Bilaspur North Bypass : 8 गांवों की 644 खसरों की जमीन पर रोक, खरीदी-बिक्री और बंटवारा रहेगा बंद
राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित बिलासपुर उत्तरी बाईपास (Bilaspur North Bypass) के निर्माण को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बाईपास के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली जमीन के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावी रहेगा। प्रतिबंध के दायरे में आठ गांवों की कुल 644 खसरों की भूमि शामिल है।
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20.921 किलोमीटर के एलाइनमेंट में आने वाली जमीन पर रोक
राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर प्रस्तावित उत्तरी बाईपास (Bilaspur North Bypass) का निर्माण चार लेन मार्ग के रूप में किया जाना है। इसके लिए किलोमीटर 0.000 से किलोमीटर 20.921 तक के एलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली भूमि पर प्रतिबंध लगाया गया है। प्रभावित भूमि के मालिक अब संबंधित जमीन का क्रय-विक्रय या विभाजन नहीं कर सकेंगे। प्रशासन के आदेश के अनुसार प्रस्तावित भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक यह रोक लागू रहेगी।
सेंदरी समेत आठ गांवों की 644 खसरों की जमीन शामिल
कलेक्टर के आदेश के अनुसार प्रतिबंध के दायरे में सेंदरी, रमतला, बिरकोना, नगोई, बिजोर, मोपका, दोमुहानी और ढेंका गांव शामिल हैं। इन आठ गांवों की कुल 644 खसरों की भूमि एलाइनमेंट (Bilaspur North Bypass) क्षेत्र में आ रही है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की प्रस्तावित परियोजना के लिए इन क्षेत्रों में भू-अधिग्रहण किया जाना है। इसी को देखते हुए संबंधित भूमि के अंतरण और विभाजन पर रोक लगाई गई है।
अवैध खरीद-बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक ने इन क्षेत्रों में भूमि के अवैध और अनधिकृत क्रय-विक्रय की आशंका जताते हुए प्रतिबंध लगाने का अनुरोध किया था।
प्रशासन का कहना है कि भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया के दौरान जमीन के अवैध अंतरण, बटांकन या छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजन से अधिग्रहण की लागत बढ़ सकती है। इससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ने के साथ परियोजना (Bilaspur North Bypass) के काम में भी देरी हो सकती है।
बंटवारे से बढ़ सकती है अधिग्रहण की जटिलता
भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान यदि जमीन का विभाजन या बटांकन होता रहा तो मुआवजे और अधिग्रहण से जुड़ी लागत में अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है। नए भूमि स्वामियों के जुड़ने से अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है।
इसी वजह से जमीन (Bilaspur North Bypass) के क्रय-विक्रय और विभाजन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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मूल भूमि स्वामियों के हितों की भी सुरक्षा
प्रशासन के अनुसार भूमि संबंधी प्रतिबंध का उद्देश्य अवैध खरीद-बिक्री रोकने के साथ मूल भूमि स्वामियों के हितों की रक्षा करना भी है। शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 14 अक्टूबर 2024 को जारी निर्देशों में भू-अर्जन प्रक्रिया के अधीन भूमि के अंतरण, बटांकन, व्यपवर्तन और क्रय-विक्रय को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए थे। इसी व्यवस्था के तहत भूमि (Bilaspur North Bypass) पर प्रतिबंध लगाया गया है।
चार लेन मार्ग से जुड़ेगा बिलासपुर
प्रस्तावित चार लेन मार्ग (Bilaspur North Bypass) राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर करीब 20.921 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने भूमि के अंतरण और विभाजन पर रोक लगाई है। अंतिम भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक अधिसूचना जारी होने तक प्रभावित आठ गांवों की 644 खसरों की जमीन पर यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
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