छत्तीसगढ़

Female Gaur Hunting Case : मादा गौर का शिकार, दो आरोपियों ने किया सरेंडर

Balodabazar Forest News : बलौदाबाजार जिले के अर्जुनी वन परिक्षेत्र में अक्टूबर माह में सामने आए मादा गौर शिकार (Female Gaur Hunting Case) प्रकरण में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे चार आरोपियों में से दो ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को जेल दाखिल कराया गया। वन विभाग की लगातार कार्रवाई में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।

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वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले में पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था। घटना के बाद से विभाग द्वारा आरोपियों की तलाश के लिए विशेष रणनीति बनाई गई थी। वन्यजीव अपराध की गंभीरता को देखते हुए लगातार निगरानी, विशेष गश्त और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया था। इसी दबाव के चलते फरार आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सके और अंततः (Female Gaur Hunting Case) में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना पड़ा।

आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों की पहचान जगदीश चौहान एवं अभिमन्यु चौहान, दोनों निवासी ग्राम बिलाड़ी के रूप में हुई है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों की भूमिका घटना में महत्वपूर्ण मानी जा रही थी और उनकी तलाश लंबे समय से जारी थी। विभाग की टीम लगातार संभावित ठिकानों पर निगरानी बनाए हुए थी, जिसके कारण आरोपियों पर कानूनी दबाव बढ़ा और उन्होंने स्वयं कोर्ट में सरेंडर किया। यह कार्रवाई (Female Gaur Hunting Case) की जांच में अहम कड़ी साबित हो रही है।

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उक्त प्रकरण में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अंतर्गत गंभीर अपराध दर्ज किया गया है, क्योंकि गौर संरक्षित वन्यजीव श्रेणी में शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों के शिकार को लेकर सरकार की नीति शून्य सहनशीलता की है और ऐसे मामलों में कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि (Female Gaur Hunting Case) में शामिल अन्य फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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Female Gaur Hunting Case  अवैध शिकार के बाद सक्रियता बढ़ी

वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वन्यजीव अपराधों पर नियंत्रण के लिए समुदाय की भागीदारी भी आवश्यक है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें ताकि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभाग की सक्रियता (Female Gaur Hunting Case) के बाद और अधिक बढ़ा दी गई है।

इस कार्रवाई में प्रशिक्षु सहायक वन संरक्षक गुलशन कुमार साहू, प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल रुपेश्वरी दीवान एवं डब्बू साहू सहित वन विभाग की टीम सक्रिय रूप से शामिल रही। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तक अभियान जारी रहेगा और (Female Gaur Hunting Case) में पूरी कानूनी प्रक्रिया सख्ती से पूरी की जाएगी।

 

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