LPG Supply Crisis : एलपीजी संकट के बीच अतिरिक्त केरोसिन पर राज्यों का ठंडा रुख

Additional Kerosene Allocation : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एलपीजी (LPG Supply Crisis) आपूर्ति पर बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है। हालांकि, जमीनी स्तर पर इस योजना को लेकर राज्यों में उत्साह की कमी देखी जा रही है। हिमाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे क्षेत्रों ने स्पष्ट रूप से इस कोटे को लेने से मना कर दिया है।
घरों से गायब हुए स्टोव बने बड़ी बाधा
विशेषज्ञों के अनुसार, राज्यों की हिचकिचाहट का सबसे बड़ा कारण यह है कि पिछले एक दशक में ‘उज्ज्वला योजना’ और स्वच्छ ईंधन अभियानों के चलते लोगों के घरों से केरोसिन (LPG Supply Crisis) स्टोव लगभग खत्म हो चुके हैं। राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों ने 2017 में ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से केरोसिन हटा दिया था। अब अचानक केरोसिन मिलने पर उपभोक्ताओं के पास इसके इस्तेमाल का कोई साधन नहीं है।
वितरण और भविष्य की चिंता LPG Supply Crisis
केंद्र ने निर्देश दिया है कि यह वितरण प्रति जिला केवल दो स्थानों पर हो, जिसे राज्य प्रशासन व्यावहारिक नहीं मान रहे हैं। राज्यों को डर है कि यदि जनता ने फिर से स्टोव खरीद लिए और भविष्य में केरोसिन की नियमित सप्लाई बाधित हुई, तो यह एक नकारात्मक राजनीतिक कदम साबित हो सकता है। फिलहाल केवल 17 राज्यों ने ही इसके आवंटन के आदेश जारी किए हैं।
चरणबद्ध तरीके से खत्म हो रहा है केरोसिन
पिछले दस वर्षों में केरोसिन (LPG Supply Crisis) की खपत में भारी गिरावट आई है। वर्ष 2015-16 में जहाँ 86 लाख किलोलीटर केरोसिन आवंटित होता था, वहीं 2023-24 में यह घटकर मात्र 10.6 लाख किलोलीटर रह गया है। वर्तमान में देश के 21 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश पूरी तरह से ‘केरोसिन मुक्त’ घोषित हो चुके हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि यह आवंटन केवल एक अस्थायी व्यवस्था है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी के कारण इसका क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।