Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 : सरकार का ऐलान! किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल पर मिलेगा 3,100, जानें कब से शुरू होगी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य सरकार ने इस सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। वहीं, किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है। इस बार खरीदी की तैयारी और जरूरी प्रक्रियाओं को लेकर किसानों को कुछ अहम बातों का ध्यान रखना होगा।
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इस बार लक्ष्य कितना बड़ा
राज्य सरकार ने इस सीजन में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल 140 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। यानी इस बार लक्ष्य में 20 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी की गई है। पिछले पांच साल में धान खरीदी का लक्ष्य (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026) 98 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 160 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस तरह लक्ष्य में 62 लाख मीट्रिक टन यानी करीब 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कब से शुरू होगी खरीदी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में धान खरीदी की तारीख का ऐलान किया। राज्य में धान खरीदी (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026) 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलेगी। किसानों को इसी अवधि के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना धान बेचने का अवसर मिलेगा।
Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 एक एकड़ में 21 क्विंटल
पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदे जाने की जानकारी दी गई है। धान बेचने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। खरीदी केंद्रों पर तय तारीख के अनुसार टोकन के माध्यम से धान की बिक्री की व्यवस्था रहेगी। धान खरीदी (Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026) से पहले किसानों को अपना पंजीयन और टोकन की स्थिति जांच लेनी चाहिए, ताकि खरीदी केंद्र पर किसी तरह की परेशानी न हो।
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Chhattisgarh Dhan Kharidi 2026 इन नियमों का रखें ध्यान
धान उपार्जन केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इसके अलावा धान की गुणवत्ता और नमी के निर्धारित मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। तय सीमा से ज्यादा नमी होने पर धान अस्वीकार किया जा सकता है। इसलिए किसानों को धान केंद्र तक ले जाने से पहले उसकी गुणवत्ता और नमी की जांच कर लेनी चाहिए।
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