कृषि समाचार

Barbati Farming : मचान विधि से करें बरबटी की खेती, मिलेगा बंपर फायदा

सहारे पर चढ़ी बरबटी की बेलों ने बढ़ाया उत्पादन, कम मेहनत में मिली बेहतर गुणवत्ता और ज्यादा मुनाफा।

बरबटी की खेती (Barbati Farming) में अगर मचान विधि (Trellis Method) अपनाई जाए तो कम मेहनत में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता हासिल की जा सकती है। यही वजह है कि अब कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर इस तकनीक की ओर बढ़ रहे हैं। बेलों को मजबूत सहारा मिलने से फसल स्वस्थ रहती है, रोग कम लगते हैं और बाजार में बेहतर दाम भी मिलते हैं।

मचान विधि से बदली खेती की तस्वीर

वैज्ञानिक खेती (Barbati Farming) में मचान विधि तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस तकनीक में बरबटी की बेलों को ऊपर सहारा दिया जाता है, जिससे पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है। इसका सीधा असर उत्पादन और फलियों की गुणवत्ता पर पड़ता है। साथ ही तुड़ाई आसान होने से श्रम और समय दोनों की बचत होती है।

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महिला किसान ने बढ़ाया उत्पादन और मुनाफा

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम घुटरा की महिला किसान विमला दीदी ने प्रशिक्षण के बाद मचान विधि से बरबटी की खेती शुरू की। नई तकनीक अपनाने के बाद उनकी फसल पहले की तुलना में अधिक स्वस्थ हुई और लंबी, आकर्षक फलियां तैयार हुईं। अच्छी गुणवत्ता मिलने से बाजार में बेहतर कीमत मिली और खेती से होने वाली आय में भी बढ़ोतरी हुई।

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Barbati Farming कम लागत में ज्यादा फायदा

मचान विधि (Barbati Farming) का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बेलें जमीन पर नहीं फैलतीं, जिससे कीट और रोगों का खतरा कम रहता है। फसल की देखभाल और तुड़ाई भी आसान हो जाती है। इससे मजदूरी का खर्च घटता है और खेती पहले से अधिक लाभदायक बन जाती है।

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दूसरे किसानों के लिए बनी मिसाल

विमला दीदी का कहना है कि नई तकनीक अपनाने से उनकी खेती करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब कम संसाधनों में बेहतर उत्पादन मिल रहा है। उनकी सफलता को देखकर आसपास के कई किसान भी मचान विधि से बरबटी की खेती शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।

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