घकालिक आय के विकल्प के रूप में आगे बढ़ा रहा है।











